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न्याय की मांग पर राजस्थान सरकार ने जांच के आदेश दिए

भरतपुर के बांके बिहारी मंदिर में चढ़ाए गए 4 लाख के हीरे के गायब होने की राजनीतिक तूल पकड़ गई है। सरकार ने मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं। सूत्र: अमर उजाला

Amar Ujala के अनुसार28 जुलाई 2026 को 03:41 pm बजे
न्याय की मांग पर राजस्थान सरकार ने जांच के आदेश दिए

सौजन्य से:- Amar Ujala

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भरतपुर बांके बिहारी मंदिर: दान में दिए हीरे के साथ रसीद भी गायब; सरकार ने जांच बैठाई

Tue, 28 Jul 2026 11:46 AM IST

Sourabh Bhatt

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

Published by: Sourabh Bhatt

Updated Tue, 28 Jul 2026 11:46 AM IST

सार

भरतपुर के बांके बिहारी मंदिर में चढ़ाए गए 4 लाख रुपए के हीरे के कथित रूप से गायब होने के मामले में राजस्थान सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। विपक्ष ने पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।

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विस्तार

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भरतपुर के बांके बिहारी मंदिर में चढ़ाए गए करीब चार लाख रुपये मूल्य के हीरे के गायब होने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ गया है। कांग्रेस के विरोध और आरोपों के बाद राजस्थान सरकार ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। देवस्थान विभाग इस पूरे प्रकरण की जांच करेगा और यह भी पता लगाएगा कि दान में दिया गया हीरा मंदिर के रिकॉर्ड में क्यों नहीं है तथा दानकर्ता को रसीद क्यों नहीं दी गई।

दिसंबर 2024 में चढ़ाया था हीरा

जानकारी के अनुसार भरतपुर के रंजीतनगर निवासी मीरा बंसल ने दिसंबर 2024 में दिल्ली से करीब चार लाख रुपये का हीरा खरीदकर बांके बिहारी मंदिर में भगवान को अर्पित किया था। परिवार का आरोप है कि उस समय मंदिर प्रबंधन ने रसीद बाद में देने की बात कही, लेकिन करीब 20 महीने बीतने के बाद भी रसीद जारी नहीं की गई।

'हीरे की जगह कांच का टुकड़ा दिखाया'

दानकर्ता के परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मंदिर प्रशासन से हीरे के बारे में जानकारी मांगी तो उन्हें हीरे की जगह कांच का एक टुकड़ा दिखाया गया। उनका कहना है कि मंदिर में वह हीरा मौजूद नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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यह भी पढें-भीलवाड़ा कारोबारी अपहरण केस: लुत्फी समेत 10 आरोपियों पर ₹25-25 हजार का इनाम घोषित, पुलिस ने तलाश तेज की

कांग्रेस ने सरकार को घेरा

मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों से श्रद्धालुओं का भरोसा प्रभावित होता है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

मंत्री बोले- जांच करेंगे कि हीरा मंदिर के रिकॉर्ड में क्यों नहीं

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि दान में दिया गया हीरा मंदिर के रिकॉर्ड में है या नहीं, दानकर्ता को रसीद क्यों नहीं दी गई और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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दिसंबर 2024 में चढ़ाया था हीरा

जानकारी के अनुसार भरतपुर के रंजीतनगर निवासी मीरा बंसल ने दिसंबर 2024 में दिल्ली से करीब चार लाख रुपये का हीरा खरीदकर बांके बिहारी मंदिर में भगवान को अर्पित किया था। परिवार का आरोप है कि उस समय मंदिर प्रबंधन ने रसीद बाद में देने की बात कही, लेकिन करीब 20 महीने बीतने के बाद भी रसीद जारी नहीं की गई।

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'हीरे की जगह कांच का टुकड़ा दिखाया'

दानकर्ता के परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मंदिर प्रशासन से हीरे के बारे में जानकारी मांगी तो उन्हें हीरे की जगह कांच का एक टुकड़ा दिखाया गया। उनका कहना है कि मंदिर में वह हीरा मौजूद नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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कांग्रेस ने सरकार को घेरा

मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों से श्रद्धालुओं का भरोसा प्रभावित होता है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

मंत्री बोले- जांच करेंगे कि हीरा मंदिर के रिकॉर्ड में क्यों नहीं

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि दान में दिया गया हीरा मंदिर के रिकॉर्ड में है या नहीं, दानकर्ता को रसीद क्यों नहीं दी गई और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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