जयपुर: नाइट क्लब, बार और फार्म हाउस पर सख्ती, 10 बजे बाद डीजे बंद; 12 बजे के बाद शराब बिक्री पर रोक
जयपुर: नाइट क्लब, बार और फार्म हाउस पर सख्ती, 10 बजे बाद डीजे बंद; 12 बजे के बाद शराब बिक्री पर रोक जयपुर में देर रात तक चलने वाली पार्टियों, तेज आवाज में डीजे और शराब सेवन को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने नाइट क्लब, बार, होटल…

सौजन्य से:- Amar Ujala
जयपुर: नाइट क्लब, बार और फार्म हाउस पर सख्ती, 10 बजे बाद डीजे बंद; 12 बजे के बाद शराब बिक्री पर रोक
जयपुर में देर रात तक चलने वाली पार्टियों, तेज आवाज में डीजे और शराब सेवन को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने नाइट क्लब, बार, होटल और फार्म हाउस समेत मनोरंजन स्थलों के लिए सख्त आदेश जारी किया है। आदेश के तहत रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों और रात 12 बजे के बाद शराब बिक्री पर रोक रहेगी।
विस्तार
जयपुर शहर में देर रात तक चलने वाली पार्टियों, तेज आवाज में डीजे और शराब सेवन से जुड़ी कानून-व्यवस्था की स्थितियों को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने नाइट क्लब, बार, होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, डिस्कोथेक, लॉजिंग हाउस, बोर्डिंग, ईटिंग हाउस और फार्म हाउस संचालकों के लिए सख्त आदेश जारी किया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी यह निषेधाज्ञा 30 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी और 28 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी, जब तक इसे इससे पहले निरस्त नहीं किया जाता।
आदेश अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था तथा कार्यपालक मजिस्ट्रेट प्रदीप मोहन शर्मा ने 29 सितंबर को जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि जयपुर महानगरीय संस्कृति की ओर बढ़ रहा है और होटल, रेस्टोरेंट, नाइट क्लब, बार, मॉल, डिस्कोथेक तथा फार्म हाउस में मनोरंजन संबंधी गतिविधियों का चलन बढ़ा है। इन स्थानों पर देर रात तक पार्टियां और तेज ध्वनि में डीजे या बैंड बजने से आसपास रहने वाले नागरिकों को परेशानी होने तथा अव्यवस्था की स्थिति बनने की बात कही गई है।
आदेश के मुताबिक ऐसे परिसरों के मैनेजर और संचालक अपने परिसर में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। इसके साथ ही रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। रात 12 बजे के बाद होटल या बार में शराब की बिक्री की गतिविधियां भी संचालित नहीं की जा सकेंगी।
पुलिस प्रशासन ने आदेश में कहा है कि सार्वजनिक मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों के नियंत्रण में एकरूपता की जरूरत है। अलग-अलग एजेंसियों और विभागों के बीच समन्वय के अभाव का संचालकों द्वारा अनुचित लाभ उठाए जाने की आशंका भी आदेश में व्यक्त की गई है। आदेश में अन्य राज्यों में ऐसी गतिविधियों के लिए लागू लाइसेंसिंग और नियामकीय व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया गया है।
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पुलिस के अनुसार, यह आदेश जनता की सुरक्षा, मानव जीवन और लोक-व्यवस्था की रक्षा तथा संभावित असुविधा, क्षति और जोखिम को रोकने के उद्देश्य से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। आदेश की व्यापक जानकारी के लिए इसे प्रेस के माध्यम से प्रचारित करने और पुलिस अधिकारियों तथा थानों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, कंपनी या संस्था के संचालन अथवा प्रबंधन से जुड़े लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडनीय अभियोग चलाने की बात कही गई है।
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