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जयपुर: 'कितना छुपेगा तू, पकड़ने में तो फिर भी आएगा', पति को जहर देने वाली युवती का वीडियो आया सामने

एक सप्ताह बाद खुली पोल कविता मीणा का ससुराल विश्वकर्मा में है। 5 अगस्त को उसने अपने पति महेश मीणा की हत्या कर दी थी। हत्या के लिए उसने अपने पति को सल्फास मिला हुआ जूस पिला दिया था। जिसके बाद महेश मीणा की मौत हो गई। हत्या…

Navbharat Times के अनुसार20 अगस्त 2026 को 08:57 am बजे
जयपुर: 'कितना छुपेगा तू, पकड़ने में तो फिर भी आएगा', पति को जहर देने वाली युवती का वीडियो आया सामने

सौजन्य से:- Navbharat Times

एक सप्ताह बाद खुली पोल

कविता मीणा का ससुराल विश्वकर्मा में है। 5 अगस्त को उसने अपने पति महेश मीणा की हत्या कर दी थी। हत्या के लिए उसने अपने पति को सल्फास मिला हुआ जूस पिला दिया था। जिसके बाद महेश मीणा की मौत हो गई। हत्या के बाद कविता ने अपने पीहर और ससुराल वालों को अहसास नहीं होने दिया कि उसने महेश की हत्या की है। महेश की अस्थियों को लेकर कविता हरिद्वार भी गई थी और रोने का नाटक भी किया लेकिन करीब एक सप्ताह बाद उसकी पोल खुल गई।सीसीटीवी ने खोली पोल

महेश की मौत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही थी। कविता के बयानों में विरोधाभास सामने आया तो पुलिस को शक हुआ। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने कहा कि शक होने पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में कविता और उसके पति महेश मीणा के साथ तीन और युवक नजर आए थे। इन तीनों में एक युवक गणेश मीणा कविता के गांव का रहने वाला था और वह सीसीटीवी कैमरों से बचता नजर आया। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जब पुलिस ने कविता से सख्ती से पूछताछ की तो पूरी कहानी सामने आ गई।प्रेमी की पोल ऐसे खुली

सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस और परिवार वालों का शक गहरा गया था। कविता के ससुराल वालों ने कविता को बातों ही बातों में पूछा कि जिसने हत्या की साजिश रची वह तो जेल जाकर रहेगा। ससुराल वालों ने कविता से कहा कि अगर वह बचना है तो साजिश रचने वाले गणेश को पकड़ाना होगा। इसके बाद कविता ने खुद के बचने के चक्कर में हत्या की पूरी कहानी उगल दी। फिर ससुराल वालों के सामने ही उसने गणेश के दोस्त को कॉल लगाया। दोस्त से उसने गणेश के बारे में पूछा कि वह कहां है।जानिए क्या बातचीत हुई कातिल कविता और प्रेमी के दोस्त के बीच

कविता मीणा- गणेश कहां है...युवक - मुझे नहीं पता...

कविता मीणा - मेरी सौगंध कि तुम्हें नहीं पता? बात भी नहीं हुई क्या..?

युवक - नहीं..नहीं...

कविता मीणा - झूठ मत बोलो...

युवक - बहन की सौगंध कोई बात नहीं हुई...

कविता मीणा - बिल्कुल ही बात नहीं हुई क्या? आपको नहीं पता कि वह कहां है...

युवक - नहीं…नहीं, तुम्हारी सौगंध कुछ नहीं पता...

कविता मीणा - वह किसके साथ हो सकता है...

युवक - मुझे नहीं पता... मेरी उससे बात भी नहीं हुई... उसका फोन बंद हुए ही करीब एक डेढ़ महीना हो गया...

कविता मीणा - उसका फोन तो चालू है... उसको कहना कितना छुपेगा तू पकड़ने में तो फिर भी आएगा... हो ही नहीं सकता कि तुम्हें ध्यान नहीं हो...

युवक - तुम्हारी सौगंध मुझे नहीं पता...

कविता मीणा - मेरी सौगंध खाओगे तो मैं तो नहीं मरूं... ठीक है तुम्हें नहीं पता तो... तुम शिवदासपुरा साइड गए ही नहीं क्या... (इतना कहकर फोन काट दिया)

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