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वात्रक तालाब हादसा: कानून ने बच्चों को सुरक्षित नहीं किया?

राजस्थान के डूंगरपुर में वात्रक तालाब में नहाने गए छह बच्चों में से चार की मौत हो गई। यह हादसा ग्रामीणों ने समय रहते बचा पाने से ज्यादा दर्दनाक था क्योंकि इसमें बच्चों की सुरक्षा में कानून की कमी से जान जाने की घटना सामने आई है। सूत्र: अमर उजाला

Amar Ujala के अनुसार13 जुलाई 2026 को 04:04 am बजे
वात्रक तालाब हादसा: कानून ने बच्चों को सुरक्षित नहीं किया?

सौजन्य से:- Amar Ujala

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राजस्थान के डूंगरपुर में बड़ा हादसा: नहाने गए छह बच्चों में से चार तालाब में डूबे, मौत; मामा के घर आए थे सभी

Sun, 12 Jul 2026 04:31 PM IST

बांसवाड़ा ब्यूरो

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर

Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो

Updated Sun, 12 Jul 2026 04:31 PM IST

सार

धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में वात्रक तालाब में नहाने गए छह बच्चों में से चार की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी फुफेरी बहन शामिल हैं।

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विस्तार

डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। वात्रक तालाब में नहाने गए छह बच्चों में से चार की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी फुफेरी बहन शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी गांव निवासी बाबूसिंह डामोर के बच्चे हिना (24), प्रतीक (20) और इशिता (15) अपने रिश्तेदारों के साथ वात्रक तालाब में नहाने पहुंचे थे। उनके साथ गुजरात के पालनपुर निवासी उनकी फुफेरी बहन रौनक (20) भी मौजूद थी। नहाने के दौरान सभी बच्चे अचानक तालाब के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे।

ग्रामीणों ने दो को बचाया

बच्चों को बचाने के लिए मौके पर मौजूद ग्रामीण तुरंत तालाब में कूद पड़े और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।ग्रामीणों की मदद से राजवीर और जयसिंह नाम के दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हालांकि, हिना, प्रतीक, इशिता और रौनक को बचाया नहीं जा सका। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

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पढ़ें: सरकारी जांच में खुलासा, OT संक्रमण नहीं बल्कि इन कारणों से हुईं मौतें; जांच तेज

मां-बाप ही बचे

इस हादसे ने बाबूसिंह डामोर के परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा ही थे, जिनकी इस दुर्घटना में मौत हो गई। अब परिवार में केवल माता-पिता ही बचे हैं। बड़ी बेटी हिना गांव के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। बेटा प्रतीक ने हाल ही में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी और कॉलेज के प्रथम वर्ष में प्रवेश की तैयारी कर रहा था। सबसे छोटी बेटी इशिता 11वीं कक्षा की छात्रा थी।

छुट्टी बिताने आई थी ननिहाल

वहीं, रौनक चार दिन पहले ही अपने मामा के घर छुट्टियां बिताने पालनपुर से बड़ी गांव आई थी। किसी ने भी नहीं सोचा था कि उसकी यह यात्रा आखिरी साबित होगी। घटना की सूचना मिलते ही रौनक के परिजन पालनपुर से बड़ी गांव के लिए रवाना हो गए। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी गांव निवासी बाबूसिंह डामोर के बच्चे हिना (24), प्रतीक (20) और इशिता (15) अपने रिश्तेदारों के साथ वात्रक तालाब में नहाने पहुंचे थे। उनके साथ गुजरात के पालनपुर निवासी उनकी फुफेरी बहन रौनक (20) भी मौजूद थी। नहाने के दौरान सभी बच्चे अचानक तालाब के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे।

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ग्रामीणों ने दो को बचाया

बच्चों को बचाने के लिए मौके पर मौजूद ग्रामीण तुरंत तालाब में कूद पड़े और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।ग्रामीणों की मदद से राजवीर और जयसिंह नाम के दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हालांकि, हिना, प्रतीक, इशिता और रौनक को बचाया नहीं जा सका। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

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मां-बाप ही बचे

इस हादसे ने बाबूसिंह डामोर के परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा ही थे, जिनकी इस दुर्घटना में मौत हो गई। अब परिवार में केवल माता-पिता ही बचे हैं। बड़ी बेटी हिना गांव के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। बेटा प्रतीक ने हाल ही में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी और कॉलेज के प्रथम वर्ष में प्रवेश की तैयारी कर रहा था। सबसे छोटी बेटी इशिता 11वीं कक्षा की छात्रा थी।

छुट्टी बिताने आई थी ननिहाल

वहीं, रौनक चार दिन पहले ही अपने मामा के घर छुट्टियां बिताने पालनपुर से बड़ी गांव आई थी। किसी ने भी नहीं सोचा था कि उसकी यह यात्रा आखिरी साबित होगी। घटना की सूचना मिलते ही रौनक के परिजन पालनपुर से बड़ी गांव के लिए रवाना हो गए। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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