जयपुर में ट्रैफिक का फैसला: फुटपाथ हटाए जाएंगे, एआई से होगी ट्रैफिक निगरानी
जयपुर में ट्रैफिक को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। फुटपाथ हटाए जाएंगे, एआई से होगी ट्रैफिक निगरानी और फ्लाई ओवर के नीचे पार्किंग विकसित की जाएगी।

सौजन्य से:- ETV Bharat
जयपुर में ट्रैफिक सुधार को लेकर फैसले: फुटपाथ होंगे अतिक्रमण मुक्त, एआई से होगी निगरानी, फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग
जयपुर शहर के फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जेडीए की प्रवर्तन शाखा विशेष अभियान चलाएगी.
Published : July 22, 2026 at 9:01 PM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर की यातायात व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित, सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड ने कई अहम फैसले लिए हैं. बोर्ड ने पैदल यात्रियों के लिए बने फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त कराने, एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान (ATMP) लागू करने, फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग विकसित करने, ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित करने और एआई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लिया गया.
'फुटपाथ पैदल राहगीरों के लिए ही आएंगे काम': ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड ने तय किया कि शहर के फुटपाथ केवल पैदल यात्रियों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे. जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि शहर के फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जेडीए की प्रवर्तन शाखा विशेष अभियान चलाएगी. फुटपाथों और सड़कों से अतिक्रमण हटाए जाएंगे. अवैध डेयरी बूथ, दुकानों के रैंप, सीढ़ियां और अन्य निर्माण हटाकर राहगीरों के लिए सुरक्षित और बाधारहित फुटपाथ विकसित किए जाएंगे.
'ATMP से बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था': वहीं शहर में एरिया ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान (ATMP) लागू किया जाएगा, जिसके तहत ट्रैफिक प्रबंधन को केवल चौराहों तक सीमित न रखकर पूरे क्षेत्र के स्तर पर विकसित किया जाएगा. योजना के तहत निरंतर और सुरक्षित फुटपाथ, ग्रीन मेश फेंसिंग, लो-लेवल लाइटिंग, साइकिल ट्रैक, हरित पट्टियां, बैठने की व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. साथ ही उपयुक्त स्थानों पर राउंडअबाउट विकसित कर आंतरिक सड़कों को सिग्नल-फ्री बनाने की दिशा में काम होगा, जिससे जाम और यात्रा समय कम किया जा सके.
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'अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई': जेडीए आयुक्त ने बताया कि जेडीए शहर के प्रमुख मॉल्स की बेसमेंट पार्किंग में हो रहे अवैध व्यावसायिक उपयोग को हटाकर उन्हें केवल पार्किंग के लिए आरक्षित करेगा. इसके अलावा एसएल मार्ग सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर होटलों, अस्पतालों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की ओर से बनाए गए रैंप, सीढ़ियों और अन्य अतिक्रमणों के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी.
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'फ्लाईओवर के नीचे विकसित होंगे पार्किंग स्थल': टीसीबी में फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़े स्थानों का बेहतर उपयोग करने पर भी मंथन हुआ. इन स्थानों को पार्किंग के रूप में विकसित करने के साथ हेरिटेज थीम पर सौंदर्यीकरण, प्लांटर्स, कियोस्क और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था करने का प्रस्ताव तैयार कर अगली टीसीपी मीट में पेश करने के निर्देश दिए गए.
'7 जोन में होगा ई-रिक्शा संचालन': ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड में एक बार फिर शहर के ट्रैफिक के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने ई-रिक्शा को लेकर अंतिम फैसला लिया गया. सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि शहर में संचालित करीब 50 हजार ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए जयपुर को 7 जोनों में विभाजित किया गया है. ई-रिक्शा में लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से वाहन की जानकारी उपलब्ध होगी. महिलाओं और आमजन की सुरक्षा के लिए एसओएस अलर्ट की सुविधा भी जोड़ी जाएगी.
एआई तकनीक से होगी ट्रैफिक मॉनिटरिंग: वहीं यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का उपयोग किया जाएगा. इसके जरिए नियम उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान होगी. साथ ही प्रमुख चौराहों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर वाहनों के लंबित चालान प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि लोग समय पर उनका निस्तारण कर सकें. टीसीबी में यातायात पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए हेरिटेज डिजाइन वाले नए ट्रैफिक पुलिस बूथों को भी मंजूरी दी गई. इन बूथों में अलग वॉशरूम सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बेहतर वर्क एनवायरमेंट मिल सके.
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