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नकल के नए पैटर्न को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस की बड़ी कार्रवाई, डमी कैंडिडेट की गिरफ्तारी से खुला राज़

राजस्थान में नकल के ब्लूटूथ से नकल के नए पैटर्न को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डमी कैंडिडेट को गिरफ्तार किया है।

Navbharat Times के अनुसार29 जुलाई 2026 को 07:11 am बजे
नकल के नए पैटर्न को जड़ से उखाड़ने के लिए पुलिस की बड़ी कार्रवाई, डमी कैंडिडेट की गिरफ्तारी से खुला राज़

सौजन्य से:- Navbharat Times

जयपुर में ब्लूटूथ से नकल से नौकरी पाने वाली कोमल और अजमेर का गोपी गिरफ्तार, इनामी शातिरों को ऐसे दबोचा

Authored by: खुशेंद्र तिवारी|नवभारतटाइम्स.कॉम•

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आरपीएससी वर्ष 2022 की ईओ-आरओ भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कर चयनित हुई कोमल मीणा को गिरफ्तार किया है। इसी तरह अजमेर से

गिरफ्तारी से बचने बदल रही थी ठिकाना

पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए जोधपुर और नागौर में लगातार ठिकाने बदल रही थी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी पोरव कालेर से नौकरी लगने पर 7 लाख रुपए में सौदा हुआ था। पेपर लीक और ब्लूटूथ नकल प्रकरण में अब तक 33 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।वर्ष 2022 की बैठाया था डमी कैंडिडेट

इसी तरह अजमेर जिला पुलिस ने वर्ष 2022 की वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक प्रतियोगी परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा पास करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। मामले की जानकारी देते हुए आरपीएस गणेशाराम चौधरी ने बताया कि अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में अजमेर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गोपीलाल बिश्नोई निवासी कुका, जिला जालौर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपनी जगह एक डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाकर परीक्षा पास की थी। काउंसलिंग के दौरान कुल गई पोल

पुलिस के अनुसार मामला उस समय सामने आया जब आरपीएससी में काउंसलिंग के दौरान दस्तावेजों और पहचान से जुड़ी प्रक्रिया में संदेह उत्पन्न हुआ। इसके बाद वर्ष 2024 में अजमेर के सिविल लाइंस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया गया।था 5 हजार का इनाम

अजमेर पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डमी कैंडिडेट की व्यवस्था कैसे की गई, कितने रुपए देकर उसे बैठाया गया। इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल था और किस प्रकार यह षड्यंत्र बनाया गया इसको लेकर भी पूछताछ की जा रही है। बता दें कि दोनों फरार आरोपियों पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था। कन्वर्सेशन शुरू करें

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