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हाई पावर कमेटी का अरावली दौरा: नोडल अधिकारी नियुक्त न होने से भड़के गहलोत, सरकार की नीयत पर उठाए सवाल

हाई पावर कमेटी का अरावली दौरा: नोडल अधिकारी नियुक्त न होने से भड़के गहलोत, सरकार की नीयत पर उठाए सवाल गहलोत ने कहा कि आईसीएफआरई की ओर से पत्र भेजे जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अभी तक नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं किया. Publ…

ETV Bharat के अनुसार4 अगस्त 2026 को 12:15 pm बजे
हाई पावर कमेटी का अरावली दौरा: नोडल अधिकारी नियुक्त न होने से भड़के गहलोत, सरकार की नीयत पर उठाए सवाल

सौजन्य से:- ETV Bharat

हाई पावर कमेटी का अरावली दौरा: नोडल अधिकारी नियुक्त न होने से भड़के गहलोत, सरकार की नीयत पर उठाए सवाल

गहलोत ने कहा कि आईसीएफआरई की ओर से पत्र भेजे जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अभी तक नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं किया.

Published : August 4, 2026 at 1:07 PM IST

जयपुर: अरावली पर्वतमाला की परिभाषा और संरक्षण से जुड़े मुद्दों के अध्ययन के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित की गई हाई पावर कमेटी 6 से 10 अगस्त तक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अरावली क्षेत्र का दौरा करेगी. भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के महानिदेशक की अध्यक्षता वाली समिति पर्यावरण, जल संसाधनों, जैविक विविधता, खनन गतिविधियों, भूमि उपयोग और स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़े पहलुओं का जमीनी आकलन करेगी.

आईसीएफआरई ने 27 जून को भेजा पत्र: वहीं, कमेटी का दौरा तय होने के बावजूद सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं के जाने को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं और इसकी निंदा की है. गहलोत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर हाई पावर कमेटी दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की अरावली क्षेत्र का दौरा करेगी. यह अरावली के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है, परंतु चिंता का विषय यह है कि आईसीएफआरई की ओर से 27 जून को पत्र भेजे जाने के बावजूद भी राज्य सरकार ने अभी तक नोडल अधिकारी नियुक्त नहीं किया है जो निंदनीय है."

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रेगिस्तान को रोकने वाली प्राकृतिक दीवार: गहलोत ने कहा कि अरावली केवल एक पर्वत श्रृंखला नहीं थार के रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोकने वाली प्राकृतिक दीवार है. यह प्रदेश के जल स्रोतों, वर्षा चक्र, वन्यजीवों और लाखों लोगों की आजीविका का आधार है. भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में अरावली में अवैध खनन पूरी तरह से रोकने के लिए अरावली हिल्स के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का वादा किया था. आज स्थिति यह है कि सर्वोच्च न्यायालय की कमेटी के दौरे तक के लिए सरकार प्रशासनिक तैयारी नहीं कर पाई. गहलोत ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि तत्काल वरिष्ठ मॉडल अधिकारी नियुक्त कर कमेटी के समक्ष प्रदेश का पक्ष पूरी गंभीरता से रखा जाए. जनसुनवाई में स्थानीय समुदायों, किसानों और पर्यावरणविदों की आवाज दर्ज हो और अवैध खनन पर ठोस कार्रवाई की जाए. अरावली बचेगी तो राजस्थान बचेगा.

इन जगहों पर दौरा करेगी कमेटी: हाई पावर कमेटी 6 अगस्त को दिल्ली, गुड़गांव और फरीदाबाद क्षेत्र का दौरा करेगी. 7 अगस्त को फरीदाबाद से कोटपूतली, नीम का थाना, खंडेला होते हुए सरिस्का पहुंचेगी और 8 अगस्त को सरिस्का, जयपुर और अजमेर का भ्रमण करेगी. 9 अगस्त को अजमेर, ब्यावर, राजसमंद और उदयपुर का दौरा रहेगा. 10 अगस्त को समिति उदयपुर,पिंडवाड़ा और माउंट आबू क्षेत्र का निरीक्षण करेगी.

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