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एप्पल कस्टमर केयर के नाम पर अमेरिका में ठगी; जयपुर के 14 लोगों ने लगाया चूना

एप्पल कस्टमर केयर के नाम पर अमेरिका में ठगी; जयपुर के 14 लोगों ने लगाया चूना पुलिस के अनुसार, आरोपियों की ओर से पीड़ितों को 399, 499 और 699 अमेरिकी डॉलर समेत अलग-अलग रकम के शुल्क स्वीकृत या प्रोसेस होने की जानकारी दी जात…

Hindustan के अनुसार1 अक्टूबर 2026 को 03:04 pm बजे
एप्पल कस्टमर केयर के नाम पर अमेरिका में ठगी; जयपुर के 14 लोगों ने लगाया चूना

सौजन्य से:- Hindustan

एप्पल कस्टमर केयर के नाम पर अमेरिका में ठगी; जयपुर के 14 लोगों ने लगाया चूना

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की ओर से पीड़ितों को 399, 499 और 699 अमेरिकी डॉलर समेत अलग-अलग रकम के शुल्क स्वीकृत या प्रोसेस होने की जानकारी दी जाती थी। एप्पल की सर्विस से जुड़ा मामला बताकर पीड़ितों से रकम वसूली जाती थी।

जयपुर में एक फ्लैट के अंदर बैठकर अमेरिका के लोगों को एप्पल कस्टमर सपोर्ट के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। बिंदायका थाना क्षेत्र में चल रहे इस फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर साइबर क्राइम यूनिट और जयपुर वेस्ट पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फ्लैट से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 13 लैपटॉप और 24 मोबाइल फोन समेत बड़ी संख्या में तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं।

फ्लैट के अंदर चल रहा था अमेरिका को ठगने का नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिरसी रोड स्थित मंगलम ग्रांड रेजीडेंसी के एक फ्लैट से पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। बाहर से सामान्य नजर आने वाले इस फ्लैट के अंदर बैठकर आरोपी विदेश में साइबर ठगी का खेल चला रहे थे।

आरोपियों का निशाना मुख्य रूप से अमेरिका के नागरिक थे। पुलिस को साइबर ठगी से जुड़े इनपुट मिलने के बाद संदिग्ध फ्लैट की निगरानी शुरू की गई। जानकारी पुख्ता होने के बाद टीम ने मौके पर दबिश दी तो वहां कई लोग लैपटॉप और मोबाइल के जरिए काम करते मिले।

एप्पल सपोर्ट के नाम पर भेजते थे मैसेज

जांच में सामने आया कि आरोपी फेक एप्पल कस्टमर सपोर्ट और टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके लिए अमेरिका में संभावित पीड़ितों को SMS और अन्य मैसेज भेजे जाते थे।

इन मैसेज के जरिए एप्पल के प्रोडक्ट और सर्विस से जुड़ी जानकारी या शुल्क के नाम पर लोगों से संपर्क किया जाता था। इसके बाद उन्हें अलग-अलग तरह के प्री-अप्रूव्ड चार्ज के नाम पर रकम जमा कराने के लिए तैयार किया जाता था।

399 से 699 डॉलर तक के चार्ज का खेल

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की ओर से पीड़ितों को 399, 499 और 699 अमेरिकी डॉलर समेत अलग-अलग रकम के शुल्क स्वीकृत या प्रोसेस होने की जानकारी दी जाती थी। एप्पल की सर्विस से जुड़ा मामला बताकर पीड़ितों से रकम वसूली जाती थी।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इस नेटवर्क के जरिए कुल कितनी रकम की ठगी की गई।

13 लैपटॉप, 24 मोबाइल और सिम कार्ड जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फ्लैट से 13 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, राउटर, सिम कार्ड, चार्जर और एक्सटेंशन बोर्ड समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

पुलिस अब जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल की तकनीकी जांच कर रही है। डिवाइस की जांच से अमेरिका में संपर्क किए गए लोगों की संख्या, कॉलिंग और मैसेजिंग का पूरा नेटवर्क तथा पैसों के लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।

14 आरोपियों पर IT एक्ट और टेलीग्राफ एक्ट में केस

पुलिस ने मामले में गोहील निकुंज, वाहिद, रहीस, इरशाद, मोहम्मद इनाम हुसैन चौधरी, सौरभ शर्मा, निशिथ, मानस खटनीयार, अक्षय नारायण भाई पटेल, श्रेय भारद्वाज, गगन पाल, शिवम प्रजापति, देव नदाल और दर्पण को गिरफ्तार किया है।

डिप्टी एसपी आदित्य पुनियां के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और टेलीग्राफ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

विदेशी कनेक्शन और पैसों के नेटवर्क की जांच

पुलिस अब सिर्फ कॉल सेंटर चलाने वालों तक सीमित जांच नहीं कर रही है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन लोग जुड़े हुए हैं। अमेरिका में पीड़ितों तक आरोपियों की पहुंच कैसे हुई, मैसेज और कॉल के लिए किन संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता था और ठगी की रकम कहां ट्रांसफर होती थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

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