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श्रीगंगानगर गैंगरेप केस: NCW ने राजस्थान पुलिस को लगाई फटकार, मांगी एक्शन रिपोर्ट

श्रीगंगानगर गैंगरेप केस: NCW ने राजस्थान पुलिस को लगाई फटकार, मांगी एक्शन रिपोर्ट राजस्थान के श्रीगंगानगर में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में लापरवाही पर NCW ने कहा कि इस तरह की घटना गंभीर प्रशासनिक चूक को दर्शाती है. Publ…

ETV Bharat के अनुसार8 जुलाई 2026 को 01:23 pm बजे
श्रीगंगानगर गैंगरेप केस: NCW ने राजस्थान पुलिस को लगाई फटकार, मांगी एक्शन रिपोर्ट

सौजन्य से:- ETV Bharat

श्रीगंगानगर गैंगरेप केस: NCW ने राजस्थान पुलिस को लगाई फटकार, मांगी एक्शन रिपोर्ट

राजस्थान के श्रीगंगानगर में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में लापरवाही पर NCW ने कहा कि इस तरह की घटना गंभीर प्रशासनिक चूक को दर्शाती है.

Published : July 8, 2026 at 5:08 PM IST

नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने बुधवार को श्रीगंगानगर में 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप और मानव तस्करी को लेकर राजस्थान पुलिस को फटकार लगाई और कहा कि ऐसी घटना गंभीर प्रशासनिक खामियों, पुलिसिंग में कमियों और निगरानी के नाकाफी तरीकों को दिखाती है, जिससे ऐसी आपराधिक गतिविधियां चलती रहीं.

मामले को गंभीरता से लेते हुए, महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने राजस्थान के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और दूसरे संबंधित अधिकारियों की पेशी के दौरान यह बात कही. सुनवाई के दौरान, रहाटकर ने इन कमियों पर गहरी चिंता जताई और श्रीगंगानगर के जिला मजिस्ट्रेट (DM) से कहा कि वे 15 दिनों के अंदर जिले में चल रहे सभी अपंजीकृत और अनधिकृत होटलों और जगहों की पहचान करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें.

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे प्रतिष्ठानों को उचित अनुपालन के बिना काम करने की अनुमति देने के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.

पुलिस अधीक्षक को स्थानीय पुलिसिंग सिस्टम, जिसमें गश्ती और निगरानी व्यवस्थाएं शामिल हैं, की नाकामी के बारे में जवाबदेही का मूल्यांकन करने का निर्देश दिया गया है, जो नाबालिग की तस्करी और बार-बार होने वाले यौन शोषण का पता लगाने में नाकाम रहे.

विजया रहाटकर ने पीड़िता को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने में हुई देरी को भी गंभीरता से लिया, जो वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है.

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटाने का निर्देश

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नाबालिग पीड़िता से जुड़े वीडियो और कंटेंट के प्रसार पर ध्यान देते हुए, रहाटकर ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ऐसे कंटेंट को तुरंत हटा दें. उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न का शिकार लोगों की निजता और सम्मान की रक्षा करने वाले कानूनों के अनुसार, ऐसी सामग्री को रिकॉर्ड करने, साझा करने या प्रसारित करने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए.

बाल कल्याण समिति करेगी पीड़िता के घर का दौरा

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने बाल कल्याण समिति को पीड़िता के घर पर तत्काल और औचक सत्यापन दौरे आयोजित करके और उसके पुनर्वास और संरक्षण की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करके उसकी पूर्ण सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने को भी कहा है.

उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को 15 दिनों के अंदर एक पूरी की गई कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) जमा करने का निर्देश दिया है, जिसमें जांच की स्थिति, गैर-कानूनी जगहों के खिलाफ कार्रवाई, गलतियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही के उपाय, और जिले में बच्चों की सुरक्षा के तरीकों को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदम शामिल हों.

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