राजस्थान निकाय चुनाव: आचार संहिता लागू, इन कामों पर रहेगी छूट, यहां देखें लिस्ट
राजस्थान में 9 और 11 सितंबर को निकाय चुनाव होने जा रही है। आचार संहिता लागू होने के दौरान अक्सर विकास कार्यों और आम जनता के दैनिक प्रशासनिक कामों के ठप होने की आशंका बनी रहती है। लेकिन इस पर सरकार की ओर से स्पष्टीकरण आदे…

सौजन्य से:- Navbharat Times
राजस्थान में 9 और 11 सितंबर को निकाय चुनाव होने जा रही है। आचार संहिता लागू होने के दौरान अक्सर विकास कार्यों और आम जनता के दैनिक प्रशासनिक कामों के ठप होने की आशंका बनी रहती है। लेकिन इस पर सरकार की ओर से स्पष्टीकरण आदेश जारी कर दियाा है।
जयपुर: राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के आगामी आम चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। आचार संहिता लागू होने के दौरान अक्सर विकास कार्यों और आम जनता के दैनिक प्रशासनिक कामों के ठप होने की आशंका बनी रहती है। लेकिन इस बार आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए स्वायत्त शासन विभाग ने एक राहत भरा स्पष्टीकरण आदेश जारी किया है।
विकास और जरूरी नागरिक सेवाओं रहेगी जारी
विभाग के निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर द्वारा जारी इस आधिकारिक पत्र के माध्यम से सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के आयुक्तों व अधिशासी अधिकारियों (EO) को स्पष्ट दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य चुनाव नियमों का सख्ती से पालन कराते हुए विकास और जरूरी नागरिक सेवाओं की रफ्तार को बनाए रखना है।
ये कार्य बिना रुकावट रहेंगे जारी
स्वायत्त शासन विभाग के आदेशानुसार, पूर्व से जारी और सामान्य दैनिक प्रकृति के निम्नलिखित कार्यों पर आचार संहिता का कोई असर नहीं पड़ेगा।
भवन मानचित्र स्वीकृति: राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 194 के तहत नए निर्माण, पुनर्निर्माण या संशोधन के आवेदनों को निर्धारित 2 माह की समयसीमा में निस्तारित किया जाएगा।
पट्टे व नामांतरण: पूर्व में स्वीकृत योजनाओं के नीलाम भूखंडों की पूरी राशि जमा होने पर पट्टे जारी होंगे। साथ ही पट्टों के नामांतरण, नवीनीकरण और री-वैलिडेशन के काम जारी रहेंगे।
कृषि भूमि नियमन: आवश्यक स्वीकृति और शुल्क जमा होने पर कृषि भूमि नियमन व निर्माण स्वीकृति के पट्टे दिए जाएंगे।
जारी विकास कार्य: जिन कार्यों के वर्क ऑर्डर आचार संहिता से पहले जारी हो चुके हैं या जिन पर काम शुरू हो चुका है, वे निरंतर चलेंगे।
प्रशासनिक कागजी कार्रवाई: नए प्रोजेक्ट्स की DPR तैयार करना, अप्रूवल लेना, टेंडर डॉक्यूमेंट्स और ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया चलती रहेगी।
आपातकालीन नागरिक सेवाएं: जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट मरम्मत जैसे दैनिक व जरूरी काम कराए जा सकेंगे।
इन कार्यों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
आचार संहिता के दौरान किसी भी तरह की नई योजना, नए विकास कार्य, नए टेंडर जारी करने और नए वर्क ऑर्डर देने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा, भूमि आवंटन और ऋण वितरण से जुड़े नए नीतिगत फैसले नहीं लिए जा सकेंगे तथा नगर पालिकाओं की बोर्ड बैठकें भी आयोजित नहीं होंगी।
सरकारी सुविधाओं के उपयोग पर सख्ती
सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को रोकने के लिए विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत मेयर, डिप्टी मेयर, अध्यक्ष या सभापति जैसे निर्वाचित जनप्रतिनिधि चुनाव प्रचार के लिए किसी भी सरकारी या निकाय के वाहन और राजकीय सुविधाओं का उपयोग नहीं कर सकेंगे। ऐसा करना आचार संहिता का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
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