दिल्ली-जयपुर हाईवे पर खेड़कीदौला से धारूहेड़ा तक अर्बन हाईवे की व्यवस्था जल्द
एनएचएआइ ने दिल्ली-जयपुर हाईवे पर धौलाकुआं से धारूहेड़ा तक अर्बन हाईवे की व्यवस्था विकसित करने की व्यवस्था तैयार की है। एक समान सुविधाएं विकसित होगी, जिनमें एंट्री-एग्जिट, रेलिंग और लाइटिंग शामिल होंगी।

सौजन्य से:- Jagran
खेड़कीदौला से धारूहेड़ा तक दिल्ली-जयपुर हाईवे का होगा कायाकल्प, NHAI ने तैयार किया मास्टर प्लान
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली-जयपुर हाईवे पर धौलाकुआं से धारूहेड़ा तक एक समान सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्राल ...और पढ़ें
HighLights
- NHAI ने दिल्ली-जयपुर हाईवे सुधार का प्रस्ताव भेजा।
- धौलाकुआं से धारूहेड़ा तक एक समान सुविधाएं होंगी।
- एंट्री-एग्जिट, लाइटिंग से हादसों में कमी आएगी।
आदित्य राज, गुरुग्राम। धौलाकुआं के नजदीक से लेकर धारूहेड़ा तक दिल्ली-जयपुर हाईवे सुविधाओं के मामले में एक समान दिखाई देगा। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा है।
प्रस्ताव पर मुहर लगते ही जमीनी स्तर पर काम शुरू हाेगा। फिलहाल धौलाकुआं के नजदीक से लेकर खेड़कीदाैला टोल प्लाजा तक ही अर्बन हाईवे के हिसाब से सुविधाएं विकसित हैं। प्रस्ताव मंजूर होने के बाद धारूहेड़ा तक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
खासतौर पर एंट्री-एग्जिट बनाने के साथ ही पूरे रूट पर लाइटें लगाई जाएंगी। अभी खेड़कीदौला टोल प्लाजा से लेकर धारूहेड़ा तक केवल स्ट्रक्चर के ऊपर ही लाइट की सुविधा है। उनमें से भी अधिकतर बंद ही रहती हैं।
नहीं मिल पा रही बेहतर सुविधाएं
दिल्ली-जयपुर हाईवे का धौलाकुआं के नजदीक से लेकर खेड़कीदौला टोल प्लाजा तक का हिस्सा एक्सप्रेसवे है। इस हिस्से में अर्बन हाईवे के हिसाब से एंट्री-एग्जिट, दोनों तरफ रेलिंग, पूरे रूट पर लाइट की सुविधा है। वह अलग बात है कि रखरखाव के ऊपर ध्यान न देने से लोगों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
एनएचएआइ का मानना है कि अब खेड़कीदौला टोल प्लाजा से आगे धारूहेड़ा तक दिल्ली-जयपुर हाईवे का हिस्सा अर्बन हाईवे हो चुका है यानी यह भाग शहर के बीच से गुजर रहा है। हाईवे के दोनों तरफ घनी आबादी है।
इस वजह से 24 घंटे हाईवे के ऊपर ट्रैफिक का दबाव रहता है। ऐसे में धारूहेड़ा तक एक समान सुविधाएं विकसित करना समय की मांग है। इसे देखते हुए प्रस्ताव में दोनों तरफ रेलिंग, एंट्री-एग्जिट एवं लाइटों की सुविधा उपलब्ध कराने के ऊपर जोर दिया गया है।
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लाइट की सुविधा विकसित किए जाने के बाद हादसे कम होंगे। दोनों तरफ रेलिंग बनाकर एंट्री एवं एग्जिट निर्धारित किए जाने के बाद कहीं से भी लोग हाईवे पर नहीं आएंगे।
एनएचएआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रस्ताव के मुताबिक काम होने के बाद धौलाकुआं के नजदीक से लेकर धारूहेड़ा तक हाईवे एक समान दिखाई देगा। उम्मीद है जल्द ही प्रस्ताव पर मुहर लगेगी क्योंकि उच्चाधिकारियों भी चाहते हैं कि धारूहेड़ा तक हाईवे पर एक समान सुविधाएं विकसित की जाएं।
एलिवेटेड करना ही समस्या का समाधान
एनएचएआइ के पूर्व तकनीकी सलाहकार जेएस सुहाग का कहना है कि धौलाकुआं से लेकर धारूहेड़ा तक चाहे जितनी सुविधाएं विकसित कर दी जाएं, न ट्रैफिक का दबाव कम होगा और न ही हादसों का आंकड़ा घटेगा।
इसका समाधान एलिवेटेड करना ही है। पहले खेड़कीदाैला टोल प्लाजा तक हाईवे को एलिवेटेड करने की आवश्यकता थी लेकिन अब धारूहेड़ा तक करना होगा। धारूहेड़ा तक हाईवे के ऊपर ट्रैफिक का दबाव दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
एलिवेटेड किए जाने से स्थानीय वाहन ही नीचे रहेंगे। इससे ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा। सर्विस लेन की चौड़ाई बढ़ानी होगी। इन विषयों पर एनएचएआइ काे गंभीरता से प्रयास करना चाहिए। टुकड़ोंं में काम करने से बात नहीं बनेगी। यदि 10 साल पहले इस विषय के ऊपर ध्यान दिया जाता तो दिल्ली से लेकर रेवाड़ी तक की तस्वीर कुछ अलग होती।
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