होमशिक्षा-करियरराजस्थान कांग्रेस में फिर उठे बगावती सुर! बाड़मेर-अजमेर के नेताओं ने PCC में खोला मोर्चा
शिक्षा-करियर

राजस्थान कांग्रेस में फिर उठे बगावती सुर! बाड़मेर-अजमेर के नेताओं ने PCC में खोला मोर्चा

राजस्थान कांग्रेस में फिर उठे बगावती सुर! बाड़मेर-अजमेर के नेताओं ने PCC में खोला मोर्चा अजमेर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन ने भी प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने अपनी शिकायतें रखीं। उन्होंने कहा कि अजमेर में…

Hindustan के अनुसार11 अगस्त 2026 को 02:15 pm बजे
राजस्थान कांग्रेस में फिर उठे बगावती सुर! बाड़मेर-अजमेर के नेताओं ने PCC में खोला मोर्चा

सौजन्य से:- Hindustan

राजस्थान कांग्रेस में फिर उठे बगावती सुर! बाड़मेर-अजमेर के नेताओं ने PCC में खोला मोर्चा

अजमेर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन ने भी प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने अपनी शिकायतें रखीं। उन्होंने कहा कि अजमेर में जिन कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है, उन्होंने अपनी बात प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखी है।

निकाय और पंचायतीराज चुनाव से पहले राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। मंगलवार को बाड़मेर और अजमेर के नेता अपनी-अपनी शिकायतें लेकर जयपुर स्थित PCC वॉर रूम पहुंचे। बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंचे और जिले में चल रही गुटबाजी का मुद्दा प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने रखा। वहीं अजमेर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन ने आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

दोनों नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष से कहा कि अगर पार्टी के अंदर चल रही खींचतान और गुटबाजी पर समय रहते रोक नहीं लगी तो आगामी चुनाव में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। डोटासरा ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद भरोसा दिलाया कि कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेगी और किसी भी कार्यकर्ता के साथ अन्याय नहीं होगा।

मेवाराम बोले- गुटबाजी करने वाले का नाम अध्यक्ष को बता दिया

बाड़मेर के पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष से कांग्रेस को मजबूत करने और आपसी गुटबाजी खत्म करने के मकसद से मिले हैं। उन्होंने कहा कि बाड़मेर में काफी गुटबाजी है और इसे खत्म कर पार्टी को एकजुट करना जरूरी है।

मेवाराम जैन ने किसी नेता का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया, लेकिन यह जरूर कहा कि गुटबाजी करने वाले व्यक्ति का नाम प्रदेश अध्यक्ष को बता दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछली बातों को भूलकर आगे बढ़ना चाहिए और पार्टी में जितनी भी गुटबाजी है, उसे खत्म किया जाना चाहिए।

अजमेर में ‘बाहरी व्यक्ति’ पर आरोप

अजमेर के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन ने भी प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के सामने अपनी शिकायतें रखीं। उन्होंने कहा कि अजमेर में जिन कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है, उन्होंने अपनी बात प्रदेश अध्यक्ष के सामने रखी है। विजय जैन का आरोप है कि पार्टी के कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की वजह से पूरा सिस्टम खराब हो रहा है और उसका नाम भी प्रदेश अध्यक्ष को बता दिया गया है। विजय जैन ने आरोप लगाया कि एक बाहरी व्यक्ति अजमेर की राजनीति में दखल दे रहा है और पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ छोटे नेता अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए पार्टी को तोड़ने का काम कर रहे हैं।

डोटासरा बोले- एक जाजम पर बैठकर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

विवाद के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर एक जाजम पर बैठकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यकर्ता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। हाईकमान का संदेश है कि सभी का सम्मान किया जाए और जिसका जहां अधिकार बनता है, उसे उससे वंचित नहीं किया जाए।

बाड़मेर के विवाद पर डोटासरा ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर वहां मनमुटाव हुआ था। उस समय मेवाराम जैन कांग्रेस में नहीं थे। बाद में हाईकमान के निर्णय के बाद उनकी कांग्रेस में वापसी हुई। उन्होंने कहा कि अब सभी एकजुट हैं और छोटी-मोटी बातें हैं, जिन्हें बैठकर सुलझा लिया जाएगा।

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पंचायतराज, विधानसभा और लोकसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ती है। अजमेर शहर कांग्रेस में भी कुछ दिक्कतें हैं, जिन्हें बैठकर बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा।

मेवाराम की वापसी का हरीश चौधरी ने किया था विरोध

बाड़मेर में मेवाराम जैन और बायतु विधायक एवं पूर्व मंत्री हरीश चौधरी के बीच राजनीतिक अदावत किसी से छिपी नहीं है। विधानसभा चुनाव के दौरान मेवाराम जैन को पार्टी से निष्कासित किया गया था। वहीं लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्व मंत्री अमीन खान को भी कांग्रेस से निष्कासित किया गया था।

बाद में कांग्रेस हाईकमान के फैसले के बाद मेवाराम जैन और अमीन खान की पार्टी में वापसी हुई। मेवाराम जैन की वापसी का हरीश चौधरी ने खुलकर विरोध किया था। ऐसे में निकाय और पंचायत चुनाव से पहले बाड़मेर की यह अंदरूनी खींचतान कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है।

विजय जैन को कारण बताओ नोटिस, जयपाल ने लगाए गंभीर आरोप

अजमेर में धर्मेंद्र राठौड़ की शिकायत करने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष विजय जैन को मौजूदा शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जयपाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र लिखकर विजय जैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।

डॉ. राजकुमार जयपाल ने कहा कि संगठन के बायलॉज के तहत विजय जैन को पार्टी विरोधी गतिविधियों और पदाधिकारियों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी के मामले में नोटिस दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय जैन ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ कर अपने करीबी 3-4 लोगों को पार्षद का टिकट दिलाना चाहते हैं।

जयपाल ने यह भी दावा किया कि विजय जैन और उनके साथी पिछले आठ महीने से AICC और PCC के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि विजय जैन की पार्टी विरोधी गतिविधियों की जानकारी पहले भी PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को दी जा चुकी है और कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया था।

विजय जैन बोले- नोटिस देने का अधिकार PCC अध्यक्ष को

दूसरी ओर विजय जैन ने कारण बताओ नोटिस को लेकर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें नोटिस देने का अधिकार सिर्फ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को है। जैन ने कहा कि संगठन के लोगों को भी इस बात की जानकारी होनी चाहिए।

लेखक के बारे में

Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)

सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें