ओपन जेल के बंदी गंगासहाय की हत्या का मास्टरमाइंड आयुष गिरफ्तार, वारदात से पहले नेपाल भागा, जयपुर आते ही पुलिस ने दबोचा
ओपन जेल के बंदी गंगासहाय की हत्या का मास्टरमाइंड आयुष गिरफ्तार, वारदात से पहले नेपाल भागा, जयपुर आते ही पुलिस ने दबोचा आयुष के दोस्त अमित और सोनू ने 12 अगस्त को फायरिंग कर की थी वारदात, बुआ के लड़ने कन्हैया ने दिलवाए हथि…

सौजन्य से:- ETV Bharat
ओपन जेल के बंदी गंगासहाय की हत्या का मास्टरमाइंड आयुष गिरफ्तार, वारदात से पहले नेपाल भागा, जयपुर आते ही पुलिस ने दबोचा
आयुष के दोस्त अमित और सोनू ने 12 अगस्त को फायरिंग कर की थी वारदात, बुआ के लड़ने कन्हैया ने दिलवाए हथियार.
Published : August 16, 2026 at 6:07 PM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर में करणी विहार थाना इलाके के धाबास में ओपन जेल के बंदी गंगासहाय कुमावत की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता आयुष गुर्जर को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है. वह इस घटना की साजिश रचने के बाद नेपाल भाग गया था. पिछले दिनों वह वापस जयपुर आया. इसकी भनक लगने पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. पूछताछ के बाद आज उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसने पूछताछ में वारदात से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं. आयुष गुर्जर साल 2018 में मारे गए हिस्ट्रीशीटर महेंद्रगुर्जर का बेटा है. महेंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में ही गंगासहाय ओपन जेल में सजा काट रहा था.
पिता की मौत का बदला लेने को रची साजिश: जयपुर (पश्चिम) डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया, आयुष ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए हत्या की प्लानिंग की और अपने बुआ के बेटे हिस्ट्रीशीटर कन्हैयालाल को साथ लिया. उसने अपने दोस्तों सोनू व अमित को हत्या की सुपारी दी, जिन्हें कन्हैयालाल ने हथियार मुहैया करवाए. कन्हैयालाल जयपुर की कोतवाली थाने का हिस्ट्रीशीटर है. अमित और सोनू ने 12 अगस्त को करणी विहार थाना इलाके में जानकी विहार कॉलोनी में शाम को गंगासहाय कुमावत की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
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भाई-दोस्त पकड़े गए तो वकील करने आया वापस: पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि आयुष वारदात से पहले नेपाल भाग गया था. जिस दिन हत्या की वारदात हुई, उस समय उसके नेपाल में होने की बात सामने आई है. वारदात में अपने बुआ के लड़के और दोस्तों की गिरफ्तारी के बाद वह जयपुर आया. वह इनके लिए किसी अच्छे वकील को हायर करने वाला था. पड़ताल में यह भी सामने आया है कि पिता की हत्या के मामले में रिश्तेदार बदला नहीं लेने के चलते उसे ताने मारते थे. जब उसे गंगासहाय के ओपन जेल में शिफ्ट होने की जानकारी मिली तो वह हत्या की साजिश रचने लगा.
हत्या के तरीके और बचने की तरकीब सर्च की: जांच में यह भी सामने आया है कि ईमित्र की दुकान चलाने वाले आयुष ने करीब एक साल तक इंटरनेट पर हत्या को अंजाम देने के तरीकों और वारदात के बाद बचने के तरीकों के बारे में जानकारी जुटाई. उसने कई वीडियो देखने के बाद अपने दो दोस्तों को वारदात के लिए तैयार कर लिया. उन्हें वारदात की सुपारी देकर वह वारदात से पहले ही नेपाल भाग गया. वारदात की साजिश रचने के दौरान उसके द्वारा अमित और सोनू को क्लब में ले जाकर शराब पार्टियां देने की बात भी सामने आई है.
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वारदात के बाद भागे अमित और सोनू, पकड़े गए: डीसीपी ने बताया, अमित और सोनू ने 12 अगस्त को अमित की स्कूटी पर जा रहे थे. उन्होंने बाइक पर जा रहे गंगासहाय पर फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या की वारदात के बाद उन्होंने घटनास्थल से करीब 1.5 किमी दूर सुनसान जगह पर अपने कपड़े बदले. रास्ते में स्कूटी पंक्चर होने के बाद वे स्कूटी छोड़कर ऑटो रिक्शा से अपने एक परिचित के पास पहुंचे. उनका इरादा फरार होने का था. हालांकि, पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पीछा कर उन्हें दबोच लिया. जबकि, आयुष ने प्लानिंग की थी कि वे वारदात के बाद हथियार सुनसान जगह फेंककर पुलिस के आगे सरेंडर करेंगे.
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