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जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज के HOD डॉ. एन.एल. डिसानिया ने किया सुसाइड

जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज के HOD डॉ. एन.एल. डिसानिया ने किया सुसाइड डॉ. डिसानिया पिछले पांच-छह वर्षों से नियमित रूप से उनके साथ बैडमिंटन खेलते थे। बुधवार सुबह जब वह खेलने नहीं पहुंचे तो उन्होंने फोन किया। उस समय डॉ. डिसा…

Hindustan के अनुसार8 जुलाई 2026 को 01:19 pm बजे
जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज के HOD डॉ. एन.एल. डिसानिया ने किया सुसाइड

सौजन्य से:- Hindustan

जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज के HOD डॉ. एन.एल. डिसानिया ने किया सुसाइड

डॉ. डिसानिया पिछले पांच-छह वर्षों से नियमित रूप से उनके साथ बैडमिंटन खेलते थे। बुधवार सुबह जब वह खेलने नहीं पहुंचे तो उन्होंने फोन किया। उस समय डॉ. डिसानिया ने बताया था कि बेटी को एयरपोर्ट छोड़ने जाना है

राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज से बुधवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक साइंस विभाग के अध्यक्ष (HOD) और सीनियर प्रोफेसर डॉ. नंदलाल डिसानिया (58) ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना झोटवाड़ा थाना क्षेत्र के अग्रसेन नगर स्थित उनके आवास की है। सूचना मिलते ही पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में डॉक्टर और अस्पताल के अधिकारी मॉर्च्युरी पहुंच गए।

बेटा एयरपोर्ट छोड़ने गया था, लौटकर देखा तो पिता फंदे पर लटके मिले

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6 बजे डॉ. डिसानिया का बेटा अविनाश अपनी बहन को एयरपोर्ट छोड़ने गया था। परिवार के अन्य सदस्य एक शादी समारोह में गए हुए थे, जबकि डॉ. डिसानिया घर पर अकेले थे।

कुछ देर बाद जब बेटा वापस लौटा तो कमरे का दरवाजा खोलने पर डॉ. डिसानिया फंदे से लटके मिले। यह दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई।

निजी अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

परिजनों ने तुरंत उन्हें फंदे से नीचे उतारा और खातीपुरा स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद शव को एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया, जहां से पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन और कई वरिष्ठ डॉक्टर भी अस्पताल पहुंच गए।

मेडिकल बोर्ड कर रहा पोस्टमॉर्टम

डॉ. डिसानिया का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में किया गया है। बोर्ड में डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. ज्ञान प्रकाश गौड़ और डॉ. श्वेता गोयल शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों को डॉ. डिसानिया के हाथ और पीठ पर कुछ निशान दिखाई दिए हैं। हालांकि इन निशानों के संबंध में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

सुबह 6 बजे बेटी से हुई थी बात

डॉ. डिसानिया के करीबी मित्र माधव सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 6 बजे उनकी बेटी ने फोन किया था। उसे एसएमएस अस्पताल में कुछ जांच करवानी थी। इस पर डॉ. डिसानिया ने सुबह 9 बजे अस्पताल में मिलने की बात कही थी।

माधव सिंह के अनुसार, डॉ. डिसानिया पिछले पांच-छह वर्षों से नियमित रूप से उनके साथ बैडमिंटन खेलते थे। बुधवार सुबह जब वह खेलने नहीं पहुंचे तो उन्होंने फोन किया। उस समय डॉ. डिसानिया ने बताया था कि बेटी को एयरपोर्ट छोड़ने जाना है, इसलिए आज बैडमिंटन खेलने नहीं आ पाएंगे। कुछ ही घंटे बाद उनके आत्महत्या करने की खबर मिल गई।

30 साल तक दी सेवाएं, दामाद भी एसएमएस में न्यूरोसर्जन

डॉ. नंदलाल डिसानिया एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक साइंस विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष थे। उन्होंने करीब 30 वर्षों तक मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दीं। चिकित्सा और फोरेंसिक क्षेत्र में उनकी पहचान एक अनुभवी विशेषज्ञ के रूप में थी।

उनके परिवार में एक बेटा है, जो मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, जबकि दो बेटियां हैं। उनके दामाद डॉ. सुरेश चौधरी भी एसएमएस अस्पताल में न्यूरोसर्जन के पद पर कार्यरत हैं।

आर्थिक धोखाधड़ी के मामले से तनाव की चर्चा

सूत्रों और परिवार के करीबियों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले परिवार के एक सदस्य के खिलाफ आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। बताया जा रहा है कि इस मामले में चल रही कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर डॉ. डिसानिया लंबे समय से मानसिक तनाव में थे।

हालांकि पुलिस ने अभी तक आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। परिवार के सदस्य भी फिलहाल इस विषय पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

झोटवाड़ा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस परिजनों और अन्य लोगों के बयान दर्ज कर रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और परिजनों के बयान के आधार पर ही आत्महत्या के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

लेखक के बारे में

Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)

सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

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