राजस्थान: निलंबित जेलर दिव्या चौधरी अजमेर से जयपुर स्थानांतरित, सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला
{"_id":"6ac8cbb6024a2ac4990574d5","slug":"rajasthan-suspended-jailer-divya-chaudhary-transferred-from-ajmer-to-jaipur-jail-due-to-security-reasons-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: निलंब…

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6ac8cbb6024a2ac4990574d5","slug":"rajasthan-suspended-jailer-divya-chaudhary-transferred-from-ajmer-to-jaipur-jail-due-to-security-reasons-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: निलंबित जेलर दिव्या चौधरी अजमेर से जयपुर स्थानांतरित, सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान: निलंबित जेलर दिव्या चौधरी अजमेर से जयपुर स्थानांतरित, सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला
Fri, 09 Oct 2026 04:40 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Fri, 09 Oct 2026 04:40 PM IST
सार
अजमेर सेंट्रल जेल के महिला बंदी सुधार गृह से दो महिला बंदियों को नियमों के विरुद्ध निजी आवास पर साफ-सफाई के लिए ले जाने के मामले में निलंबित जेलर दिव्या चौधरी को सुरक्षा कारणों से जयपुर स्थानांतरित कर दिया गया है। कोटा से गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था। मामले की सह-आरोपी जेल प्रहरी सोनिया चौधरी अभी फरार है।
विज्ञापन
विस्तार
अजमेर सेंट्रल जेल स्थित महिला बंदी सुधार गृह से दो महिला बंदियों को नियमों के विरुद्ध बाहर निकालने के मामले में निलंबित महिला जेलर दिव्या चौधरी को देर रात अजमेर से जयपुर जेल स्थानांतरित कर दिया गया। कारागार मुख्यालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिव्या को जयपुर महिला बंदी सुधार गृह भेजने के निर्देश जारी किए। जिला पुलिस की चालानी गार्ड की सहायता से निलंबित जेलर को जयपुर रवाना किया गया।
सुरक्षा कारणों से स्थानांतरण
जेल प्रशासन ने दिव्या चौधरी को अजमेर से स्थानांतरित करने का निर्णय सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण से लिया है। अजमेर महिला बंदी सुधार गृह में वे दोनों बंदियां मौजूद हैं, जिन्हें दिव्या चौधरी अवैध रूप से बाहर ले गई थीं। दिव्या पहले भी अजमेर महिला बंदी गृह में सेवारत रह चुकी हैं, इसलिए प्रशासन ने किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम से बचने के लिए उन्हें जयपुर भेजने का कदम उठाया। मामले की सह-आरोपी जेल प्रहरी सोनिया चौधरी अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
निजी आवास पर सफाई के लिए ले गई थीं बंदियों को
गत 12 जुलाई को जेलर दिव्या चौधरी और जेल प्रहरी सोनिया चौधरी नियमों का उल्लंघन करते हुए सजायाफ्ता बंदी किरण और विचाराधीन बंदी सना को अपने निजी आवास की साफ-सफाई के लिए बाहर ले गई थीं। मामला उजागर होने के बाद सेंट्रल जेल अजमेर के अधीक्षक आर. अंतरेश्वरन की रिपोर्ट पर सिविल लाइंस थाने में विभिन्न धाराओं और राजस्थान कारागार अधिनियम की धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया गया।जेल प्रशासन ने दिव्या चौधरी को जोधपुर तथा सोनिया चौधरी को बीकानेर मुख्यालय पर निलंबित किया था। हालांकि, दोनों गिरफ्तारी के डर से तय स्थानों पर नहीं पहुंचीं। पुलिस ने गत 6 अक्तूबर की शाम को कोटा के कुनाड़ी स्थित एक फ्लैट से दिव्या को गिरफ्तार किया, जिसके बाद 7 अक्तूबर को अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- चूरू: साधु की मौत पर बवाल, 50 घंटे बाद समाधि से निकाला गया शव; छह लोगों पर हत्या का केस, दो हिरासत में लिए गए
दोनों महिला बंदी हत्या की आरोपी
जेलर के साथ बाहर जाने वाली पहली बंदी किरण को अपने पति देवेंद्र सिंह उर्फ चाटू की हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है। अजमेर के भिनाय क्षेत्र स्थित उदयगढ़ खेड़ा में 17 जनवरी 2023 को खेत पर सो रहे देवेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 24 घंटे में मामले का खुलासा करते हुए पत्नी किरण और प्रेमी शैतान गुर्जर को गिरफ्तार किया था। इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती का देवेंद्र ने विरोध किया था, जिसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या को अंजाम दिया। दूसरी बंदी सना पर प्रेमी सैफ अली के साथ मिलकर उसकी पत्नी रुबीना की हत्या करने का आरोप है। डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना में 24 जुलाई 2023 को रुबीना की संदिग्ध मृत्यु के बाद पुलिस ने सैफ और सना को गिरफ्तार किया था। दोनों तीन वर्ष से संबंध में थे और रुबीना पर तलाक का दबाव बना रहे थे।
विज्ञापन
सुरक्षा कारणों से स्थानांतरण
जेल प्रशासन ने दिव्या चौधरी को अजमेर से स्थानांतरित करने का निर्णय सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण से लिया है। अजमेर महिला बंदी सुधार गृह में वे दोनों बंदियां मौजूद हैं, जिन्हें दिव्या चौधरी अवैध रूप से बाहर ले गई थीं। दिव्या पहले भी अजमेर महिला बंदी गृह में सेवारत रह चुकी हैं, इसलिए प्रशासन ने किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम से बचने के लिए उन्हें जयपुर भेजने का कदम उठाया। मामले की सह-आरोपी जेल प्रहरी सोनिया चौधरी अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
विज्ञापन
निजी आवास पर सफाई के लिए ले गई थीं बंदियों को
गत 12 जुलाई को जेलर दिव्या चौधरी और जेल प्रहरी सोनिया चौधरी नियमों का उल्लंघन करते हुए सजायाफ्ता बंदी किरण और विचाराधीन बंदी सना को अपने निजी आवास की साफ-सफाई के लिए बाहर ले गई थीं। मामला उजागर होने के बाद सेंट्रल जेल अजमेर के अधीक्षक आर. अंतरेश्वरन की रिपोर्ट पर सिविल लाइंस थाने में विभिन्न धाराओं और राजस्थान कारागार अधिनियम की धारा 42 के तहत मामला दर्ज किया गया।जेल प्रशासन ने दिव्या चौधरी को जोधपुर तथा सोनिया चौधरी को बीकानेर मुख्यालय पर निलंबित किया था। हालांकि, दोनों गिरफ्तारी के डर से तय स्थानों पर नहीं पहुंचीं। पुलिस ने गत 6 अक्तूबर की शाम को कोटा के कुनाड़ी स्थित एक फ्लैट से दिव्या को गिरफ्तार किया, जिसके बाद 7 अक्तूबर को अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- चूरू: साधु की मौत पर बवाल, 50 घंटे बाद समाधि से निकाला गया शव; छह लोगों पर हत्या का केस, दो हिरासत में लिए गए
दोनों महिला बंदी हत्या की आरोपी
जेलर के साथ बाहर जाने वाली पहली बंदी किरण को अपने पति देवेंद्र सिंह उर्फ चाटू की हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा मिली हुई है। अजमेर के भिनाय क्षेत्र स्थित उदयगढ़ खेड़ा में 17 जनवरी 2023 को खेत पर सो रहे देवेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने 24 घंटे में मामले का खुलासा करते हुए पत्नी किरण और प्रेमी शैतान गुर्जर को गिरफ्तार किया था। इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती का देवेंद्र ने विरोध किया था, जिसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या को अंजाम दिया। दूसरी बंदी सना पर प्रेमी सैफ अली के साथ मिलकर उसकी पत्नी रुबीना की हत्या करने का आरोप है। डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना में 24 जुलाई 2023 को रुबीना की संदिग्ध मृत्यु के बाद पुलिस ने सैफ और सना को गिरफ्तार किया था। दोनों तीन वर्ष से संबंध में थे और रुबीना पर तलाक का दबाव बना रहे थे।
Powered by Reporting Rajasthan Files
संबंधित ख़बरें

राजस्थान: मोबाइल चलाने से मां ने टोका तो घर से चली गई नाबालिग, तलाश में जुटी पुलिस - bhilwara minor missing after mobile scolding police search

राजस्थान के दैनिक वेतनभोगी को 28 साल की कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से राहत | Indian American doctor admits healthcare fraud conspiracy,gavel,

राजस्थान में 3 नदियों को प्रदूषित करने वाली फैक्ट्रियां हटेंगी: सुप्रीम कोर्ट ने अवैध इंडस्ट्री के पूरे नेटवर्क की जांच के निर्देश दिए - Jodhpur News


