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Rajasthan: डीडवाना में आधी रात पुलिस की दस्तक, 14 दिन भूख हड़ताल पर रहे शुभम के घर पहुंची पुलिस; सियासत गरमाई

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Amar Ujala के अनुसार16 अगस्त 2026 को 05:56 am बजे
Rajasthan: डीडवाना में आधी रात पुलिस की दस्तक, 14 दिन भूख हड़ताल पर रहे शुभम के घर पहुंची पुलिस; सियासत गरमाई

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Rajasthan: डीडवाना में आधी रात पुलिस की दस्तक, 14 दिन भूख हड़ताल पर रहे शुभम के घर पहुंची पुलिस; सियासत गरमाई

Sun, 16 Aug 2026 09:22 AM IST

नागौर ब्यूरो

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडवाना-कुचामन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डीडवाना-कुचामन

Published by: नागौर ब्यूरो

Updated Sun, 16 Aug 2026 09:22 AM IST

सार

डीडवाना में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के प्रस्तावित दौरे से कुछ घंटे पहले पुलिस ने 14 दिन की भूख हड़ताल के बाद घर लौटे शुभम रेवाड़ के घर पहुंचकर उन्हें थाने ले जाने का प्रयास किया। पुलिस को उनके संभावित विरोध-प्रदर्शन की आशंका बताई जा रही है। शुभम ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

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विस्तार

डीडवाना-कुचामन जिला मुख्यालय पर रविवार को राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का दौरा प्रस्तावित है। राज्यपाल यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। लेकिन कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले डीडवाना में आधी रात पुलिस की कार्रवाई ने सियासी माहौल गरमा दिया है।

दरअसल, 14 दिन की भूख हड़ताल के बाद शुभम रेवाड़ अपने घर पहुंचे ही थे कि पुलिस उनके घर के बाहर पहुंच गई। रात करीब 12 बजे पुलिस ने उनके घर का घेराव कर उन्हें थाने ले जाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि पुलिस को आशंका है कि शुभम राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं। इसी आशंका के चलते पुलिस ने देर रात यह कार्रवाई की।

आशंका के आधार पर कार्रवाई क्यों की जा रही- शुभम रेवाड़

शुभम रेवाड़ का आरोप है कि उन्होंने कोई कानून-विरोधी गतिविधि नहीं की है। उनका सवाल है कि केवल संभावित शांतिपूर्ण विरोध की आशंका के आधार पर क्या आधी रात को किसी व्यक्ति के घर पहुंचकर उसे हिरासत में लेने का प्रयास उचित है? शुभम ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना और अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना नागरिकों का अधिकार है। उनका कहना है कि यदि उनके खिलाफ कोई आपराधिक या कानून-विरोधी गतिविधि सामने नहीं आई है, तो सिर्फ आशंका के आधार पर कार्रवाई क्यों की जा रही है?

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ये भी पढ़ें- अमित शाह उदयपुर पहुंचे, CM भजनलाल ने की अगवानी; आज निम्बाहेड़ा में 12 हजार करोड़ से अधिक की सौगात

राज्यपाल के दौरे से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने डीडवाना में प्रशासन और विरोध के अधिकार को लेकर बहस छेड़ दी है। एक तरफ पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित प्रदर्शन को रोकने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ शुभम इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई बता रहे हैं। शुभम का कहना है कि 'डराने से आवाज नहीं दबेगी। लोकतंत्र में सवाल पूछना हमारा अधिकार है।' अब सवाल यही है कि राज्यपाल के दौरे से पहले आधी रात की यह पुलिस कार्रवाई एहतियाती कदम है या शांतिपूर्ण विरोध की आवाज को रोकने की कोशिश?

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दरअसल, 14 दिन की भूख हड़ताल के बाद शुभम रेवाड़ अपने घर पहुंचे ही थे कि पुलिस उनके घर के बाहर पहुंच गई। रात करीब 12 बजे पुलिस ने उनके घर का घेराव कर उन्हें थाने ले जाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि पुलिस को आशंका है कि शुभम राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं। इसी आशंका के चलते पुलिस ने देर रात यह कार्रवाई की।

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आशंका के आधार पर कार्रवाई क्यों की जा रही- शुभम रेवाड़

शुभम रेवाड़ का आरोप है कि उन्होंने कोई कानून-विरोधी गतिविधि नहीं की है। उनका सवाल है कि केवल संभावित शांतिपूर्ण विरोध की आशंका के आधार पर क्या आधी रात को किसी व्यक्ति के घर पहुंचकर उसे हिरासत में लेने का प्रयास उचित है? शुभम ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना और अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना नागरिकों का अधिकार है। उनका कहना है कि यदि उनके खिलाफ कोई आपराधिक या कानून-विरोधी गतिविधि सामने नहीं आई है, तो सिर्फ आशंका के आधार पर कार्रवाई क्यों की जा रही है?

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राज्यपाल के दौरे से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने डीडवाना में प्रशासन और विरोध के अधिकार को लेकर बहस छेड़ दी है। एक तरफ पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित प्रदर्शन को रोकने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ शुभम इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाने की कार्रवाई बता रहे हैं। शुभम का कहना है कि 'डराने से आवाज नहीं दबेगी। लोकतंत्र में सवाल पूछना हमारा अधिकार है।' अब सवाल यही है कि राज्यपाल के दौरे से पहले आधी रात की यह पुलिस कार्रवाई एहतियाती कदम है या शांतिपूर्ण विरोध की आवाज को रोकने की कोशिश?

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