गलत एड्रेस के कारण पार्सल अटका है, ये मैसेज मिले तो हो जाएं सावधान, भूलकर भी नहीं करें लिंक पर क्लिक
गलत एड्रेस के कारण पार्सल अटका है, ये मैसेज मिले तो हो जाएं सावधान, भूलकर भी नहीं करें लिंक पर क्लिक पुलिस की सलाह है कि अनजान सोर्स से आए लिंक या फाइल पर क्लिक नहीं करें. Published : October 1, 2026 at 7:11 PM IST जयपुर…

सौजन्य से:- etvbharat.com
गलत एड्रेस के कारण पार्सल अटका है, ये मैसेज मिले तो हो जाएं सावधान, भूलकर भी नहीं करें लिंक पर क्लिक
पुलिस की सलाह है कि अनजान सोर्स से आए लिंक या फाइल पर क्लिक नहीं करें.
Published : October 1, 2026 at 7:11 PM IST
जयपुर: साइबर अपराधी साइबर फ्रॉड की वारदातों को अंजाम देने के लिए हर दिन नए पैंतरे अपना रहे हैं. अब 'इंडिया पोस्ट' और कूरियर एजेंसियों के नाम पर एड्रेस अपडेट स्कैम के जरिए साइबर अपराधी ठगी की वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं. जिसे लेकर राजस्थान पुलिस के राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (R4C) ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार R4C ने राज्य में तेजी से फैल रहे एक नए साइबर अपराध को लेकर आमजन को सतर्क किया है. एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी इंडिया पोस्ट, स्पीड पोस्ट या प्रमुख कूरियर एजेंसियों के नाम पर आम नागरिकों को ठगी का शिकार बना रहे हैं.
फाइल या लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है महंगा: उन्होंने कहा, साइबर अपराधी एसएमएस, वाट्सएप, ईमेल और कॉल के जरिए फर्जी संदेश भेज रहे हैं. इन संदेशों में दावा किया जाता है कि गलत एड्रेस के कारण पार्सल (जैसे सरकारी दस्तावेज या कीमती सामान) रोक दिया गया है और इसे वापस लौटने से बचाने के लिए तुरंत दिए गए लिंक पर क्लिक कर एड्रेस अपडेट करें. उन्होंने आमजन को आगाह करते हुए कहा कि अनजान सोर्स से आए लिंक या फाइल पर क्लिक करना महंगा पड़ सकता है.
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इस तरह शिकार बनाते हैं साइबर अपराधी:
- साइबर ठग संदेशों के साथ असली जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट्स या खतरनाक एपीके फाइल्स के लिंक भेजते हैं.
- लिंक पर क्लिक करते ही एपीके फाइल मोबाइल में इंस्टॉल हो जाती है, जिससे फोन का पूरा कंट्रोल और एक्सेस ठगों के पास चला जाता है.
- इसके बाद पते में सुधार के नाम पर लोगों को 10, 25 या 50 रुपए के मामूली शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करने को कहा जाता है.
- जैसे ही वह अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी, नेट बैंकिंग पासवर्ड या यूपीआई पिन दर्ज करता है, साइबर अपराधी खाते से बड़ी रकम उड़ा लेते हैं.
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें:
- स्पीड पोस्ट या कूरियर ट्रैक करने के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट (www.indiapost.gov.in) का ही उपयोग करें.
- सरकारी वेबसाइटों के अंत में हमेशा .gov.in या .nic.in होता है. यदि लिंक में .com, .org या कोई अन्य संदिग्ध नाम दिखे तो वह फर्जी है.
- किसी भी संदेह की स्थिति में केवल आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 1800-266-6868 पर ही संपर्क करें.
- समय-समय पर अपने मोबाइल का कॉल फॉरवर्डिंग स्टेटस चेक करते रहें और किसी अज्ञात नंबर से आए संदेशों को ब्लॉक करें.
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यह नहीं करें:
- बैंक खाता संख्या, कार्ड डिटेल, सीवीवी, एटीएम पिन या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें.
- इंडिया पोस्ट या कूरियर एजेंसियां एड्रेस अपडेट के लिए ऑनलाइन रकम जमा करवाने की मांग कभी नहीं करती हैं.
- अनजान व्यक्ति के कहने पर एनीडेस्क, टीमव्यूअर जैसे स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल न करें.
साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल दें शिकायत: राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध विंग की ओर से आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने या साइबर ठगी का अंदेशा होने पर तत्काल इसकी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए. ठगी के मामलों में शुरुआत का एक घंटे का समय गोल्डन पीरियड होता है. इस दौरान एक्शन लेने से ठगी की रकम होल्ड करवाना आसान होता है. ऐसे में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1030 या पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. अपने निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन पर भी संपर्क कर सकते हैं. वॉट्सएप हेल्पलाइन 9256001930 व 9257510100 पर कॉल कर भी मदद ली जा सकती है.
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