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राजस्थान में जन्में क्रिकेटर ने इंडिया को चखाया हार का स्वाद, संजू सैमसन और शिवम दुबे को किया धराशायी

राजस्थान में जन्में क्रिकेटर ने इंडिया को चखाया हार का स्वाद, संजू सैमसन और शिवम दुबे को किया धराशायी आयरलैंड के खिलाफ मैच में भारत को पटखनी देने में राजस्थान में जन्मे भारतीय मूल के क्रिकेटर जय मूंदड़ा का अहम योगदान रहा…

Live Hindustan के अनुसार28 जून 2026 को 04:06 am बजे
राजस्थान में जन्में क्रिकेटर ने इंडिया को चखाया हार का स्वाद, संजू सैमसन और शिवम दुबे को किया धराशायी

सौजन्य से:- Live Hindustan

राजस्थान में जन्में क्रिकेटर ने इंडिया को चखाया हार का स्वाद, संजू सैमसन और शिवम दुबे को किया धराशायी

आयरलैंड के खिलाफ मैच में भारत को पटखनी देने में राजस्थान में जन्मे भारतीय मूल के क्रिकेटर जय मूंदड़ा का अहम योगदान रहा है। उन्होंने शिवम दुबे और संजू सैमसन को आउट किया। जानिए उनके बारे में।

भारत और आयरलैंड के बीच खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में राजस्थान में जन्में एक युवा तेज गेंदबाज ने आयरलैंड की ओर से डेब्यू किया और अपनी चमक बिखेरने में सफल रहे। उन्होंने पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को बोल्ड करके लाइमलाइट लूटी। इस खिलाड़ी का नाम जय मूंदड़ा है। जय मूंदड़ा भारतीय मूल के हैं लेकिन उन्हें आयरलैंड की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका मिला और उन्होंने इस मौके को बेहतर तरीके से भुनाया भी।

राजस्थान के टोंक के हैं जय मूंदड़ा

29 वर्षीय भारतीय मूल के आयरिश गेंदबाज जय मूंदड़ा का जन्म राजस्थान के जयपुर शहर के पास स्थित टोंक में हुआ। जय बचपन से ही क्रिकेट खेलते थे, लेकिन साल 2021 में एक ऐसा वक्त आया जब उन्होंने अपनी क्रिकेटिंग प्रैक्टिस छोड़कर आगे की पढ़ाई करने के लिए आयरलैंड जाने का फैसला किया और फिर वहीं के हो गए। वह इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए आयरलैंड चले गए। आयरलैंड में बसने के बाद उन्होंने डबलिन के लेनस्टर क्रिकेट क्लब के लिए खेलना शुरू किया और 2023 में आयरिश सीनियर कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। मूंदड़ा लेनस्टर लाइटनिंग के लिए भी नियमित रूप से खेलते रहे हैं, लेकिन उन्हें पहली बार अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह जोश लिटिल के चोटिल होने के कारण मिली और उन्होंने कमाल कर दिया।

संजू सैमसन और शिवम दुबे को बनाया अपना शिकार

इत्तेफाक देखिए कि मूंदड़ा को अपनी हमवतन टीम के खिलाफ ही पहला मैच खेलने का मौका मिला। उन्होंने आयरलैंड की ओर से खेलते हुए भारत के खिलाफ डेब्यू किया और अपने मौके को अच्छे से भुनाया। संजू सैमसन उनके पहले शिकार बने, जिन्होंने ऑफ स्टंप्स से बाहर जाती गेंद को कट मारने का प्रयास किया और बोल्ड हो गए। इसके बाद उन्होंन इन फॉर्म बल्लेबाज और लंबे- लंबे हिट लगा रहे शिवम दुबे को भी पवेलियन भेज दिया। उन्होंने 26 जून को खेले गए मुकाबले में 4 ओवर की गेंदबाजी में 25 रन देकर दो विकेट लिए और भारत के खिलाफ आयरलैंड की जीत में अपनी अहम भूमिका निभाई। अगर जय मूंदड़ा ने आखिरी वक्त में छक्के लगा रहे दुबे का कैच ना लिया होता तब नतीजा कुछ और हो सकता था।

भारत के खिलाफ खेलना एक सपना सच होने जैसा है

मैच के बाद मूंदड़ा ने कहा कि वह अपने डेब्यू को जिंदगी भर संजोकर रखेंगे। उन्होंने कहा- "मैं उत्साहित भी था। भारत जैसी टीम के खिलाफ खुद को परखना और पहली ही गेंद पर विकेट हासिल करना, ऐसे में मैं खुद को ज्यादा भावुक नहीं होने देना चाहता था क्योंकि तब भी नौ विकेट लेने बाकी थे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचकर भारत के खिलाफ खेलना एक सपना सच होने जैसा है। यह खास है, एक शानदार अहसास है।"

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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