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ये हैं राजस्थान पुलिस के मोस्ट वांटेड जो छिपे हैं विदेशों में, क्यों नहीं पकड़ पा रही राजस्थान पुलिस?

लाखों का इनाम, रेड कॉर्नर नोटिस और 'मोस्ट वांटेड' की भारी-भरकम सूची! इसके बावजूद राजस्थान पुलिस के हाथ खाली हैं। आखिर कैसे ये शातिर अपराधी देश की सीमाएं लांघकर सात समंदर पार जा पहुंचे? इटली, दुबई और कैलिफोर्निया में बैठक…

Navbharat Times के अनुसार4 अगस्त 2026 को 09:15 am बजे
ये हैं राजस्थान पुलिस के मोस्ट वांटेड जो छिपे हैं विदेशों में, क्यों नहीं पकड़ पा रही राजस्थान पुलिस?

सौजन्य से:- Navbharat Times

लाखों का इनाम, रेड कॉर्नर नोटिस और 'मोस्ट वांटेड' की भारी-भरकम सूची! इसके बावजूद राजस्थान पुलिस के हाथ खाली हैं। आखिर कैसे ये शातिर अपराधी देश की सीमाएं लांघकर सात समंदर पार जा पहुंचे? इटली, दुबई और कैलिफोर्निया में बैठकर ये न सिर्फ गैंग चला रहे हैं, बल्कि वारदातों की खुली चुनौती दे रहे हैं।

जयपुर: राजस्थान पुलिस ने पिछले साल 25 मोस्ट वांटेड अपराधी की सूची जारी की थी। इन फरार बदमाशों की धरपकड़ के लिए लोगों से सहयोग करने की अपील भी की थी लेकिन ज्यादातर अपराधी अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इन अपराधियों के खिलाफ हत्या, डकैती, लूट और रंगदारी मांगने जैसी गंभीर धाराओं के केस दर्ज हैं। फरार अपराधियों में ज्यादातर भारत में ही है लेकिन उनके बारे में पुलिस को कोई इनपुट नहीं मिल रहा। ऐसे में गिरफ्तारियां नहीं हो पा रही है।

विदेश में छिपे कई अपराधी

मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में कुछ अपराधी ऐसे हैं जो विदेश में छिपे हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि विदेश में बैठकर वे भारत में गैंग संचालित कर रहे हैं। हत्या और रंगदारी के लिए फायरिंग जैसी बड़ी वारदातों के बाद वे सोशल मीडिया के जरिए अपराध करने की जिम्मेदारी भी लेते हैं जो कि पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के बावजूद पुलिस उन तक पहुंच नहीं पा रही है।

इन बदमाशों ने विदेशों को बनाया ठिकाना

विदेशों में छिपे बदमाशों में ज्यादातर गैंगस्टर हैं। इनमें प्रमुख नाम रोहित गोदारा, महेंद्र मेघवाल, गोल्डी बराड़, वीरेंद्र सिंह चारण, अनमोल विश्नोई और नवीन बॉक्सर शामिल हैं। पेपर लीक मामले में फरार सुरेश ढाका के भी विदेश में होने की चर्चाएं हैं। इनमें से कुछ बदमाश तो ऐसे हैं जो वांटेड होते हुए भी पुलिस को चकमा देते हुए विदेश भाग गए।

लाखों का इनाम घोषित

फरार मोस्ट वांटेड अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की ओर से बड़ा इनाम भी घोषित किया जा चुका है। ना केवल राजस्थान पुलिस बल्कि केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से भी इनाम घोषित है। एनआईए की ओर से गैंगस्टर रोहित गोदारा, सतवीर उर्फ गोल्डी बराड़, महेंद्र उर्फ समीर मेघवाल और वीरेंद्र चारण पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित है। राजस्थान पुलिस की ओर से महेंद्र उर्फ समीर मेघवाल पर 2 लाख रुपए घोषित है जबकि रोहित गोदारा, वीरेंद्र सिंह चारण, पर 1 लाख और अनमोल विश्नोई सहित कई अपराधियों पर 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित है।

क्यों नहीं पकड़ पा रही पुलिस

विदेश में छिपे अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस के सामने कई चुनौतियां होती है। पहले तो अपराधियों की लोकेशन पता करना सबसे बड़ा टास्क होता है। इसके लिए इंटरपोल के साथ विदेशी एजेंसियों की मदद लेनी पड़ती है। अगर गिरफ्तारी करवा भी ली जाए तो भारत लाना और भी कठिन होता है। अलग-अलग देशों के साथ अलग-अलग तरह की संधि होती है जिसमें कई तरह की शर्तें होती है। राजस्थान पुलिस ने करीब दो साल पहले इटली में गैंगस्टर अमरदीप को स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों से गिरफ्तार करवाया था। डेढ साल पहले अमरदीप की पत्नी सुधा कंवर को भी इटली में गिरफ्तार करवाया लेकिन अभी तक दोनों को भारत नहीं लाया जा सका है। एडीजी दिनेश एमएन बताते हैं कि अमनदीप और सुधा को विदेश से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जारी है।

विदेश तक पहुंचे राजस्थान पुलिस के हाथ

ऐसा नहीं है कि राजस्थान पुलिस हाथ पर हाथ धरी बैठी है। पिछले दो साल में राजस्थान पुलिस ने विदेश में छिपे पांच अपराधियों को गिरफ्तार करवाया है। इनमें कुख्यात गैंगस्टर अमित शर्मा उर्फ जैक पंडित, लॉरेंस विश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य आदित्य जैन उर्फ टोनी, गैंगस्टर अमरदीप और उसकी पत्नी सुधा कंवर शामिल है। ये अपराधी इटली, केलिफोर्निया और दुबई में छिपे थे। एक गैंगस्टर को भारत लाने में भी कामयाबी मिल चुकी है।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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