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'भगवान का नाम' लिखी गाड़ियों के चालान पर भड़के MLA रविंद्र भाटी, 'राम राज्य' की बात कर पूछा CM-PM से सवाल

'भगवान का नाम' लिखी गाड़ियों के चालान पर भड़के MLA रविंद्र भाटी, 'राम राज्य' की बात कर पूछा CM-PM से सवाल Authored by: खुशेंद्र तिवारी|नवभारतटाइम्स.कॉम• राजस्थान में परिवहन से जुड़े मामले में नई सियासत पकड़ी है। दरअसल, य…

Navbharat Times के अनुसार29 जून 2026 को 03:59 pm बजे
'भगवान का नाम' लिखी गाड़ियों के चालान पर भड़के MLA रविंद्र भाटी, 'राम राज्य' की बात कर पूछा CM-PM से सवाल

सौजन्य से:- Navbharat Times

'भगवान का नाम' लिखी गाड़ियों के चालान पर भड़के MLA रविंद्र भाटी, 'राम राज्य' की बात कर पूछा CM-PM से सवाल

Authored by: खुशेंद्र तिवारी|नवभारतटाइम्स.कॉम•

राजस्थान में परिवहन से जुड़े मामले में नई सियासत पकड़ी है। दरअसल, यहां बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भगवानों ने नामों के लगे स्टीकर वाली गाड़ियों के चालान के मुद्दे पर नाराजगी जताई है।

'राम राज्य' की बात कर रविंद्र सिंह भाटी ने किया तंज

पूरे मामले को बाड़मेर के शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। भाटी ने अपने फेसबुक पेज पर एक वाहन और उसके कटे हुए चालान की तस्वीर साझा करते हुए तीखा सवाल दागा। उन्होंने लिखा,'राम राज्य' में अपने इष्ट देव का नाम लिखना भी क्या गुनाह है?" भाटी ने अपनी इस पोस्ट में प्रधानमंत्री कार्यालय राजस्थान के मुख्यमंत्री कार्यालय और राजस्थान पुलिस को भी टैग किया है, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।इन धार्मिक नारे पर कटे चालान

सोशल मीडिया पर'जय बाबा गरीबनाथ' 'जय मां जगदम्बे' 'जय बजरंगबली' जैसे लिखे धार्मिक नारों पर कटे चालानों की फोटो वायरल हो रही है। लोग इसे धार्मिक आस्था पर चोट बताकर पुलिस की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध कर रहे हैं। लोगों का तर्क है कि अपनी गाड़ियों पर इष्ट देव का नाम लिखना आस्था का विषय है, न कि कोई अपराध। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस

पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू करवा दी है। पुलिस की ओर से काटे गए इन चालानों को लेकर लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस कानूनी प्रक्रिया को लेकर लोग दो धड़ों में बंट गए हैं, जिसमें एक पक्ष कार्रवाई को उचित बता रहा है तो दूसरा पक्ष धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाने की बात कर रहे है। पुलिस का क्या है तर्क

उल्लेखनीय है कि इस मामले में पुलिस ने मौखिक तौर पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत किसी भी वाहन के कांच पर कुछ भी लगाना नियम विरोधी है। हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से इस पर लिखित स्पष्टीकरण नहीं आया है। अब देखना होगा कि सोशल मीडिया पर तूल पकड़ रहे इस मामले में आस्था और नियम के बीच की इस लड़ाई पर पुलिस या प्रशासन का क्या रवैया होगा। कन्वर्सेशन शुरू करें

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