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जयपुर के चर्चित हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: मां की सुपारी के साथ पिता की मौत में भी आयुषी की भूमिका जांचेगी पुलिस

जयपुर के चर्चित हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: मां की सुपारी के साथ पिता की मौत में भी आयुषी की भूमिका जांचेगी पुलिस आयुषी के मामा का आरोप-जीजा विजय शर्मा की मौत सामान्य नहीं थी. आयुषी पर जताया संदेह. पुलिस ने आरोपों…

ETV Bharat के अनुसार11 जुलाई 2026 को 02:57 pm बजे
जयपुर के चर्चित हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: मां की सुपारी के साथ पिता की मौत में भी आयुषी की भूमिका जांचेगी पुलिस

सौजन्य से:- ETV Bharat

जयपुर के चर्चित हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: मां की सुपारी के साथ पिता की मौत में भी आयुषी की भूमिका जांचेगी पुलिस

आयुषी के मामा का आरोप-जीजा विजय शर्मा की मौत सामान्य नहीं थी. आयुषी पर जताया संदेह. पुलिस ने आरोपों को जांच के दायरे में लिया.

Published : July 11, 2026 at 7:02 PM IST

जयपुर: शहर के प्रतापनगर में महिला नीरज शर्मा की कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस हिरासत में मौजूद 23 वर्षीय आरोपी एलएलबी छात्रा आयुषी शर्मा पर अब अपनी मां नीरज शर्मा से पहले पिता विजय शर्मा की मौत में भी भूमिका होने के आरोप लगे हैं. आयुषी के मामा राकेश शर्मा का दावा है, पिछले साल हुई विजय शर्मा की मौत सामान्य नहीं थी. इसकी दोबारा जांच होनी चाहिए. पुलिस ने इन आरोपों को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है. जयपुर ईस्ट डीसीपी रंजिता शर्मा का कहना है कि परिजनों ने शिकायत दी है, जिसकी नीरज शर्मा की हत्या के मुकदमे के साथ ही जांच की जा रही है.

दोनों मौतों की कड़ी जोड़ रही पुलिस: जयपुर पुलिस अब इस पूरे मामले को केवल नीरज शर्मा की हत्या तक सीमित नहीं मान रही है. जांच एजेंसियां अब विजय शर्मा की मौत, अनुकंपा नियुक्ति, पारिवारिक संपत्ति, आर्थिक लेन-देन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं. पिता की मौत में भी किसी साजिश के प्रमाण मिलते हैं तो आरोपियों के खिलाफ उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मामा का भांजी आयुषी पर आरोप: मां की मौत मामले में आरोपी आयुषी के मामा राकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद विजय शर्मा को आयुषी और उसका चचेरे भाई बलराम ने परिवार से दूर अज्ञात अस्पताल में भर्ती कराया था. आरोप है कि करीब तीन महीने परिवार को उनके इलाज और स्वास्थ्य की सही जानकारी नहीं दी गई.

निजी अस्पताल का हवाला देती: राकेश शर्मा ने कहा कि जब उनकी बहन नीरज बार-बार पति के बारे में पूछती थीं तो आयुषी केवल इतना कहती थी, पापा का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है. बाद में जब विजय घर लौटे तो चिकित्सकों ने बताया कि उनके कई अंग काम करना बंद कर चुके थे.

फीडिंग ट्यूब हटाने का आरोप: मामा ने आरोप लगाया कि विजय शर्मा की फीडिंग ट्यूब भी आयुषी ने हटाई थी. जिससे उनकी मौत हो गई. हालांकि इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस ने इन दावों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी. आयुषी से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है.

पिता की मौत के बाद विवाद शुरू: पुलिस जांच के अनुसार, विजय शर्मा जयपुर कोर्ट में कोर्ट मास्टर थे. उनकी मृत्यु के बाद परिवार को मिलने वाली अनुकंपा नियुक्ति को लेकर घर में विवाद शुरू हुआ. आयुषी खुद सरकारी नौकरी चाहती थी, लेकिन नौकरी उसकी मां नीरज शर्मा को मिल गई. पुलिस का कहना है कि इसी बात को लेकर मां-बेटी के बीच लगातार विवाद बढ़ता गया. जांच में पाया कि आयुषी को आशंका थी कि मां परिवार की संपत्ति और सरकारी लाभ उसके छोटे मानसिक रूप से अस्वस्थ भाई के नाम कर सकती हैं. इसी कारण उसने मां को रास्ते से हटाने की साजिश रची.

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रची मां की सुपारी किलिंग की साजिश: पुलिस के अनुसार मां से विवाद बढ़ने के बाद आयुषी अपने ताऊ मोहन शर्मा के बेटे बलराम के साथ रहने लगी. यहीं दोनों ने नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रची. आरोप है कि बलराम ने अपने परिचित हेमंत शर्मा से सात लाख रुपए में हत्या की सुपारी दी. इसके बाद आकाश, मोहित, अरविंद और रोहित समेत अन्य लोगों को इस साजिश में शामिल किया गया.

सड़क हादसा दिखाने की थी साजिश: 3 जुलाई को नीरज बेटे को अस्पताल छोड़कर लौट रही थीं. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने उनकी गतिविधियों पर पहले से नजर रखी थी. जैसे ही वह लौटीं, तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया. सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल की जांच में पुलिस को यह सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या लगी. एसीपी हरिशंकर शर्मा के मुताबिक वाहन 120 से 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था. सड़क पर पर्याप्त जगह होने के बावजूद चालक ने जानबूझकर गाड़ी बाईं ओर मोड़कर नीरज को टक्कर मारी और फिर मौके से फरार हो गया.

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पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश: पुलिस जांच में सामने आया कि तीन महीने पहले भी नीरज शर्मा की हत्या की कोशिश की गई थी. तब ट्रैफिक अधिक होने के कारण आरोपी अपनी साजिश में सफल नहीं हो सके. घटना के बाद नीरज ने अपने परिजनों से आशंका भी जताई थी कि कोई उनकी हत्या कर सकता है, लेकिन परिवार ने गंभीरता से नहीं लिया.

संपत्ति और सरकारी नौकरी को लेकर विवाद: पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे सबसे बड़ा कारण सरकारी नौकरी और पारिवारिक संपत्ति थी. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से ही संपत्ति के बंटवारे की योजना बना ली थी. बलराम ने कथित रूप से भरतपुर स्थित हाईवे किनारे की जमीन लेने की बात कही थी, जबकि जयपुर की संपत्ति और सरकारी नौकरी आयुषी को मिलने वाली थी.

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अभी तक गिरफ्त से दूर बलराम: पुलिस अब तक इस मामले में आयुषी शर्मा, उसके ताऊ मोहन शर्मा, कथित सुपारी किलर हेमंत शर्मा, आकाश, मोहित, अरविंद और रोहित समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. मुख्य आरोपी बलराम अभी फरार है और उसकी तलाश है.

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