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Muharram 2026: जयपुर में इमाम हुसैन की शहादत को किया याद, सीकर-बूंदी में आज निकलेगा मातमी जुलूस

Muharram 2026: जयपुर में इमाम हुसैन की शहादत को किया याद, सीकर-बूंदी में आज निकलेगा मातमी जुलूस मोहर्रम से पहले जयपुर में शुक्रवार अलसुबह तक चला धार्मिक कार्यक्रम का दौर चला. Published : June 26, 2026 at 12:31 PM IST |Up…

ETV Bharat के अनुसार26 जून 2026 को 07:37 am बजे
Muharram 2026: जयपुर में इमाम हुसैन की शहादत को किया याद, सीकर-बूंदी में आज निकलेगा मातमी जुलूस

सौजन्य से:- ETV Bharat

Muharram 2026: जयपुर में इमाम हुसैन की शहादत को किया याद, सीकर-बूंदी में आज निकलेगा मातमी जुलूस

मोहर्रम से पहले जयपुर में शुक्रवार अलसुबह तक चला धार्मिक कार्यक्रम का दौर चला.

Published : June 26, 2026 at 12:31 PM IST

|Updated : June 26, 2026 at 12:39 PM IST

जयपुर: मोहर्रम की कत्ल की रात पर राजधानी जयपुर गुरुवार देर रात से लेकर शुक्रवार अलसुबह तक मातमी धुनों, धार्मिक आयोजनों और इमाम हुसैन की शहादत की याद में आयोजित कार्यक्रमों से गूंजता रहा. शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में पूरी रात अकीदतमंदों का जमावड़ा लगा रहा और जगह-जगह मजलिसों और धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया. इस दौरान 'इमाम हुसैन जिंदाबाद' के नारों से माहौल गूंज उठा और लोगों ने शहीद-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की.मोहर्रम की नौवीं तारीख यानी क़त्ल की रात को लेकर शहर के बड़ी चौपड़, रामगंज, घाटगेट, सुभाष चौक, हवामहल क्षेत्र और आसपास के इलाकों में विशेष रौनक देखने को मिली. देर रात तक धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं और बड़ी संख्या में लोग इमामबाड़ों एवं धार्मिक स्थलों पर पहुंचे. मातमी जुलूसों, नौहाख्वानी और मजलिसों के माध्यम से कर्बला के शहीदों को याद किया गया. सीकर और बूंदी सहित राजस्थान के अनेक शहरों में शुक्रवार को ताजियों का जुलूस निकाला जाएगा.

मुस्तैद दिखी जयपुर पुलिस: इस मौके पर संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद नजर आई. शहर के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी नेटवर्क का सहारा लिया गया. पुलिस और प्रशासन ने पूरी रात हालात पर नजर बनाए रखी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. मोहर्रम के मद्देनजर जयपुर शहर में तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई है. डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने देर रात तक विभिन्न इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. वहीं पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर राजीव पचार भी लगातार कंट्रोल रूम और फील्ड स्तर पर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करते रहे.

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आज निकलेगा मोहर्रम का पारंपरिक जुलूस: राजधानी जयपुर में शुक्रवार दोपहर 3 बजे से ताजियों के निकलने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. प्रशासन ने चांदपोल छोटी-बड़ी चौपड़, रामगंज बाजार, जौहरी बाजार, हवा महल, सुभाष चौक, जोरावर सिंह गेट और रामगढ़ मोड़ तक यातायात को बंद किया गया है. इसे लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं. जुलूस मार्गों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं. ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी अलग से प्लान तैयार किया गया है. पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है. जयपुर पुलिस का कहना है कि मोहर्रम के सभी धार्मिक कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि परंपरागत ताजिया जुलूस सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके. कई इलाकों में ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है.

सीकर में निकलेगा जुलूस : शुक्रवार को सीकर शहर में पारंपरिक ताजियों का जुलूस निकलेगा. विभिन्न मोहल्लों से निकलने वाले ताजिए ढोल-ताशों की मातमी धुनों और करतबों के साथ निर्धारित मार्गों से कर्बला पहुंचेंगे, जहां धार्मिक रीति-रिवाज से उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. जुलूस में मुस्लिम समाज के साथ अन्य समुदायों के लोग भी शामिल होंगे.सीकर में ताजिया निकालने की परंपरा करीब 293 वर्ष पुरानी है. इतिहासकार महावीर पुरोहित के अनुसार, शहर का पहला सरकारी ताजिया संवत 1789, यानी 1732 ईस्वी में राव राजा शिवसिंह के शासनकाल में निकाला गया था. यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ सीकर के सांप्रदायिक सौहार्द और साझा विरासत का प्रतीक है.

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बूंदी में दिखाए हैरत अंगेज करतब: मोहर्रम की 9वीं तारीख पर गुरुवार देर रात बूंदी शहर मातमी माहौल में डूबा रहा. मातमी धुनों के बीच अखाड़ों ने लाठी-डंडों के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाए. बोहरा मोहल्ला स्थित इमाम चौक से शुरू हुआ मुख्य जुलूस प्रमुख मार्गों से होता हुआ विभिन्न इमाम चौकों तक पहुंचा, जहां पहले से मौजूद अखाड़ों ने सलामी दी. इस दौरान आधा दर्जन से अधिक बड़े ताज़िए अपने स्थानों पर खड़े रहे. चौक-चौराहों पर भारी भीड़ जुटी और लोगों ने करतबों को मोबाइल में कैद किया. वक्फ कमेटी के पूर्व शहर अध्यक्ष मौलाना असलम ने बताया कि शुक्रवार, यौम-ए-आशूरा पर तिलक चौक स्थित बोहरा मोहल्ला इमाम चौक से भव्य ताज़िया जुलूस निकलेगा. जुलूस सदर बाजार, मीरागेट होते हुए देर रात करबला जैतसागर पहुंचेगा, जहां ताज़ियों को ठंडा किया जाएगा.

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