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स्नातक नामांकन में फर्जी कोटा का खुलासा, नामांकन पर लगी रोक

स्नातक नामांकन में फर्जी कोटा का खुलासा, नामांकन पर लगी रोक बेतिया, बेतिया कार्यालय बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2026-30 के नामांकन में बेतिया, बेतिया कार्यालय बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2026-30…

Hindustan के अनुसार9 जुलाई 2026 को 04:09 am बजे
स्नातक नामांकन में फर्जी कोटा का खुलासा, नामांकन पर लगी रोक

सौजन्य से:- Hindustan

स्नातक नामांकन में फर्जी कोटा का खुलासा, नामांकन पर लगी रोक

बेतिया, बेतिया कार्यालय बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2026-30 के नामांकन में

बेतिया, बेतिया कार्यालय बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2026-30 के नामांकन में फर्जी कोटा का खुलासा हो गया है। तीसरी मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद नगर के महारानी जानकी कुंवर (एमजेके) कॉलेज और राम लखन सिंह यादव (आरएलएसवाई) महाविद्यालय में फर्जी कोटा के इस्तेमाल का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि कुछ साइबर कैफे संचालकों एवं कथित छात्र नेताओं की मिलीभगत से एनसीसी, खेलकूद, प्राचार्य सहित अन्य विशेष कोटों का गलत इस्तेमाल कर मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल किया है। हालांकि नामांकन के दौरान संबंधित प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने ऐसे मामलों पर रोक लगा दी है।

नामांकन के लिए पहुंचे कई विद्यार्थियों के पास संबंधित कोटा का कोई वैध प्रमाणपत्र नहीं मिला। दोनों कॉलेजों को मिला दे तो लगभग तीन दर्जन से ज्यादा मामले सामने आ गए हैं। जांच के दौरान यह मामला सामने आने के बाद दोनों महाविद्यालयों में विशेष कोटे से होने वाले नामांकन की जांच शुरू कर दी गई है। कॉलेज प्रशासन अब प्रत्येक अभ्यर्थी के मूल प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर रहा है। कुछ छात्रों ने बताया कि मेरिट लिस्ट में नाम लाने का भरोसा देकर साइबर कैफे संचालकों ने उनसे दो से तीन हजार रुपये तक ले लिए हैं। वहीं कुछ अन्य छात्रों का आरोप है कि कथित छात्र नेताओं ने भी मेरिट लिस्ट में नाम लाने के लिए रुपये वसूले हैं। महाविद्यालय में चलने वाले विभिन्न प्रकार के कोटे के तहत जितनी भी सूची आई है उसे अब खंगालने का काम शुरू हो गया है। राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अभय कुमार ने बताया कि सभी विभागों और नामांकन काउंटरों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि संबंधित कोटा का मूल एवं वैध प्रमाणपत्र देखने के बाद ही नामांकन की अनुमति दी जाए। बिना प्रमाणपत्र किसी भी छात्र का नामांकन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने गलत जानकारी देकर या फर्जी कोटा का इस्तेमाल कर मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है तो ऐसे मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे किसी भी बिचौलिये, साइबर कैफे अथवा अनधिकृत व्यक्ति के बहकावे में न आएं और केवल विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय की आधिकारिक प्रक्रिया का ही पालन करें।

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