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महिला मेयर सीट: अजमेर में कांग्रेस–भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों की नजर इसी पर, रोचक होगा मुकाबला

महिला मेयर सीट: अजमेर में कांग्रेस–भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों की नजर इसी पर, रोचक होगा मुकाबला कई भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने खुद पीछे हटकर अपनी पत्नी, बेटी या पुत्रवधू को मैदान में उतारा है. Published : September 1,…

ETV Bharat के अनुसार1 सितंबर 2026 को 11:33 am बजे
महिला मेयर सीट: अजमेर में कांग्रेस–भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों की नजर इसी पर, रोचक होगा मुकाबला

सौजन्य से:- ETV Bharat

महिला मेयर सीट: अजमेर में कांग्रेस–भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों की नजर इसी पर, रोचक होगा मुकाबला

कई भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने खुद पीछे हटकर अपनी पत्नी, बेटी या पुत्रवधू को मैदान में उतारा है.

Published : September 1, 2026 at 2:57 PM IST

अजमेर: अजमेर नगर निगम 80 वार्डो के लिए नामांकन भरे जा चुके हैं. इस बार मेयर की सीट महिला के लिए आरक्षित है. ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के कई नेता अपनी पत्नी, बेटी और बहू को आगे करके खुद चुनाव से पीछे हट गए हैं. इस बार 80 वार्डों में से भाजपा ने 38 और कांग्रेस ने 36 टिकट महिलाओं को दिए है. इनके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भी कई महिलाओं ने ताल ठोकी है. चुनावी मैदान में कौनसे उम्मीदवार टिके रहेंगे, इसकी स्थिति 3 अगस्त तक स्पष्ट हो जाएगी. फिलहाल भाजपा और कांग्रेस डेमेज कंट्रोल करने में जुट गई है.

अजमेर नगर निगम के चुनाव रोचक स्थिति में हैं. इस बार चुनाव को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है. इस कारण साफ है कि अजमेर मेयर का पद महिला के लिए आरक्षित है. यही वजह है कि कई भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने खुद पीछे हटकर अपनी पत्नी, बेटी या पुत्रवधू को मैदान में उतारा है. भाजपा में अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी और दक्षिण क्षेत्र से विधायक अनीता भदेल की टिकट वितरण में पूरी भूमिका रही है. देवनानी और भदेल ने अपने करीबी कार्यकर्ताओं या उनके परिवार के लोगों को टिकट दिया है. शहर भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी निवर्तमान पार्षद भी हैं. इस बार उन्होंने खुद चुनाव ना लड़कर अपनी पत्नी रंजना सोनी को मैदान में उतारा है. रमेश सोनी वासुदेव देवनानी के करीबी हैं.

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भाजपा में इनकी मेयर सीट पर नजर:

- वार्ड 2 से रितु मामनानी (पूर्व पार्षद की पत्नी हैं और देवनानी के करीबी हैं)

- वार्ड 3 से अनामिका शर्मा, (देवनानी के सबसे करीबी और विश्वासपात्र भाजपा नेता सीताराम शर्मा की पुत्रवधू)

- वार्ड 12 से रंजना सोनी, (शहर भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी की पत्नी)

- वार्ड 59 से मधु शेखावत (पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत उर्फ लाला बना की पत्नी)

- वार्ड 64 से ममता सैनी (पूर्व मंडल अध्यक्ष महेंद्र जादम की पत्नी और देवनानी के करीबी)

- वार्ड 67 से नलिनी शर्मा (भाजपा नेता राजेश शर्मा की पत्नी और देवनानी के करीबी)

- वार्ड 78 से भारती श्रीवास्तव (भाजपा से दो बार पार्षद रही हैं, देवनानी से अच्छी ट्यूनिंग)

इन भाजपा नेताओं की पत्नी, बेटियों और पुत्रवधुओं को मिला टिकट: पूर्व सभापति सुरेंद्र सिंह शेखावत की पत्नी मधु शेखावत, शहर भाजपा अध्यक्ष रमेश सोनी की पत्नी रंजना सोनी, पूर्व पार्षद केके त्रिपाठी की बेटी निहारिका त्रिपाठी, भाजपा नेता राजेश शर्मा की पत्नी नलिनी शर्मा, भाजपा नेता मोहन लालवानी की पत्नी हेमलता खत्री, भाजपा नेता सीताराम शर्मा की पुत्रवधू अनामिका शर्मा आदि हैं.

पहले खिलाफ लड़े, अब भाजपा ने दिया टिकट: राजनीति में कुछ स्थाई और अस्थाई नहीं है, जो कल तक भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़े उन्हें भाजपा ने टिकट देकर नवाजा है. वार्ड आठ से पिछली बाहर भाजपा के खिलाफ पंकज सिंह राठौड़ ने चुनाव लड़ा था. इस बार राठौड़ भाजपा के टिकट से चुनाव मैदान में है. इसी तरह मोनिका जैन पिछली बार कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ी थी. इस बार भाजपा ने उन्हें टिकट थमाया है. इसी तरह वार्ड 43 से आशा और वार्ड 44 से ज्योति पालीवाल भी निर्दलीय चुनाव लड़ चुकी है.

कांग्रेस ने उतारे 80 वार्ड में से 78 वार्ड में प्रत्याशी: कांग्रेस ने इस बार अजमेर नगर निगम के 80 वार्ड में से 78 वार्ड में अपने प्रत्याशी उतारे हैं. पिछली बार भी कांग्रेस ने 77 प्रत्याशी उतारे थे. कांग्रेस में वार्ड 3 और 4 को खाली छोड़ा है. इसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी है. हालांकि ओवरऑल कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची देखें, तो यहां गहलोत खेमे के 80 फीसदी लोगों ने प्रत्याशियों की सूची में जगह पाई है. इनमें कांग्रेस के पदाधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों और नए चेहरों पर भी दांव लगाए गए हैं.

कांग्रेस में इनकी मेयर पद पर नजर:

- वार्ड 46 मीनाक्षी यादव पहली बार चुनाव लड़ रही हैं. मीनाक्षी महिला कांग्रेस में प्रदेश सचिव हैं. पिता प्रताप यादव दो बार और मां तारा देवी यादव तीन बार पार्षद रह चुकी हैं. सचिन पायलट खेमे से हैं.

- वार्ड 24 से रश्मि हिंगोरानी, दो बार कांग्रेस से पार्षद रही हैं.

- वार्ड 43 से काजल यादव, यूथ कांग्रेस की प्रदेश महासचिव भी रही हैं.

- वार्ड 56 से शिवांगी शर्मा, पूर्व पार्षद समीर शर्मा की पत्नी हैं. समीर पूर्व मंत्री महेश शर्मा के भांजे हैं.

- वार्ड 69 से रश्मि शर्मा, पूर्व में पार्षद रह चुकी हैं और उनके पति दीनदयाल शर्मा भी पार्षद रह चुके हैं.

- वार्ड 64 से आशा तुनवाल दो बार पार्षद रह चुकी हैं और पिछली बार उनके पुत्र निक्की तुनवाल निर्दलीय पार्षद रहे हैं.

निर्दलीय हेमा गहलोत भी प्रबल दावेदार: भाजपा को छोड़ पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने वार्ड 4 से पत्नी हेमा गहलोत को मैदान में उतारा है. खास बात यह है कि अजमेर उत्तर से विधायक और राजस्थान विधानसभा में अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का यह गृह क्षेत्र वार्ड है. यहां कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा. चर्चा है कि कांग्रेस निर्दलीय प्रत्याशी हेमा गहलोत को समर्थन दे रही है. हेमा गहलोत भी मेयर के लिए प्रबल दावेदार हैं.

कांग्रेस और भाजपा को चुनौती दे रहे बागी: कांग्रेस और भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर कई ने बागी तेवर इख्तियार कर लिए हैं और चुनाव में उतरकर अपनी–अपनी पार्टियों को चुनौती भी दे रहे हैं. बागियों की फेहरिस्त काफी लंबी है. हालांकि 3 अगस्त तक नाम वापसी का समय है. ऐसे में भाजपा और कांग्रेस रूठे को मानने और बागियों को वापस पार्टी की धारा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. इस डेमेज कंट्रोल में संगठन के अलावा अजमेर उत्तर और दक्षिण के विधायक भी जुट गए हैं. वहीं कांग्रेस में भी वरिष्ठ कांग्रेसियों और संगठन के पदाधिकारियों के अलावा आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ और शहर अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल भी जुट गए हैं.

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