अंगदान जागरूकता के लिए आमेर, हवामहल और अल्बर्ट हॉल पर हुआ 'ग्रीन इल्यूमिनेशन'
अंगदान जागरूकता के लिए आमेर, हवामहल और अल्बर्ट हॉल पर हुआ 'ग्रीन इल्यूमिनेशन' जयपुर सिटीजन फोरम की अनूठी पहल, हरी रोशनी से जगमगाए जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारक. Published : August 3, 2026 at 7:01 AM IST |Updated : Augu…

सौजन्य से:- ETV Bharat
अंगदान जागरूकता के लिए आमेर, हवामहल और अल्बर्ट हॉल पर हुआ 'ग्रीन इल्यूमिनेशन'
जयपुर सिटीजन फोरम की अनूठी पहल, हरी रोशनी से जगमगाए जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारक.
Published : August 3, 2026 at 7:01 AM IST
|Updated : August 3, 2026 at 7:08 AM IST
जयपुर : अंगदान दिवस की पूर्व संध्या पर राजधानी जयपुर की ऐतिहासिक धरोहरों ने अंगदान के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया. रविवार शाम आमेर किला, हवा महल और अल्बर्ट हॉल को विशेष रूप से हरे रंग की रोशनी से नहाया. जैसे ही इन ऐतिहासिक स्मारकों पर ग्रीन इल्यूमिनेशन हुआ, उनका नजारा देखने लायक बन गया. इसका उद्देश्य लोगों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक करना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस जीवनदायी पहल से जोड़ना है.
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निर्देश पर ऐतिहासिक स्मारकों में शामिल आमेर महल, हवा महल और अल्बर्ट हॉल पर हरे रंग की रोशनी की गई. विभाग के निदेशक डॉ पंकज धरेंद्र ने बताया कि जयपुर सिटीजन फोरम एवं मोहन फाउंडेशन की ओर से अंगदान के समर्थन में किए गए अनुरोध के बाद ये फैसला लिया गया. इन तीनों स्मारकों पर 3 अगस्त तक हरे रंग की रोशनी जारी रहेगी. उम्मीद है कि इस अनूठी पहल से अंगदान के प्रति लोगों में सकारात्मक सोच विकसित होगी और ज्यादा लोग इस महादान के लिए आगे आएंगे.
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वहीं अल्बर्ट हॉल के अधीक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रीन लाइटिंग का संबंध विश्वभर में अंगदान जागरूकता अभियान से माना जाता है. हरा रंग जीवन, आशा और नए जीवन का प्रतीक है. इसी संदेश को आमजन तक पहुंचाने के लिए जयपुर की प्रमुख विरासत इमारतों को हरे रंग की रोशनी से प्रकाशित किया गया. शाम ढलते ही इन स्मारकों पर हरियाली की आभा छा गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक भी पहुंचे. लोगों ने इन ऐतिहासिक इमारतों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और इस पहल की सराहना की. हवा महल की अधीक्षक सरोजिनी चंचलानी ने बताया कि अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष ये इसी तरह विरासत से जुड़ी इन धरोहरों ग्रीन लाइट कर संदेश दिया जाता है.
इन धरोहरों के अलावा राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) को भी हरे रंग की रोशनी से रंगा गया. आरयूएचएस के प्रधानाचार्य डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने बताया कि एक व्यक्ति का अंगदान कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे सकता है. इसके बावजूद जागरूकता की कमी और सामाजिक भ्रांतियों के कारण अंगदान की दर अभी भी अपेक्षाकृत कम है. ऐसे में ऐतिहासिक धरोहरों और आरयूएचएस को ग्रीन इल्यूमिनेशन के माध्यम से जोड़ने का उद्देश्य इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है.
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