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SKM-CTU का राजस्थान में विरोध प्रदर्शन, जयपुर- डूंगरपुर में रैली और जेल भरो आंदोलन

SKM-CTU का राजस्थान में विरोध प्रदर्शन, जयपुर- डूंगरपुर में रैली और जेल भरो आंदोलन किसान नेताओं ने कहा कि एमएसपी गारंटी, ऋण माफी और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को मुआवजा देने के वादे अबतक पूरे नहीं हुए. Published : A…

ETV Bharat के अनुसार10 अगस्त 2026 को 11:15 am बजे
SKM-CTU का राजस्थान में विरोध प्रदर्शन, जयपुर- डूंगरपुर में रैली और जेल भरो आंदोलन

सौजन्य से:- ETV Bharat

SKM-CTU का राजस्थान में विरोध प्रदर्शन, जयपुर- डूंगरपुर में रैली और जेल भरो आंदोलन

किसान नेताओं ने कहा कि एमएसपी गारंटी, ऋण माफी और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को मुआवजा देने के वादे अबतक पूरे नहीं हुए.

Published : August 10, 2026 at 4:21 PM IST

जयपुर: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (CTUs) के आह्वान पर सोमवार को केंद्र सरकार की कृषि, आर्थिक और सामाजिक नीतियों के खिलाफ जयपुर और डूंगरपुर सहित कई जिलें में प्रदर्शन किया गया. संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ता जयपुर के खासाकोठी चौराहे पर एकत्रित हुए और वहां से रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए जयपुर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे. कलेक्ट्रेट पर कार्यकर्ताओं ने काफी देर तक नारेबाजी की और जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. इधर, सीटू के नेतृत्व में अखिल भारतीय किसान सभा और श्रमिक संगठनों ने जेल भरो आंदोलन किया.

देशभर में विरोध, जयपुर में उमड़ी भीड़: अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव डॉ. संजय माधव ने बताया कि यह विरोध कार्यक्रम पूरे भारत में गांवों, पंचायतों, ब्लॉकों, जिलों और शहरों में आयोजित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य किसानों, कृषि श्रमिकों, औद्योगिक श्रमिकों, ग्रामीण मजदूरों, आदिवासियों, कर्मचारियों, युवाओं और महिलाओं की सामूहिक आवाज उठाना है.उन्होंने कहा कि कहीं जेल भरो आंदोलन, कहीं रेल रोको और कहीं रास्ता रोककर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया जा रहा है.

2021 के वादे अधूरे, किसान-मजदूर नाराज: डॉ. माधव ने कहा कि 2020-21 के किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून वापस लिए और माफी मांगी, लेकिन एमएसपी गारंटी, ऋण माफी, बिजली निजीकरण रोकने और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों को मुआवजा देने के लिखित वादे अब तक पूरे नहीं हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सभी श्रम कानून खत्म कर लेबर कोड बनाए और मनरेगा को कमजोर किया. ये सभी नीतियां किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों के खिलाफ हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार नीतियों में सुधार नहीं करती तो बड़ा आंदोलन होगा.

डूंगरपुर में भी प्रदर्शन: केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में सोमवार को डूंगरपुर में किसान और मजदूर सड़कों पर उतरे. सीटू के नेतृत्व में अखिल भारतीय किसान सभा और श्रमिक संगठनों ने जेल भरो आंदोलन किया. बादल महल से रैली शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची. वहां धरना देकर नारेबाजी की गई और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी दी. सीटू नेताओं ने बताया कि दिल्ली के तालकटोरा सम्मेलन के निर्णय पर यह आंदोलन देशभर में किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने 4 लेबर कोड वापस लेने, सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी देने और वनाधिकार कानून-2006 के लंबित पट्टे जल्द जारी करने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि नई श्रम नीतियां मजदूरों के अधिकार छीन रही हैं और राज्य सरकार आदिवासियों को जमीन से बेदखल कर रही है. चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो जिले में बड़ा आंदोलन होगा.

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