UP का साइबर केस रफा-दफा करने 800 KM दूर राजस्थान आए पुलिसकर्मी, ACB ने दबोचा
UP का साइबर केस रफा-दफा करने 800 KM दूर राजस्थान आए पुलिसकर्मी, ACB ने दबोचा ACB के मुताबिक, सीकर जिले के रहने वाले परिवादी के खिलाफ वर्ष 2024 में अयोध्या के साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई थी। इसी मामले में कार्रवा…

सौजन्य से:- Hindustan
UP का साइबर केस रफा-दफा करने 800 KM दूर राजस्थान आए पुलिसकर्मी, ACB ने दबोचा
ACB के मुताबिक, सीकर जिले के रहने वाले परिवादी के खिलाफ वर्ष 2024 में अयोध्या के साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई थी। इसी मामले में कार्रवाई नहीं करने और केस को रफा-दफा करने के नाम पर पुलिसकर्मियों की ओर से रिश्वत की मांग की गई थी।
राजस्थान के सीकर में अयोध्या से करीब 800 किलोमीटर दूर आए साइबर पुलिस के चार कर्मचारियों को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत के 2.80 लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अयोध्या साइबर पुलिस में दर्ज साइबर ठगी के एक मामले को रफा-दफा करने के नाम पर सीकर के युवक से रिश्वत मांगी गई थी। पुलिसकर्मी रकम लेने के लिए तीन दिन पहले सीकर पहुंचे थे और मंगलवार को पैसे लेकर अयोध्या लौट रहे थे। इसी दौरान ACB ने सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर रसीदपुरा टोल के पास उन्हें पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने ACB टीम की गाड़ी को टक्कर मारकर मौके से भागने की कोशिश भी की। हालांकि, टीम ने पीछा कर चारों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में अयोध्या साइबर पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और कॉन्स्टेबल गौरव, सोहन तथा पवन त्रिपाठी शामिल हैं। ACB टीम फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
3 दिन पहले सीकर आए थे, रकम लेकर लौट रहे थे
सीकर ACB के ASP विजय सिंह के अनुसार, परिवादी की शिकायत मिलने के बाद टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। चारों पुलिसकर्मी रिश्वत की रकम लेने के लिए करीब 800 किलोमीटर दूर अयोध्या से सीकर आए थे। वे करीब तीन दिन तक सीकर में रुके रहे। मंगलवार को 2.80 लाख रुपए लेकर वापस अयोध्या जा रहे थे।
ACB टीम को आरोपियों के रसीदपुरा टोल से गुजरने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर उन्हें रोक लिया। तलाशी और पूछताछ के दौरान आरोपियों के पास से 2.80 लाख रुपए बरामद हुए। रकम के बारे में पूछे जाने पर वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इसी दौरान आरोपियों ने अपनी कार से ACB की गाड़ी को टक्कर मार दी और भागने की कोशिश की। ACB टीम ने घेराबंदी कर चारों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया।
2024 में दर्ज हुई थी साइबर ठगी की शिकायत
ACB के मुताबिक, सीकर जिले के रहने वाले परिवादी के खिलाफ वर्ष 2024 में अयोध्या के साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज हुई थी। इसी मामले में कार्रवाई नहीं करने और केस को रफा-दफा करने के नाम पर पुलिसकर्मियों की ओर से रिश्वत की मांग की गई थी।
परिवादी का आरोप है कि पुलिसकर्मी पहले ही उससे 4 लाख रुपए ले चुके थे। इसके बाद मामले को खत्म करने के लिए दोबारा 4 लाख रुपए की मांग की गई। बातचीत के बाद 2.80 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने यह भी कहा था कि रकम अधिकारियों तक पहुंचाई जानी है।
परिवादी ने इसकी शिकायत ACB में कर दी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद ACB ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। इसके तहत पुलिसकर्मियों के सीकर पहुंचने और रिश्वत की रकम लेकर वापस लौटने तक टीम ने निगरानी रखी।
राजस्थान में दूर के राज्य से आए पुलिसकर्मियों की कार्रवाई चर्चा में
इस मामले में खास बात यह है कि रिश्वत लेने के लिए उत्तर प्रदेश की अयोध्या साइबर पुलिस के कर्मचारी राजस्थान के सीकर पहुंचे थे। अयोध्या से सीकर की दूरी करीब 800 किलोमीटर है। तीन दिन तक सीकर में रुकने के बाद जब आरोपी रिश्वत की रकम लेकर वापस लौट रहे थे, तब राजस्थान ACB ने उन्हें दबोच लिया।
ACB अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत की रकम किसके लिए मांगी गई थी और आरोपियों के साथ इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या अधिकारी भी शामिल था या नहीं। बरामद 2.80 लाख रुपए को भी जांच में साक्ष्य के तौर पर लिया गया है।
ACB अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ रिश्वत की पूरी कड़ी और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
लेखक के बारे में
Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)
सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।
सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।
शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।
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