होमक्राइमखजराना हेवेली तिजोरी से निकली खाली, पूर्व मालिक पक्ष का युवक समझाने पर लाए साथ
क्राइम

खजराना हेवेली तिजोरी से निकली खाली, पूर्व मालिक पक्ष का युवक समझाने पर लाए साथ

जयपुर की चर्चित हेवेली खजराना हेवेली से तीसरी तिजोरी मिलने के बाद, पुलिस ने पूर्व मालिक पक्ष के युवक को समझाने के बाद तिजोरी को वापस लाने में मदद की। पुलिस की मौजूदगी में तिजोरी को खोलने के बाद, उसमें कोई सामान नहीं मिला।

Hindustan के अनुसार29 जुलाई 2026 को 06:44 am बजे
खजराना हेवेली तिजोरी से निकली खाली, पूर्व मालिक पक्ष का युवक समझाने पर लाए साथ

सौजन्य से:- Hindustan

जयपुर की पुश्तैनी हवेली में फिर मिली तिजोरी; पूर्व मालिक पक्ष का युवक लेकर भागा

करीब तीन घंटे तक चली मशक्कत के बाद कटर की मदद से तिजोरी खोली गई। तिजोरी खुलने के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की निगाहें इस पर टिकी रहीं और कई तरह की चर्चाएं होती रहीं।

राजधानी जयपुर के धाभाई जी के खुर्रे स्थित चर्चित “मुंबई वालों की हवेली” से मंगलवार को एक बार फिर तिजोरी मिलने का मामला सामने आया। हालांकि इस बार तिजोरी मिलने से ज्यादा चर्चा उस वक्त हुई, जब हवेली बेचने वाले परिवार (पूर्व मालिक पक्ष) का एक युवक तिजोरी उठाकर मौके से चला गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया, समझाइश देकर युवक को वापस बुलाया और तिजोरी फिर से मौके पर लाई गई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस की मौजूदगी में तिजोरी को कटर से खोला गया, लेकिन उसके अंदर कुछ भी नहीं मिला।

तोड़फोड़ के दौरान मलबे से निकली तीसरी तिजोरी

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे धाभाई जी के खुर्रे स्थित पुश्तैनी हवेली को तोड़ने का काम चल रहा था। जेसीबी से एक दीवार गिराई जा रही थी, तभी मलबे के बीच से लोहे की एक तिजोरी बाहर निकल आई। तिजोरी दिखाई देने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में उत्सुकता बढ़ गई और कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।

जेसीबी चालक ने सुरक्षित रखी, तभी युवक लेकर चला गया

जेसीबी चालक रिहान ने बताया कि दीवार टूटते ही तिजोरी मलबे के साथ बाहर आ गई थी। उसने उसे सुरक्षित निकालकर एक किनारे रख दिया ताकि नुकसान न पहुंचे। इसी दौरान हवेली के पूर्व मालिक परिवार का सदस्य अभिषेक अग्रवाल एक्टिवा से मौके पर पहुंचा और तिजोरी अपने साथ लेकर वहां से चला गया।

खरीदार ने जताई आपत्ति, पुलिस को दी सूचना

घटना की जानकारी मिलते ही हवेली के वर्तमान मालिक पक्ष ने इस पर आपत्ति जताई। खरीदार रमेश नारनोली ने बताया कि संपत्ति का स्वामित्व बदल चुका है, ऐसे में परिसर से मिली किसी भी वस्तु को अपने साथ ले जाना उचित नहीं था। उनका कहना था कि यदि तिजोरी मिली थी तो उसे पुलिस के सुपुर्द किया जाना चाहिए था, ताकि नियमानुसार कार्रवाई हो सके।

समझाइश के बाद तिजोरी लेकर वापस पहुंचा युवक

मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने पूर्व मालिक पक्ष के युवक से संपर्क किया और उसे समझाइश देकर तिजोरी वापस लाने के लिए कहा। इसके बाद युवक तिजोरी लेकर दोबारा मौके पर पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में तिजोरी को सुरक्षित रखा गया और उसे खोलने की तैयारी शुरू की गई।

तीन घंटे की मशक्कत के बाद खुली तिजोरी

करीब तीन घंटे तक चली मशक्कत के बाद कटर की मदद से तिजोरी खोली गई। तिजोरी खुलने के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की निगाहें इस पर टिकी रहीं और कई तरह की चर्चाएं होती रहीं। लोगों को उम्मीद थी कि शायद इसमें कोई पुरानी धरोहर, आभूषण, नकदी या अन्य कीमती सामान मिल सकता है, लेकिन तिजोरी पूरी तरह खाली निकली। इसके साथ ही संभावित खजाने को लेकर लगाई जा रही तमाम अटकलों पर विराम लग गया।

पहले मिली दोनों तिजोरियां भी थीं खाली

रमेश नारनोली ने बताया कि इससे पहले भी इसी हवेली से दो अन्य तिजोरियां मिली थीं। उन दोनों तिजोरियों को भी पुलिस की मौजूदगी में खोला गया था, लेकिन उनमें भी कोई सामान नहीं मिला था। मंगलवार को मिली यह तीसरी तिजोरी भी खाली निकलने के बाद स्पष्ट हो गया कि फिलहाल हवेली से किसी प्रकार का खजाना बरामद नहीं हुआ है।

भविष्य में कुछ मिला तो सरकार को सौंपेंगे

उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में हवेली की खुदाई या तोड़फोड़ के दौरान कोई मूल्यवान वस्तु, ऐतिहासिक धरोहर या खजाना मिलता है तो उसे कानून और सरकारी नियमों के अनुसार संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा। आवश्यकता होने पर उसका उपयोग जनहित के कार्यों में किया जाएगा।

तीसरी तिजोरी के बाद फिर शुरू हुई खजाने की चर्चाएं

हालांकि तीसरी तिजोरी भी खाली निकली, लेकिन लगातार एक के बाद एक तिजोरियां मिलने से इलाके में चर्चाओं का दौर फिर तेज हो गया है। स्थानीय लोग पुरानी हवेलियों में गड़े खजाने और छिपी हुई धरोहरों को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए सभी कार्रवाई नियमानुसार की गई और तिजोरी खोलने की प्रक्रिया भी पुलिस की मौजूदगी में पूरी कराई गई। फिलहाल तिजोरी से कोई आपत्तिजनक या मूल्यवान सामग्री नहीं मिलने के कारण मामले में आगे की कोई विशेष कार्रवाई नहीं की जा रही है।

लेखक के बारे में

Sachin Sharmaसचिन शर्मा | वरिष्ठ पत्रकार (राजस्थान)

सचिन शर्मा राजस्थान के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में राजस्थान सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल जर्नलिज्म तक, सचिन ने समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को हमेशा प्राथमिकता दी है।

सचिन शर्मा का पत्रकारिता करियर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जी राजस्थान में लगभग 3 वर्षों तक मेडिकल और एजुकेशन बीट पर रिपोर्टर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग की। इसके बाद प्रिंट और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहते हुए उन्होंने राजनीति, प्रशासन, सामाजिक सरोकार और जन आंदोलन जैसे विषयों पर भी व्यापक कवरेज किया।

शैक्षणिक रूप से, सचिन शर्मा ने राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है, जिससे उन्हें फाइनेंस और आर्थिक मामलों की मजबूत समझ मिली। इसके बाद उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर पत्रकारिता की सैद्धांतिक और व्यावहारिक दक्षता हासिल की। सचिन शर्मा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग, स्रोतों की विश्वसनीयता और पाठकों के विश्वास को पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी मानते हैं।

लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Powered by Reporting Rajasthan Files

संबंधित ख़बरें