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जयपुर में सड़क धंसने पर सख्त एक्शन: जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई... गैस लाइन फर्म का काम रोका

जयपुर में सड़क धंसने पर सख्त एक्शन: जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई... गैस लाइन फर्म का काम रोका जयपुर शहर का विस्तार हुआ, लेकिन सड़कों के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुरूप यूटिलिटी डक्ट विकसित नहीं किए गए. Published : Jul…

ETV Bharat के अनुसार10 जुलाई 2026 को 03:57 pm बजे
जयपुर में सड़क धंसने पर सख्त एक्शन: जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई... गैस लाइन फर्म का काम रोका

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर में सड़क धंसने पर सख्त एक्शन: जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई... गैस लाइन फर्म का काम रोका

जयपुर शहर का विस्तार हुआ, लेकिन सड़कों के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुरूप यूटिलिटी डक्ट विकसित नहीं किए गए.

Published : July 10, 2026 at 8:09 PM IST

जयपुर: राजधानी जयपुर में हालिया बारिश के बाद सामने आए सड़क धंसने के मामलों पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने गैस पाइपलाइन बिछाने वाली निजी कंपनी के आगे के सभी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी. साथ ही नगर निगम और जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने और अब तक हुए नुकसान की भरपाई उसी कंपनी से कराने के निर्देश दिए हैं. मंत्री ने कहा, जब तक कंपनी पूर्व में किए मरम्मत कार्यों को मानकों के अनुरूप दुरुस्त नहीं करती, तब तक आगे कोई काम नहीं करने दिया जाएगा. इसके साथ ही पूरे शहर के ड्रेनेज सिस्टम का सर्वे कर सुधार योजना तैयार करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी भी नियुक्त की गई.

27 से ज्यादा जगह धंसी सड़क: बारिश के बाद राजधानी की सड़कें लगातार धंस रही हैं. शहर में अब तक 27 से ज्यादा स्थानों पर सड़क धंसने और बड़े गड्ढे बनने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. कहीं 25 फीट लंबा और 7 से 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया तो कहीं पूरी सड़क कटाव में बह गई. कई जगह वाहन गड्ढों में फंस गए, जबकि लोगों को जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना पड़ा. इन घटनाओं ने करोड़ों रुपए की लागत से बने सड़क और ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.

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बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल :प्री मानसून की बारिश के साथ ही शहर में सड़क धंसने का सिलसिला शुरू हो गया था. सबसे पहले टोंक रोड पर करीब 25 फीट लंबा और 7 फीट गहरा गड्ढा बना. इसके बाद गोपालपुरा बायपास पर सड़क धंसने से टैंकर पलट गया. गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के सामने एक कार गड्ढे में समा गई. गोपालपुरा बायपास स्थित परमहंस धाम के सामने ड्रेनेज लाइन क्षतिग्रस्त होने से सड़क धंस गई. शिप्रा पथ पर शांति नगर जाने वाली सड़क बीच से कट गई. इसके अलावा सिरसी रोड, कालवाड़ रोड, सांगानेर, मांग्यावास, सूर्य नगर तिराहा, मानसरोवर सहित कई इलाकों में सड़क धंसने और टूटने की घटनाएं सामने आई हैं.

इंजीनियर-ठेकेदार गठजोड़ की हो जांच :सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने कहा, किसी सड़क के बनने के एक-दो साल के भीतर बह या धंसना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने आरोप लगाया कि इंजीनियरों और ठेकेदारों की मिलीभगत के बिना ऐसा संभव नहीं है. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, संबंधित अधिकारियों को 16 सीसी नोटिस जारी करने और भ्रष्ट ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की.

दुर्घटना के बाद ही जागता है प्रशासन: स्थानीय निवासी निसार खान ने कहा कि जयपुर के लगभग हर इलाके में सड़क पर गड्ढे आम बात है. कई बार ये गड्ढे गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं होती. हादसा होने के बाद नगर निगम, जेडीए और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच जाते हैं, जबकि शहर की खराब सड़कों की जानकारी सभी विभागों को पहले से है. इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे.

मंत्री बोले-अनियोजित विकास सबसे बड़ी वजह :यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि जयपुर के अनियोजित विकास का खमियाजा आज शहर को भुगतना पड़ रहा है. शहर का विस्तार हुआ, लेकिन सड़कों के साथ भविष्य की जरूरतों के अनुरूप यूटिलिटी डक्ट विकसित नहीं किए गए. नतीजतन बिजली, जलदाय, गैस और टेलीकॉम जैसी विभिन्न एजेंसियों को बार-बार सड़कें खोदनी पड़ती हैं. हाल में अधिकांश सड़क धंसने के मामलों में पाया कि गैस लाइन डालने के बाद सड़क की वैज्ञानिक तरीके से मरम्मत नहीं की गई. इसी कारण संबंधित निजी कंपनी के आगे के सभी कार्यों पर रोक लगा दी गई. नगर निगम और जेडीए को कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और अब तक हुए नुकसान की भरपाई के निर्देश दिए हैं.

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ड्रेनेज सिस्टम का व्यापक सर्वे :मंत्री ने बताया कि शहर में भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकने को पूरे ड्रेनेज नेटवर्क का तकनीकी अध्ययन कराया जाएगा. इसके लिए विशेषज्ञ एजेंसी नियुक्त की है. कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं. एजेंसी की रिपोर्ट मिलने के बाद ड्रेनेज सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान सड़क धंसने जैसी घटनाएं दोबारा न हो. उन्होंने ये भी कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन का प्रावधान पहले से है और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इसे और प्रभावी बनाया जाएगा.

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