राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस पर हड़ताल जारी, परिवहन विभाग ने नई SOP जारी की
राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) को लेकर ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, परिवहन विभाग ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी की लेकिन ट्रांसपोर्ट संगठनों ने इसे अधूरा बताया

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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परिवहन विभाग ने VLTD पर नई SOP जारी की:मुख्यालय में बैठक हुई; ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल जारी, प्रदेश में 50 हजार ट्रकों के थमे हैं पहिए
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राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) को लेकर जारी ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच परिवहन विभाग ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। परिवहन मुख्यालय में सोमवार को विभाग के अधिकारियों और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद विभाग ने नई SOP जारी कर दी, लेकिन ट्रांसपोर्ट संगठनों ने इसे अधूरा बताते हुए हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।
ट्रांसपोर्ट संगठनों ने कहा- नई SOP में अधिक कंपनियों को VLTD उपलब्ध कराने की बात कही है, लेकिन यह साफ नहीं किया कि ये कंपनियां कब से काम शुरू करेंगी। वाहन मालिकों को डिवाइस कब तक मिल पाएंगी। ऐसे में उनकी मुख्य समस्या का समाधान अभी भी नहीं हुआ है।
बैठक के बाद जारी हुई नई SOP
परिवहन विभाग की नई SOP के अनुसार- अब राज्य में अधिकृत (ऑथराइज्ड) कंपनियों को VLTD उपलब्ध कराने की अनुमति दी जाएगी। विभाग का उद्देश्य वाहन मालिकों को ज्यादा विकल्प उपलब्ध कराना और डिवाइस की कमी को दूर करना है। SOP तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इसके तहत रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, PUC और परमिट जैसी प्रक्रियाओं में सक्रिय VLTD की व्यवस्था लागू रहेगी।
178 कंपनियां आएंगी, कब आएंगी यह नहीं बताया
VKI ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया- परिवहन मुख्यालय में हुई बैठक में विभाग ने नई SOP जारी कर दी। इसमें बताया गया कि अब 178 कंपनियों को VLTD के लिए अधिकृत किया जाएगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि ये कंपनियां कौन-कौन होंगी और कब से राजस्थान में डिवाइस उपलब्ध कराना शुरू करेंगी। इसी कारण ट्रांसपोर्ट संगठनों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।
उन्होंने बताया कि जब तक वाहन मालिकों को आसानी से डिवाइस नहीं मिलती, तब तक ट्रांसपोर्टरों की परेशानी खत्म नहीं होगी।
जयपुर में आज 5 हजार ट्रकों की लोडिंग नहीं हुई
जगदीश चौधरी ने बताया- हड़ताल के पहले दिन जयपुर में करीब 5 हजार ट्रकों की लोडिंग नहीं हो सकी। इसका सीधा असर माल परिवहन पर पड़ा है। यदि हड़ताल जारी रहती है तो आने वाले दिनों में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।
लगभग 50 हजार ट्रकों के पहिए थमे
ट्रांसपोर्ट संगठनों का दावा है कि VLTD और परमिट संबंधी दिक्कतों के कारण 30 से 35 हजार ट्रक राजस्थान के बाहर खड़े हैं। वहीं पूरे प्रदेश में प्रतिदिन करीब 15 से 20 हजार ट्रकों की लोडिंग होती है। संगठनों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो मंगलवार से माल ढुलाई व्यवस्था पर बड़ा असर दिखाई देने लगेगा।
हड़ताल रहेगी जारी
ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि वे VLTD के विरोध में नहीं हैं, बल्कि इसकी उपलब्धता और आसान व्यवस्था चाहते हैं। उनका कहना है कि नई SOP में कंपनियों की संख्या बढ़ाने की घोषणा तो की गई है, लेकिन जमीन पर व्यवस्था कब तक बनेगी। इस पर कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं दी गई है। इसी कारण फिलहाल अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुरेश पूनिया ने बताया- परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत पूरी तरह विफल रही। सरकार ने ट्रांसपोर्टरों की मुख्य मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया। उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया निराशाजनक है और ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी और प्रदेश में ट्रकों का चक्का जाम जारी रहेगा। संघर्ष समिति ने कहा कि आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।
राजस्थान परिवहन विभाग ने जारी की नई SOP
- पुराने और नए दोनों तरह के वाहनों में AIS-140 मानक का VLTD और पैनिक बटन लगाना जरूरी होगा।
- वाहन का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, PUC और परमिट का नवीनीकरण VLTD सक्रिय (एक्टिव) होने के बाद ही होगा।
- डिवाइस लगाने के बाद उसका पूरा डेटा राजस्थान के स्टेट VLTD पोर्टल से जोड़ा जाएगा, तभी उसे एक्टिव माना जाएगा।
- यदि कोई कंपनी तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलती है या मनमानी करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर उसे पोर्टल से हटाया भी जा सकता है।
- डिवाइस में कम से कम एक साल का एक्टिव सिम प्लान होना जरूरी होगा और सिम पोर्ट कराने की सुविधा भी देनी होगी।
- वाहन मालिकों की शिकायत दर्ज करने के लिए कंपनियों को हेल्पलाइन, मोबाइल नंबर और ई-मेल उपलब्ध कराना होगा।
- डिवाइस काम नहीं करने या निष्क्रिय (इनएक्टिव) होने पर फिटनेस और परमिट से जुड़ी कार्रवाई प्रभावित हो सकती है।
- पैनिक बटन दबाने पर सूचना सीधे इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम (ERSS/112) तक पहुंचेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
प्रदेशभर में हड़ताल का असर
राजस्थान में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), परमिट और ई-डिटेक्शन चालान को लेकर ट्रांसपोर्टर रविवार रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेशभर में करीब 50 हजार ट्रकों के पहिए थम गए हैं। अलवर में ट्रांसपोर्टर ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और बाजार की दुकानों को भी बंद कराया।
ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहा-सरकार ने नियम तो लागू कर दिए, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए जरूरी व्यवस्था नहीं की, जिसका खामियाजा वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है। जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन को प्रदेश के कई बड़े ट्रांसपोर्ट संगठनों का समर्थन मिला है। लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन (LTOA), जयपुर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन, विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, जयपुर परचून ट्रांसपोर्ट यूनियन और ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर एसोसिएशन सहित कई संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल से जुड़ी 3 PHOTOS…
राजस्थान की सीमा के बाहर खड़े हैं 30 से 35 हजार ट्रक
विश्वकर्मा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश चौधरी ने बताया- राजस्थान में कंपनियों के पास पर्याप्त संख्या में डिवाइस उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण प्रदेश के करीब 30 से 35 हजार ट्रक राज्य की सीमाओं से बाहर ही खड़े हैं।
यदि ये वाहन बिना जरूरी प्रक्रिया पूरी किए राजस्थान की सीमा में प्रवेश करते हैं, तो ई-डिटेक्शन कैमरों के जरिए इनके भारी-भरकम ऑनलाइन चालान कटने का खतरा है। इसके अलावा, डिवाइस के अभाव में इन ट्रकों के नेशनल परमिट और फिटनेस रिन्यूअल की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है।
‘हम नियम के खिलाफ नहीं, व्यवस्था ठीक करने की मांग कर रहे हैं’
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन का साफ कहना है कि वे सुरक्षा नियमों या तकनीक के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि सरकार की लचर व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। दूसरे राज्यों में बड़ी संख्या में कंपनियों को यह डिवाइस बेचने की अनुमति है, जबकि राजस्थान में केवल 17 कंपनियां ही अधिकृत हैं।
जो डिवाइस पहले करीब 3 हजार रुपए में मिल जाती थी, अब उसकी कमी का फायदा उठाकर वाहन मालिकों से 25 से 30 हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं। इससे ट्रांसपोर्टरों का खर्च कई गुना बढ़ गया है और डिवाइस न मिलने से वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो पा रहे हैं।
ट्रांसपोर्टरों की मांग है कि सरकार इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाए, अधिकृत वेंडर्स की संख्या बढ़ाए ताकि सभी वाहन मालिकों को आसानी से और उचित दाम पर डिवाइस मिल सके और उनके परमिट व फिटनेस का काम समय पर पूरा हो सके।
परमिट-टैक्स से बढ़ रही परेशानी
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि सरकार ने फिलहाल अस्थायी परमिट (TP) की व्यवस्था जारी रखी है, लेकिन इससे लंबी दूरी तक माल ढुलाई करने वाले ट्रकों की परेशानी कम नहीं होगी। यदि कोई ट्रक राजस्थान से केरल, चेन्नई, गुवाहाटी या अन्य राज्यों में जाता है, तो उसे अलग-अलग राज्यों का टैक्स देना पड़ता है। कई मामलों में टैक्स और परमिट का खर्च ही माल भाड़े के बराबर पहुंच जाता है। इसके साथ ही ई-डिटेक्शन चालानों का भी लगातार खतरा बना रहता है।
कब से लागू हुआ यह नियम? केंद्र सरकार ने सुरक्षा मानकों (AIS-140) के तहत व्यावसायिक श्रेणी के वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य किया था। इसके बाद राजस्थान परिवहन विभाग ने भी साल 2022 से इस व्यवस्था को प्रदेश में लागू करने की प्रक्रिया शुरू की। सरकार ने अधिकृत कंपनियों के माध्यम से वाहनों में डिवाइस लगाने और उसे परिवहन विभाग के मुख्य पोर्टल से जोड़ने की व्यवस्था की गई।
माल ढुलाई पर पड़ सकता है बड़ा असर
ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति का दावा है कि प्रदेशभर में करीब 10 हजार ट्रक इस हड़ताल में शामिल हैं। यदि सरकार और ट्रांसपोर्ट संगठनों के बीच जल्द सहमति नहीं बनी, तो प्रदेश में सीमेंट, स्टील, किराना, कृषि उपज और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति (सप्लाई) प्रभावित हो सकती है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि सरकार जल्द वार्ता कर इसका स्थायी समाधान निकाले, ताकि परिवहन व्यवस्था सामान्य हो सके।
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अलवर में भी थमे हजारों ट्रकों के पहिए:VLTD और परमिट को लेकर प्रदर्शन; बाजार की दुकानें भी कराईं बंद
अलवर जिले में सोमवार को हजारों ट्रकों का चक्का जाम रहा। राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर 'अलवर जिला ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन' ने भी इस हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया। व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) और नेशनल परमिट संबंधी समस्याओं के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। पढ़ें पूरी खबर
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