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Rajasthan: अब कौन दिखाएगा स्कूलों की बदहाल स्थिति? सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर लगी रोक से पड़ेगा ये असर

राजस्थान शिक्षा निदेशालय ने एक आदेश जारी कर सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति मीडिया के प्रवेश, फोटो, वीडियो और इंटरव्यू पर पाबंदी लगा दी है। अब प्रधानाचार्य की मंजूरी के बाद ही प्रवेश मिलेगा। जयपुर: राजस्थान के सरकारी स्कू…

Navbharat Times के अनुसार17 अगस्त 2026 को 10:55 am बजे
Rajasthan: अब कौन दिखाएगा स्कूलों की बदहाल स्थिति? सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर लगी रोक से पड़ेगा ये असर

सौजन्य से:- Navbharat Times

राजस्थान शिक्षा निदेशालय ने एक आदेश जारी कर सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति मीडिया के प्रवेश, फोटो, वीडियो और इंटरव्यू पर पाबंदी लगा दी है। अब प्रधानाचार्य की मंजूरी के बाद ही प्रवेश मिलेगा।

जयपुर: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब मीडिया की एंट्री पर पाबंदी लगा दी गई है। शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में छुट्टी के दिन रविवार को आदेश जारी किया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश में मीडिया सहित किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई है। मीडिया द्वारा स्कूल परिसर में किसी भी प्रकार का फोटो लेने, वीडियो बनाने के साथ इंटरव्यू लेने और लाइव स्ट्रीम करने पर रोक लगा दी गई है। इस आदेश को लेकर मीडिया की स्वतंत्रता और स्कूलों में पारदर्शिता से जुड़े सवाल भी उठने लगे हैं।

फोटो, वीडियो, इंटरव्यू के लिए लेनी होगी परमिशन

अब फोटो, वीडियो, इंटरव्यू और लाइव करने से पहले अब प्रधानाध्यापक की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। सोचिए, क्या कोई प्रधानाध्यापक स्कूल की बदहाल स्थिति को फोटो लेने की अनुमति देगा। आदेश में यह भी लिखा गया है कि बाहरी व्यक्ति को प्रधानाचार्य की अनुमति के बाद ही विद्यालय परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। प्रत्येक आगंतुक की विजिटर रजिस्टर में एंट्री करना अनिवार्य होगा।

मंत्री जी अब स्कूलों की बदहाल स्थिति कौन दिखाएगा?

शिक्षा निदेशालय की ओर से यह आदेश जारी होने के बाद सवाल उठने लगे हैं। लोग कह रहे हैं कि अब स्कूलों की बदहाल स्थिति कौन दिखाएगा। प्रदेश के हजारों स्कूल भवन जर्जर हैं। पिछले साल झालावाड़ में सरकारी स्कूल के कमरे की छत गिर गई थी जिसमें 7 बच्चों की मौत हो गई थी और दो दर्जन से ज्यादा बच्चे घायल हो गए थे। इसके बाद प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल भवनों की जांच के आदेश हुए जिसमें 2558 स्कूल भवन जर्जर पाए गए। लोगों का कहना है कि अगर स्कूलों में मीडिया की पाबंदी रहेगी तो ऐसे जर्जर स्कूलों की रिपोर्टिंग कौन करेगा। स्कूलों की बदहाल स्थिति और सच को उजागर कौन करेगा।

मिड डे मील नहीं पहुंच रहा, कौन बताएगा?

प्रदेश के सैकड़ों स्कूल ऐसे हैं जहां पर समय पर मिड डे मील नहीं पहुंच पा रहा है। पिछले महीने जालोर जिले की कई स्कूलों से शिकायत आई थी कि स्कूलों में मिड डे मील नहीं पहुंच रहा जिससे स्कूलों में दूध और आवश्यक खाद्य सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय इन्द्रा कॉलोनी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जगन्नाथ रोड, बागरा और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चांदना सहित कई विद्यालयों में दूध की आपूर्ति नहीं होने की शिकायत की थी और अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी सुनवाई नहीं होने की बातें सामने आई थी। अब मीडिया पर रोक लगाई जाएगी तो ऐसे खबरें कैसे सामने आएंगी।

इस आदेश को लेकर शिक्षा विभाग का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य विद्यार्थियों की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्कूलों में अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाना है।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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