Rajasthan Weather: झालावाड़ में 12 इंच बारिश, कई गांव जलमग्न; कोटा में बाढ़ के हालात
जयपुर। नया मानसूनी तंत्र बनने के साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। जयपुर सहित करीब 15 शहरों में बारिश हुई। सोमवार को झालावाड़, कोटा, बूंदी और बांसवाड़ा में तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश…

सौजन्य से:- Panchjanya
जयपुर। नया मानसूनी तंत्र बनने के साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। जयपुर सहित करीब 15 शहरों में बारिश हुई। सोमवार को झालावाड़, कोटा, बूंदी और बांसवाड़ा में तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश झालावाड़ के सुनेल में 12 इंच दर्ज की गई। झालावाड़ के चार शहरों में 9 इंच से ज्यादा बारिश हुई। तेज बारिश के बाद झालावाड़ और कोटा में बाढ़ के हालात बन गए। प्रशासन ने बचाव राहत कार्य शुरू कर दिया है। झालावाड़ में कई गांव जलमग्न हो गए।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बांसवाड़ा, जयपुर, बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, टोंक, उदयपुर, प्रतापगढ़, चूरू सहित कुछ अन्य शहरों में बारिश हुई। जल संसाधन विभाग के अनुसार झालावाड़ के सुनेल में 300, बकानी में 270, पीरवा में 262, रायपुर में 220, झालरापाटन में 110, मनोहरथाना में 101, झालावाड़ शहर में 88, अकलेरा में 78 और गंगधर में 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। कोटा के दीगोद में 143, रामगंजमंडी में 136, सांगोद में 85, बूंदी के नैनवा व तालेड़ा में 65, बारां के अंता में 96 और बांसवाड़ा के दानपुर में 66 मिमी बारिश दर्ज की गई।
Weather Update: 11 अगस्त को जम्मू- कश्मीर में भारी बारिश की संभावना, अचानक बाढ़-भूस्खलन का खतरा
कालीसिंध और कोटा के नोनेरा ऐबरा बांध के गेट खोल दिए गए। बूंदी में बारिश के पानी में गाड़ियां बह गईं। कोटा के रामगंजमंडी में साढ़े तीन घंटे में तीन इंच से ज्यादा बारिश हुई। यहां दरा-झिरी झिलारा मार्ग पर पानी में भैंसें बह गईं। झालावाड़ में मनोहरथाना के झीकनी गांव स्थित सरकारी स्कूल में पानी घुस गया। स्कूल में मौजूद 30 से ज्यादा विद्यार्थियों को लोगों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। कोटा में राम जल सेतु लिंक परियोजना के नोनेरा ऐबरा बांध में जलस्तर 214.50 मीटर पहुंच गया। सोमवार दोपहर छह गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। झालावाड़ जिले में कालीखाड़ बांध तेज बारिश के बाद ओवरफ्लो हो गया। बांध पर छह इंच की चादर चल रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी व पूर्वी भागों में आगामी 2-3 दिन भारी बारिश हो सकती है। सोमवार को कम दबाव का क्षेत्र मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों व आसपास के क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है। मानसून ट्रफ लाइन आज बीकानेर, दतिया व कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसके असर से आगामी 2-3 दिन अधिकांश भागों में मानसून सक्रिय रहने तथा दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भागों में कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश की प्रबल संभावना है।
11 अगस्त को भी जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर तथा जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर संभाग व अजमेर संभाग में कहीं-कहीं भारी तथा एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश होने की संभावना है। 12-13 अगस्त को भारी बारिश की गतिविधियों में कमी होने तथा राज्य के कुछ भागों में हल्की-मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान और 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियों में तेजी से कमी होने तथा आगामी एक सप्ताह कमजोर मानसून परिस्थितियां रहने की संभावना है।
गर्मी और उमस के बीच जयपुर में आधा इंच बारिश
जयपुर में सोमवार को दिनभर हल्के बादल छाए रहे और बादलों के बीच से धूप खिली। दोपहर बाद अचानक काले घने बादल छाए और हवा के साथ तेज बारिश हुई। दो बार रुक-रुककर करीब 10 से 15 मिनट चली तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जयपुर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। हालांकि जयपुर के पारे में तीन डिग्री से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। इसके चलते आमजन को तेज गर्मी और उमस झेलनी पड़ी। जयपुर का अधिकतम तापमान 34.4 और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री दर्ज किया गया।
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