होमशिक्षा-करियर'भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद' के विवाद के बीच, जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस
शिक्षा-करियर

'भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद' के विवाद के बीच, जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

'भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद' के विवाद के बीच, जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त कि…

Hindustan के अनुसार6 सितंबर 2026 को 08:33 am बजे
'भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद' के विवाद के बीच, जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

सौजन्य से:- Hindustan

'भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद' के विवाद के बीच, जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल बने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र को भेजी सिफारिश में अलग से उनके नाम का जिक्र किया था।

केंद्र सरकार ने शनिवार रात राजस्थान समेत विभिन्न हाईकोर्ट में 8 नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की घोषणा की। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने जस्टिस संजीव पर भ्रष्टाचार, पक्षपात, भाई-भतीजावाद और प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं।

एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस संजय अग्रवाल के रूप में राजस्थान हाईकोर्ट को करीब एक साल बाद एक रेगुलर चीफ जस्टिस मिलने जा रहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मेहता की जस्टिस संजीव शर्मा को राजस्थान से बाहर ट्रांसफर करने की अलग मांग पर अभी भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

SC ने 4 दिन पहले केंद्र से की थी सिफारिश

केंद्र सरकार का यह नोटिफिकेशन सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज जस्टिस अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश करने के चार दिन बाद आया है। कॉलेजियम ने अलग से उनके छत्तीसगढ़ से राजस्थान ट्रांसफर की भी सिफारिश की थी, जिससे उनके नए कोर्ट में जाने का रास्ता आसान हो जाएगा।

SC के जज ने जस्टिस शर्मा पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान हाईकोर्ट में यह नियुक्ति इसलिए भी अहम है क्योंकि जस्टिस मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत को 2 अगस्त, 10 अगस्त और 17 अगस्त को तीन पत्र लिखे थे। जस्टिस मेहता ने अपने इन पत्रों में जस्टिस संजीव शर्मा पर भ्रष्टाचार, पक्षपात, भाई-भतीजावाद और प्रशासनिक अनियमितता के आरोप लगाए थे और उन्हें राज्य से बाहर ट्रांसफर करने की मांग की थी। जस्टिस मेहता ने CJI से किसी दूसरे हाईकोर्ट से यहां नियमित चीफ जस्टिस नियुक्त करने का भी आग्रह किया था।

जस्टिस शर्मा ने CJI को सौंपा जवाब

CJI ने संकेत दिया है कि मौजूदा जज पर लगे आरोपों से तय संस्थागत प्रक्रिया के जरिये निपटा जाएगा और जस्टिस शर्मा को जवाब देने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद जस्टिस शर्मा ने CJI को अपना एक विस्तृत जवाब सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद और तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि उन्होंने अपने खंडन के समर्थन में सबूत भी दिए हैं।

किन-किन जजों का प्रमोशन

नोटिफिकेशन के मुताबिक, शनिवार को जिन अन्य जजों की नियुक्तियों की घोषणा की गई, उनमें जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस रवींद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें