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लीसेस्टर मेले में राजस्थानी रंग : जयपुर की गरिमा कछावा ने ब्रिटेन में बढ़ाया मान, बिखेरे लोक संस्कृति के रंग

लीसेस्टर मेले में राजस्थानी रंग : जयपुर की गरिमा कछावा ने ब्रिटेन में बढ़ाया मान, बिखेरे लोक संस्कृति के रंग गरिमा ने बताया कि वो कुछ वर्षों से ब्रिटेन में रजवाड़ी रूट्स के माध्यम से राजस्थानी और भारतीय लोक संस्कृति को प…

ETV Bharat के अनुसार20 अगस्त 2026 को 04:55 am बजे
लीसेस्टर मेले में राजस्थानी रंग : जयपुर की गरिमा कछावा ने ब्रिटेन में बढ़ाया मान, बिखेरे लोक संस्कृति के रंग

सौजन्य से:- ETV Bharat

लीसेस्टर मेले में राजस्थानी रंग : जयपुर की गरिमा कछावा ने ब्रिटेन में बढ़ाया मान, बिखेरे लोक संस्कृति के रंग

गरिमा ने बताया कि वो कुछ वर्षों से ब्रिटेन में रजवाड़ी रूट्स के माध्यम से राजस्थानी और भारतीय लोक संस्कृति को प्रोत्साहित कर रही हैं.

Published : August 20, 2026 at 9:08 AM IST

जयपुर : ब्रिटेन के लीसेस्टर स्थित एबी पार्क में आयोजित लीसेस्टर मेला 2026 में राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली. जयपुर की गरिमा कछावा ने पारंपरिक राजस्थानी लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों से विदेशी धरती पर राजस्थान की कला, संगीत और लोक परंपराओं के रंग बिखेरे. लीसेस्टर मेले में रजवाड़ी रूट्स की संस्थापक गरिमा कछावा ने अपने परफॉर्मेंस की शुरुआत तेरह ताली की एकल प्रस्तुति से की.

इसके बाद उन्हीं के ग्रुप की नीरजा गोयल और मलारकोडी नागरत्नम ने उनके साथ मंच शेयर किया और फिर राजस्थान के प्रमुख घूमर और कालबेलिया सहित विभिन्न लोकगीतों और नृत्य शैलियों को विदेशी धरती पर वहां के लोगों के सामने प्रस्तुत किया. इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा, राजस्थानी संगीत और लोक नृत्यों से सजी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया.

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गरिमा ने बताया कि जयपुर से जुड़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों को साथ लेकर वो पिछले कुछ वर्षों से ब्रिटेन में रजवाड़ी रूट्स के माध्यम से राजस्थानी और भारतीय लोक संस्कृति को प्रोत्साहित कर रही हैं. उनका उद्देश्य लोक नृत्य शैलियों के मूल स्वरूप और सांस्कृतिक पहचान को बरकरार रखते हुए उन्हें ब्रिटेन के विविध समुदायों और नई पीढ़ी तक पहुंचाना है. उन्होंने बताया कि ये ब्रिटेन का फेमस फेयर है. जिसमें ब्रिटेन के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं. एबी पार्क में आयोजित इस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ परिवारों और बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां और आकर्षण भी रहते है. इस वजह से बड़ी संख्या में लोग इस फेयर से जुड़ते हैं.

ऐसे में रजवाड़ी रूट्स के लिए लीसेस्टर मेला राजस्थान की लोक परंपराओं, संगीत और नृत्य को भारत से दूर ब्रिटेन की धरती पर प्रजेंट करने का खास अवसर बना. आयोजन के जरिए न केवल राजस्थानी संस्कृति की खूबसूरती को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला, बल्कि नई पीढ़ी और विभिन्न समुदायों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी आगे बढ़ा.

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