कोटा, बीकानेर, जोधपुर के बाद भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत, विपक्ष का आरोप- OT में संक्रमण के बाद भी ऑपरेशन किया
कोटा, बीकानेर, जोधपुर के बाद भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत, विपक्ष का आरोप- OT में संक्रमण के बाद भी ऑपरेशन किया राजस्थान में प्रसूताओं की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है. विपक्ष सरकार पर हमलावर है. Published : July 11, 202…

सौजन्य से:- ETV Bharat
कोटा, बीकानेर, जोधपुर के बाद भीलवाड़ा में प्रसूताओं की मौत, विपक्ष का आरोप- OT में संक्रमण के बाद भी ऑपरेशन किया
राजस्थान में प्रसूताओं की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है. विपक्ष सरकार पर हमलावर है.
Published : July 11, 2026 at 1:12 PM IST
जयपुर : राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों को लेकर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. कोटा, बीकानेर और जोधपुर के बाद अब भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में छह दिनों में पांच प्रसूताओं की मौत का मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 'भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में मात्र 6 दिनों में 5 प्रसूताओं की मृत्यु और बांसवाड़ा में भी हुई मौतें हृदयविदारक एवं बेहद चिंताजनक हैं. शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. ऑपरेशन थिएटर (OT) में संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव होने के बावजूद लगातार सीजेरियन करते रहना और 30-40 ऑपरेशनों के बीच महज 5 सर्जिकल सेट होना सीधे तौर पर घोर लापरवाही और बदहाल चिकित्सा व्यवस्था को दर्शाता है. कोटा और बीकानेर, जोधपुर के बाद अब भीलवाड़ा की यह स्थिति विचलित करने वाली है. राजस्थान के अलग-अलग अस्पतालों में बनी ऐसी स्थिति के सही मूल्यांकन एवं निदान के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को एक्सपर्ट की टीम भेजकर जांच करवानी चाहिए जिससे प्रसूताओं की जान बचाई जा सके.'
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नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल : नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए एक्स पर लिखा कि 'कोटा, बीकानेर, जोधपुर के बाद अब भीलवाड़ा में छह दिनों में पांच प्रसूताओं की मौत, इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर पहुंच चुकी है. संक्रमण की रिपोर्ट आने के बावजूद सीजेरियन ऑपरेशन जारी रखना, सीमित सर्जिकल उपकरणों के बीच लगातार ऑपरेशन करना प्रशासनिक विफलता ही नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता और स्वास्थ्य तंत्र के पतन का उदाहरण है.' जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भीलवाड़ा जाकर पीड़ित परिवारों से मिलने और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को जवाब मिलना चाहिए कि आखिर सरकारी अस्पतालों में ऐसी घटनाएं लगातार क्यों हो रही हैं?
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डोटासरा ने भी निशाना साधा : पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 'राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ICU में पहुंच चुकी है. अब भीलवाड़ा के अस्पताल में 5 दिन में 6 और बांसवाड़ा में 2 प्रसूताओं की मौत अत्यंत दुःखद है. कोटा में सिजेरियन के बाद 5 प्रसूताओं की मौत, कई महिलाओं की किडनी फेल. फिर बीकानेर में 6 प्रसूताओं की किडनी खराब होने के बाद 3 की मौत. इसके बाद जोधपुर में 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी, 2 आईसीयू और डायलिसिस तक पहुंची. कई प्रसूताओं को गंभीर बीमारी तो कई की आंखों की रोशनी चली गई. ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका के बावजूद उसी ओटी में लगातार सिजेरियन किए जाते रहे. आखिर पूरे प्रदेश की चरमराई हुई स्वास्थ्य व्यवस्था का भयावह सच क्या है? मुख्यमंत्री जी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला. न ही मंत्री या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई! आखिर इन महिलाओं की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा?'
बेनीवाल ने घेरा सरकार को : राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने भी एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'राजस्थान की बदहाल सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार माताओं की जान ले रही है. ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की आशंका थी, उपकरणों की कमी थी और इसके बावजूद लगातार सीजेरियन किए गए तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता है.' बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सवाल किया कि आखिर कब तक सरकारी अस्पतालों में माताओं की जान के साथ ऐसा खिलवाड़ होता रहेगा? उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नाकामी के कारण प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में पहुंच गई है और पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए.
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