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'टीचर्स ने नहीं की मदद, दोस्त करते थे बुली', जयपुर छात्र सुसाइड केस में पैरेंट्स ने जारी किया नया वीडियो

Sign In Advertisement X राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित नीरजा मोदी स्कूल में पिछले साल आत्महत्या करने वाली नौ साल की बच्ची अमायरा के माता पिता ने क्लासरूम…

AajTak के अनुसार10 जुलाई 2026 को 08:45 am बजे
'टीचर्स ने नहीं की मदद, दोस्त करते थे बुली', जयपुर छात्र सुसाइड केस में पैरेंट्स ने जारी किया नया वीडियो

सौजन्य से:- AajTak

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित नीरजा मोदी स्कूल में पिछले साल आत्महत्या करने वाली नौ साल की बच्ची अमायरा के माता पिता ने क्लासरूम की नई सीसीटीवी फुटेज सामने रखी है. परिवार का आरोप है कि स्कूल में उनकी बेटी को सहपाठियों ने बार बार परेशान किया था. मदद मांगने पर भी शिक्षकों की तरफ से जरूरी कार्रवाई नहीं हुई. अब परिवार ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग दोहराई है.

अमायरा चौथी कक्षा की छात्रा थी. पिछले साल एक नवंबर को उसने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी. उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के करीब आठ महीने बाद राजस्थान पुलिस ने इस मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल की है.

परिवार का कहना है कि नई सीसीटीवी फुटेज में घटना से ठीक पहले क्लासरूम के अंदर का पूरा घटनाक्रम कैद है. उनके मुताबिक वीडियो में अमायरा सामान्य तरीके से क्लास में आती दिखती है, एक सहपाठी को अभिवादन करती है और डांस एक्टिविटी में हिस्सा लेती है. इसके बाद उसे बाकी बच्चों की तरफ से बार बार परेशान किए जाने का आरोप लगाया गया है. परिवार का कहना है कि बच्ची के परेशान होने के साफ संकेत होने के बावजूद शिक्षकों की तरफ से कोई ठोस मदद नहीं मिली.

यह भी पढ़ें: जयपुर में बेटी ने नौकरी और संपत्ति के लिए ऐसे रची थी मां को मारने की साजिश, हत्या का कोई पछतावा नहीं

अमायरा के पिता विजय मीणा और मां शिवानी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने कई बार मदद मांगी थी, लेकिन स्कूल की तरफ से सही तरीके से जवाब नहीं दिया गया. उन्होंने मांग की कि जहां भी कानूनी रूप से जरूरी हो, वहां उकसाने से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी जाएं और मामले की निष्पक्ष जांच हो.

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के दबाव में सही तरीके से जांच नहीं की और क्लास में क्या हुआ था, यह साफ नहीं कर पाई.

संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि यह मामला स्कूलों में जवाबदेही से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है और बच्चों की सुरक्षा के नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है.

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संगठन के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन ने कहा कि इस मामले ने निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी खामियां उजागर की हैं और स्कूलों में एंटी बुलिंग नीति, योग्य काउंसलर, पूरी सीसीटीवी निगरानी और शिकायत निवारण की व्यवस्था होनी चाहिए.

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