साइबर ठगों का डेटा तैयार कर रही मथुरा पुलिस: काली कमाई का बड़ा खुलासा, राजस्थान-हरियाणा में खरीदी जमीन - mathura police action in cyber frauds village inside story most of the properties purchased with black money were in rajasthan and haryana
साइबर ठगों का डेटा तैयार कर रही मथुरा पुलिस: काली कमाई का बड़ा खुलासा, राजस्थान-हरियाणा में खरीदी जमीन मथुरा पुलिस ने ठगों के गांवों के युवाओं का पूरा डेटा तैयार कर कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे जिले में साइबर ठगी की वारद…

सौजन्य से:- Jagran
साइबर ठगों का डेटा तैयार कर रही मथुरा पुलिस: काली कमाई का बड़ा खुलासा, राजस्थान-हरियाणा में खरीदी जमीन
मथुरा पुलिस ने ठगों के गांवों के युवाओं का पूरा डेटा तैयार कर कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे जिले में साइबर ठगी की वारदातों में कमी आई है। ...और पढ़ें
HighLights
- साइबर ठगों ने ठगी की रकम संपत्ति में लगाई
- पुलिस के लिए अवैध संपत्ति जब्त करना चुनौती
- मथुरा पुलिस ने ठगों का डेटा तैयार किया
जागरण संवाददाता, मथुरा। देश भर में लोगों से ठगी करने वाले साइबर ठगों ने कमाई गई रकम का बड़ा हिस्सा जमीन, मकान व महंगी गाड़ियों में लगा रखा है। राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों में रुपये का निवेश किया है। पुलिस के सामने ठगी से अर्जित संपत्ति की पहचान और उसे जब्त करना सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
हालांकि पुलिस की ओर से ठगों के गांवों में रहने वाले युवाओं का पूरा रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। इसमें उनकी संपत्ति से लेकर पूरी जानकारी अपडेट की जा रही है।
राजस्थान और हरियाणा बॉर्डर से जुड़े कई गांवों के युवक साइबर ठगी से जुड़े
कान्हा की धार्मिक नगरी को साइबर अपराधी ठगी के नाम से बदनाम करने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। राजस्थान और हरियाणा बॉर्डर से जुड़े कई गांवों के युवक साइबर ठगी से जुड़े हुए हैं।
एसएसपी श्लोक कुमार ने छह माह में ठगों के गांवों में तीन बड़ी कार्रवाई कर दी। कई ठगों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। इससे लंबे समय तक ठगों ने राजस्थान और हरियाणा की शरण ले रखी है। इसका असर भी देखने को मिला। छह माह में मथुरा जिले में पहले की तुलना में साइबर ठगी की वारदातें कम होने लगी हैं। कई गांवों में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई के बीच एक नया पहलू सामने आया है।
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साइबर ठगी से कमाई गई रकम का बड़ा हिस्सा जमीन, मकान, महंगी गाड़ियों और अन्य संपत्तियों में लगाया गया है। कई ठगों ने ये संपत्तियां रिश्तेदारों या परिचितों के नाम पर खरीदी गईं।
राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों में भूमि खरीदी
ठगी से कमाई गई रकम का बड़ा हिस्सा मथुरा के अलावा राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न जिलों में भूमि पर लगाया गया है। इससे वास्तविक मालिक और अवैध निवेश की पहचान करना आसान नहीं रह गया है। इससे पुलिस के लिए वैध और अवैध आय के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया।
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गांवों के सभी युवकों का पूरा डाटा तैयार कराया जा रहा है
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के नाम से बदनाम गांवों के सभी युवकों का पूरा डाटा तैयार कराया जा रहा है। इसमें गांव में रहने वाले प्रत्येक की पूरी जानकारी, उसकी संपत्ति का ब्यौरा, बैंक खाते, मोबाइल नंबर, उसके कामकाज, आय का ब्यौरा और अन्य की पूरी जानकारी का खाका रखा जा रहा है। इससे पता लगाना आसान होगा कि एक वर्ष में संबंधित की आय में कितना विस्तार हुआ है।
अपराध से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे जब्त करना और आर्थिक नेटवर्क को तोड़ना भी जरूरी है। इसके लिए राजस्थान और हरियाणा पुलिस से भी संपर्क रखकर जानकारियां साझा की जा रही हैं।
20 का मिला आपराधिक रिकॉर्ड, 25 की पोर्टल पर दर्ज शिकायतें
चार थाना क्षेत्रों के गांवों से पकड़े गए 100 संदिग्धों में से पुलिस को 20 का आपराधिक इतिहास मिला है, जबकि 25 की शिकायतें पोर्टल पर दर्ज मिली हैं। पुलिस ने ठगों से 60 मोबाइल जब्त किए हैं। इनकी फोरेंसिक जांच की जाएगी। साथ ही एक ट्रैक्टर भी जब्त किया है। वहीं 55 लोगों का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उनको स्वजन के सिपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने सभी के वाइस सैंपल भी एकत्रित किए हैं।
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