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Rajasthan : विधानसभा में सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, सड़क-शिक्षा से लेकर बजट घोषणाओं तक उठेंगे सवाल

Rajasthan : विधानसभा में सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, सड़क-शिक्षा से लेकर बजट घोषणाओं तक उठेंगे सवाल राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस सड़क, शिक्षा, बेरोजगारी, अधूरी बजट घोषणाओं और सरकारी योजनाओं के मुद्दे पर भाजप…

Amar Ujala के अनुसार19 अगस्त 2026 को 02:54 am बजे
Rajasthan : विधानसभा में सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, सड़क-शिक्षा से लेकर बजट घोषणाओं तक उठेंगे सवाल

सौजन्य से:- Amar Ujala

Rajasthan : विधानसभा में सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस, सड़क-शिक्षा से लेकर बजट घोषणाओं तक उठेंगे सवाल

राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस सड़क, शिक्षा, बेरोजगारी, अधूरी बजट घोषणाओं और सरकारी योजनाओं के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरेगी। UCC बिल भी निकाय चुनावों के बाद संभावित सत्र तक टलता नजर आ रहा है।

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विस्तार

राजस्थान विधानसभा का गुरुवार से शुरू होने जा रहा विशेष सत्र छोटा लेकिन हंगामेदार रहने वाला है। निकाय चुनावों को देखते हुए कांग्रेस इस सत्र में बीजेपी सरकार को चौतरफा घरने की तैयारी कर चुकी है। शिक्षा के मुद्दे पर सरकार लगातार बैकफुट पर नजर आ रही है ऐसे में इस सत्र में स्कूली शिक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। सत्र में कांग्रेस विधायक दल ने भाजपा सरकार को उसकी ढाई साल की कथित विफलताओं के मुद्दे पर घेरने की रणनीति तैयार की है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सरकार की नाकामियों को सदन में प्रमुखता से उठाने का फैसला किया गया। कांग्रेस का फोकस जर्जर सड़कें, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, अधूरी बजट घोषणाएं, बेरोजगारी और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर रहेगा।

जर्जर सड़कों और ट्रैफिक जाम पर सरकार से जवाब मांगेगी कांग्रेस

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश में सड़कों की स्थिति खराब है और जगह-जगह जानलेवा गड्ढे बने हुए हैं। शहरों में लगातार लग रहे जाम और बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर भी कांग्रेस सरकार को सदन में घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार विकास के दावों के बावजूद आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही है।

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शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों की बदहाली बड़ा मुद्दा

कांग्रेस विधायक दल सरकारी स्कूलों की स्थिति को भी प्रमुख मुद्दा बनाएगा। जूली ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 85 हजार स्कूल कक्ष खराब स्थिति में हैं, 3,768 स्कूल जर्जर घोषित किए जा चुके हैं और शिक्षा विभाग में करीब डेढ़ लाख पद खाली हैं। उन्होंने झालावाड़ में पिछले वर्ष गिरे स्कूल भवन का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि एक साल बाद भी उसका निर्माण क्यों नहीं हो पाया। कांग्रेस का आरोप है कि स्कूलों में फोटो और वीडियो बनाने पर पाबंदी लगाकर सरकार शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकना चाहती है। इन मुद्दों पर सदन में सरकार से जवाब मांगा जाएगा।

अटकी बजट घोषणाओं और विभागीय कामकाज पर भी घेराव

कांग्रेस का एक बड़ा हमला सरकार की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर होगा। जूली ने आरोप लगाया कि कई बजट घोषणाएं अभी तक अधर में हैं और सरकार के कई मंत्री अपने विभागों में प्रभावी काम नहीं कर पाए हैं। कांग्रेस सदन में विभागवार बजट घोषणाओं की स्थिति और उनकी प्रगति का हिसाब मांग सकती है।

'लखपति दीदी' के दावे पर भी सवाल

मुख्यमंत्री के 20 लाख महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के दावे को भी कांग्रेस सदन में मुद्दा बनाने की तैयारी में है। जूली ने सरकार से पूछा कि वास्तव में कितनी महिलाओं के खातों में एक-एक लाख रुपये की राशि पहुंची है। कांग्रेस इस योजना के दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर को लेकर सरकार से आंकड़े मांगने की तैयारी में है।

UCC पर भी रुख आक्रामक

समान नागरिक संहिता यानी UCC भी विधानसभा की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है। राज्य मंत्रिमंडल ने 13 अगस्त को UCC विधेयक को मंजूरी दी थी और इसे 20 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किए जाने की तैयारी की खबरें थीं।

हालांकि कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद सामने आए राजनीतिक संकेतों और निकाय चुनावों के बीच विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर जारी खींचतान से अब यह विधेयक मौजूदा सत्र में आगे बढ़ने के बजाय निकाय चुनावों के बाद संभावित अगले सत्र तक टलता नजर आ रहा है। विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल षष्ठम सत्र की अवधि 20 से 27 अगस्त तक दर्ज है, जबकि विपक्ष सत्र को ज्यादा दिन चलाने की मांग कर रहा है। ऐसे में UCC को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव सदन के बाहर भी जारी रहने के आसार हैं। कांग्रेस पहले ही UCC के मसौदे को सार्वजनिक किए जाने की मांग कर चुकी है।

सदन की अवधि को लेकर भी सरकार पर निशाना

टीकाराम जूली ने सरकार पर विधानसभा सत्र को सीमित रखने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जनता की समस्याओं पर चर्चा के लिए सदन को पर्याप्त समय मिलना चाहिए। कांग्रेस का तर्क है कि यदि सरकार अपने ढाई साल के कामकाज को लेकर आश्वस्त है तो उसे विपक्ष के सवालों का सामना करने से बचना नहीं चाहिए।

जूली ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों और अधूरी घोषणाओं से ध्यान भटकाने के लिए भावनात्मक मुद्दों का सहारा ले रही है। कांग्रेस का कहना है कि सदन में सरकार से विकास के दावों के बजाय धरातल पर हुए काम का हिसाब लिया जाएगा।

भाजपा की गुटबाजी को बनाएगी राजनीतिक हथियार

कांग्रेस विधायक दल भाजपा के अंदर कथित अंतर्विरोध और गुटबाजी को भी सदन के बाहर राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है। जूली ने मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के एसीबी से जुड़े बयानों और सरकार के खिलाफ उनके विरोध को भाजपा की आंतरिक कलह का उदाहरण बताया। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार के भीतर ही मंत्री और नेता एक-दूसरे के खिलाफ बयान दे रहे हैं, जबकि विपक्ष जनता के मुद्दों को लेकर एकजुट है।

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