होमशिक्षा-करियरराजस्थान को हथिनीकुंड बैराज से मिलेगा पानी, जल समझौते पर मुहर; कैसे होगी सप्लाई?
शिक्षा-करियर

राजस्थान को हथिनीकुंड बैराज से मिलेगा पानी, जल समझौते पर मुहर; कैसे होगी सप्लाई?

राजस्थान को हथिनीकुंड बैराज से मिलेगा पानी, जल समझौते पर मुहर; कैसे होगी सप्लाई? हरियाणा और राजस्थान के बीच 1994 के यमुना जल समझौते को लागू करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में एक नया समझौता हुआ है। कैसे होगी प…

Live Hindustan के अनुसार29 जून 2026 को 11:23 am बजे
राजस्थान को हथिनीकुंड बैराज से मिलेगा पानी, जल समझौते पर मुहर; कैसे होगी सप्लाई?

सौजन्य से:- Live Hindustan

राजस्थान को हथिनीकुंड बैराज से मिलेगा पानी, जल समझौते पर मुहर; कैसे होगी सप्लाई?

हरियाणा और राजस्थान के बीच 1994 के यमुना जल समझौते को लागू करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में एक नया समझौता हुआ है। कैसे होगी पानी की सप्लाई? इस रिपोर्ट में जानें…

हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना के पानी को लेकर समझौता हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा और राजस्थान ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 1994 के अपर यमुना नदी बोर्ड (यूवाईआरबी) समझौते को लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए गए। 32 साल पहले के समझौते के बावजूद राजस्थान को पानी नहीं मिल पा रहा था क्योंकि वहां तक नहर की व्यवस्था नहीं थी।

अधिकारियों ने बताया कि समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर दस्तखत के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौजूद रहे। राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा इस समझौते को अमल में लाने को लेकर दिल्ली पहुंचे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

बता दें कि यमुना बेसिन से जुड़े राज्यों यूपी, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली ने 12 मई 1994 को यमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।राजस्थान और हरियाणा के बीच भी अपर यमुना नदी बोर्ड (यूवाईआरबी) समझौता हुआ था।

हथिनीकुंड बैराज से जाएगा पानी

भले ही 32 साल पहले 1994 में यमुना के पानी के बंटवारे को लेकर समझौता हो गया था लेकिन राजस्थान तक पानी नहीं पहुंच रहा था। राजस्थान तक पानी पहुंचाने के लिए नहर की व्यवस्था नहीं होने से इसको लागू नहीं किया जा सका था। अब भूमिगत पाइपलाइन के जरिए समझौते को अमल में लाया जाएगा। पाइपलाइनों के जरिए पानी राजस्थान तक पहुंचेगा। मॉनसून के दौरान राजस्थान को हथिनीकुंड बैराज से यमुना के पानी की सप्लाई की जाएगी।

भूमिगत पाइपलाइन से पानी की सप्लाई

इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि ऊपरी यमुना बेसिन राज्यों के बीच यमुना जल बंटवारे के संबंध में 1994 में एक समझौता हुआ था लेकिन इसे 32 वर्षों तक लागू नहीं किया जा सका था। पिछले कुछ वर्षों में इस मामले पर लगातार बातचीत और कोशिशें हुई हैं। 17 फरवरी, 2024 को हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के बीच एक बैठक हुई थी। इसमें भूमिगत पाइपलाइन से पानी की सप्लाई को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्णय लिया गया था।

23 जून बैठक में बनी सहमति

मंत्री सीआर पाटिल ने आगे कहा कि 23 जून, 2026 को एक और बैठक हुई थी। इस दौरान दोनों राज्यों के बीच परियोजना के ढांचे पर सहमति बनी। आखिरकार इसको केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में एक समझौता ज्ञापन (एमओए) के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया है। अब ताजा समझौते की परियोजना के तहत मॉनसून के दौरान पश्चिमी यमुना नहर प्रणाली के माध्यम से एक भूमिगत पाइपलाइन से राजस्थान को पानी की सप्लाई की जाएगी।

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )

संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें