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सोनिया गांधी ने कलम उठाई तो 'घबरा गई सरकार!', पेंगुइन के पीछे हटते ही अशोक गहलोत ने खोल दिए सारे राज

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी की किताब को लेकर केंद्र सरकार पर कई आरोप जड़े। गहलोत ने कहा कि जब दुनिया में छप सकती है किताब तो फिर यहां क्यों नहीं। NBT पर आगे जानिए गहलोत ने क्या-क्या कहा। जयपु…

navbharattimes.indiatimes.com के अनुसार5 सितंबर 2026 को 12:33 pm बजे
सोनिया गांधी ने कलम उठाई तो 'घबरा गई सरकार!', पेंगुइन के पीछे हटते ही अशोक गहलोत ने खोल दिए सारे राज

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी की किताब को लेकर केंद्र सरकार पर कई आरोप जड़े। गहलोत ने कहा कि जब दुनिया में छप सकती है किताब तो फिर यहां क्यों नहीं। NBT पर आगे जानिए गहलोत ने क्या-क्या कहा।

जयपुर: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की धर्मपत्नी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा को लेकर देश की राजनीति में सियासी भूचाल आ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के नामी पब्लिशिंग हाउस 'पेंगुइन' की ओर से भारत में इस पुस्तक के प्रकाशन से पीछे हटने के फैसले पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय पर तीखा जुबानी हमला बोला है। जयपुर में मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट के जरिए गहलोत ने पब्लिशर की बहानेबाजी और केंद्र सरकार की नीति पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

'दुनिया में छप सकती है, तो भारत में क्यों नहीं?'

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पब्लिशिंग हाउस की कार्यप्रणाली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे सरकार के अप्रत्यक्ष दबाव का नतीजा बताया। गहलोत ने कहा कि पेंगुइन की जो मूल अंतरराष्ट्रीय संस्था है, वह दुनिया भर में इस किताब को छापने के लिए तैयार है और लगातार काम कर रही है। जब यह आत्मकथा पूरे विश्व में प्रकाशित हो सकती है, तो आखिर भारत में इसे छापने में आनाकानी क्यों की जा रही है? गहलोत के अनुसार, पब्लिशर द्वारा दिए जा रहे कुतर्क और तर्क पूरी तरह एक्सपोज हो चुके हैं और इसके पीछे सीधे तौर पर पीएमओ का राजनीतिक दबाव नजर आ रहा है।

'सरकार की चुप्पी ही उसका कुबूलनामा'

राजनीतिक गलियारों में मचे इस बवाल पर केंद्र सरकार की ओर से आ रही चुप्पी को गहलोत ने बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष द्वारा सीधे तौर पर पीएमओ और केंद्र सरकार पर पब्लिशर को दबाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, तब भी सरकार की तरफ से एक शब्द नहीं बोला गया। गहलोत के मुताबिक, सरकार की यह चुप्पी इस बात का संकेत है कि वे इन आरोपों को परोक्ष रूप से स्वीकार कर रहे हैं।

गहलोत ने सोनिया गांधी के लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वे 22 वर्षों तक कांग्रेस अध्यक्ष रही हैं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई है और UPA सरकार के दौरान एनएसी (NAC) की चेयरपर्सन रही हैं। उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI), भोजन का अधिकार (Food Security Act), शिक्षा का अधिकार (RTE) और नरेगा जैसे ऐतिहासिक व क्रांतिकारी कानूनों को लागू कराने में अहम भूमिका निभाई है।

'नेहरू-इंदिरा ने नहीं लिखी आत्मकथा, सोनिया गांधी ने दिखाई हिम्मत'

गांधी-नेहरू परिवार के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए गहलोत ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी या राजीव गांधी ने कभी खुद अपनी आत्मकथा नहीं लिखी। उनके जीवन पर दूसरों ने किताबें जरूर लिखीं, लेकिन सोनिया गांधी पहली ऐसी नेता हैं जिन्होंने हिम्मत दिखाकर खुद अपनी आत्मकथा लिखने का फैसला किया है।

जब से केंद्र में एनडीए सरकार आई है, तब से पंडित नेहरू और गांधी परिवार के खिलाफ लगातार भ्रम और दुष्प्रचार फैलाया गया। सोनिया गांधी ने हमेशा मर्यादा बनाए रखी और कभी इन अनर्गल आरोपों का जवाब नहीं दिया।अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री

10 नवंबर को रिलीज होगी किताब, बड़े पब्लिशर्स की लगी लाइन

गहलोत ने साफ किया कि पेंगुइन के पीछे हटने से इस किताब का प्रकाशन रुकने वाला नहीं है। जैसे ही पेंगुइन के हटने की खबर सामने आई, उसी दिन से देश और दुनिया के कई बड़े पब्लिशर्स ने इस किताब को छापने के लिए ऑफर देना शुरू कर दिया है। गहलोत ने विश्वास जताया कि तमाम रुकावटों के बावजूद सोनिया गांधी की यह आत्मकथा तय समय पर यानी 10 नवंबर को ही रिलीज होगी और देश की जनता के सामने सच आकर रहेगा।

लेखक के बारे मेंपुलकित सक्सेनापुलकित सक्सेना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह साल 2022 नवंबर महीने से नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राजस्थान के लिए काम करते हैं। 2019 में पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली के नेशनल टीवी चैनल में इनपुट डेस्क से की। बीते 7 सालों में टेलीविजन से लेकर सोशल मीडिया और अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। वर्तमान में नवभारत टाइम्स में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका में कार्यरत हैं।

राजस्थान की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना पुलकित सक्सेना की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: 7 साल से कार्यरत

पुलकित सक्सेना ने साल 2017 में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरी की। साल 2019 में देश की प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से दिल्ली में प्रथम श्रेणी से पोस्ट ग्रेजुएशन पत्रकारिता में किया। इसके बाद साल 2019 में दिल्ली से टीवी 100 न्यूज चैनल से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद राजस्थान के यूट्यूब न्यूज चैनल में एंकरिंग, पैकेज क्रिएशन और सोशल मीडिया हैंडल के लिए सक्रियता से काम किया। साल 2022 के नवंबर महीने में वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में जुड़े। वर्तमान में बीते तीन साल से वह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।... और पढ़ें

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