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राजस्थान: ‘आलू से सोना बने या नहीं, पानी मिले तो किसान धरती से सोना उगाएंगे’, बोले सीएम भजनलाल

राजस्थान: ‘आलू से सोना बने या नहीं, पानी मिले तो किसान धरती से सोना उगाएंगे’, बोले सीएम भजनलाल राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीकर, चूरू और झुंझुनू जिलों के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। जनसभा में उन्होंने रा…

Amar Ujala के अनुसार1 अक्टूबर 2026 को 04:04 pm बजे
राजस्थान: ‘आलू से सोना बने या नहीं, पानी मिले तो किसान धरती से सोना उगाएंगे’, बोले सीएम भजनलाल

सौजन्य से:- Amar Ujala

राजस्थान: ‘आलू से सोना बने या नहीं, पानी मिले तो किसान धरती से सोना उगाएंगे’, बोले सीएम भजनलाल

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीकर, चूरू और झुंझुनू जिलों के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। जनसभा में उन्होंने राजस्थान में पानी की समस्या को सरकार की पहली प्राथमिकता बताते हुए यमुना जल समझौते, बिजली, रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। साथ ही राहुल गांधी के पूर्व में दिए गए आलू से सोना निकालने वाले बयान पर तंज भी कसा है।

विस्तार

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीकर, चूरू व झुंझुनू जिलों के विकास कार्यों का शिलान्यास किया है। कार्यक्रम के दौरान जनसभा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के एक नेता ने कहा था कि आलू से सोना बनाया जा सकता है। मुझे नहीं पता कि उनकी फैक्ट्रियां वास्तव में आलू से सोना बना सकती हैं या नहीं।

लेकिन मैं यह निश्चित रूप से कह सकता हूं कि अगर शेखावाटी क्षेत्र और राजस्थान की धरती को पानी मिल जाए तो मेरे सामने बैठे किसान इस मिट्टी से वास्तव में सोना उगा सकते हैं। खेती करके वे जमीन से सोना निकाल सकते हैं।

'आज 41 हजार करोड़ रुपये के काम धरातल पर शुरू हो चुके हैं'

सीएम ने कहा कि जब हमारी सरकार ढाई साल पहले सत्ता में आई थी, तब राजस्थान में पानी की समस्या का समाधान करना हमारी पहली प्राथमिकता थी। इसके बाद हमारी प्राथमिकताएं बिजली, रोजगार और उद्योग रहीं। आज 41 हजार करोड़ रुपये के काम धरातल पर शुरू हो चुके हैं। हमारा पहला काम राजस्थान में पानी लाना था। दूसरा मुद्दा यमुना के पानी का था। आपको याद होगा कि इसके महज दो महीने बाद, फरवरी में, हमने यमुना को लेकर समझौता किया था। यमुना जल समझौते को अंतिम रूप दिया गया।

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