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जयपुर के वर्ल्ड हेरिटेज दर्जे पर मंडरा रहा खतरा, हाईकोर्ट ने जताई चिंता

जयपुर के वर्ल्ड हेरिटेज दर्जे पर मंडरा रहा खतरा, हाईकोर्ट ने जताई चिंता जयपुर में हो रहे अवैध निर्माण, अतिक्रमण और पुरानी इमारतों में बदलाव को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है. कोर्ट ने चेताया है कि संभल जाओ…

ABP News के अनुसार30 सितंबर 2026 को 04:05 am बजे
जयपुर के वर्ल्ड हेरिटेज दर्जे पर मंडरा रहा खतरा, हाईकोर्ट ने जताई चिंता

सौजन्य से:- ABP News

जयपुर के वर्ल्ड हेरिटेज दर्जे पर मंडरा रहा खतरा, हाईकोर्ट ने जताई चिंता

जयपुर में हो रहे अवैध निर्माण, अतिक्रमण और पुरानी इमारतों में बदलाव को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है. कोर्ट ने चेताया है कि संभल जाओ वरना शहर का वर्ल्ड हेरिटेज दर्जा छिन सकता है.

जयपुर की पहचान सिर्फ पिंक सिटी के तौर पर नहीं, बल्कि दुनिया की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी है. इस पुराने शहर में लगातार हो रहे अवैध निर्माण, अतिक्रमण और पुरानी इमारतों में बदलाव को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है. कोर्ट ने साफ कहा कि अगर समय रहते हालात नहीं सुधारे गए तो जयपुर के वर्ल्ड हेरिटेज दर्जे पर भी खतरा आ सकता है.

जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर की सिंगल बेंच ने इस मामले में एक खबर का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है. कोर्ट ने कहा कि जयपुर का वॉल्ड सिटी क्षेत्र 2019 में UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट बना था. इसकी खास पहचान यहां की ऐतिहासिक इमारतें, महल, बाजार, गुलाबी रंग की इमारतें और पुरानी शहर की बनावट है.

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जयपुर की वास्तिवक पहचान पर खतरा कैसे?

कोर्ट ने कहा कि पुराने शहर में कई ऐतिहासिक इमारतें बदली या हटाई जा रही हैं और उनकी जगह ऐसे नए निर्माण हो रहे हैं, जो आसपास की पुरानी वास्तुकला से मेल नहीं खाते. इससे जयपुर की ऐतिहासिक पहचान और शहर की एक जैसी वास्तुकला प्रभावित हो रही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि UNESCO की ओर से 2023 और 2025 में भी जयपुर की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा चुकी है.

अदालत ने JDA और जयपुर नगर निगम को पुराने शहर में हुए अवैध और बिना नियम के निर्माण का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं. दोनों को दो हफ्ते में पूरी रिपोर्ट देनी होगी. इसके अलावा चीफ सेक्रेटरी समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों से 11 बिंदुओं पर चार हफ्ते में हलफनामा मांगा गया है. इसमें पिछले पांच साल में हुए अवैध निर्माण, कार्रवाई, नियमों के पालन और जिम्मेदारी तय करने जैसे सवाल शामिल हैं.

कोर्ट ने दी चेतावनी

कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर दिसंबर 2026 तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जयपुर के वर्ल्ड हेरिटेज दर्जे पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. दुनिया में अब तक चार जगहों से UNESCO का वर्ल्ड हेरिटेज दर्जा हटाया जा चुका है. इनमें ओमान का Arabian Oryx Sanctuary, जर्मनी का Dresden Elbe Valley, जॉर्जिया के Historical Monuments of Mtskheta और ब्रिटेन का Liverpool शामिल हैं. अदालत ने मामले में मदद के लिए चार अधिवक्ताओं को न्याय मित्र भी नियुक्त किया है. कोर्ट ने कहा कि पुरानी धरोहर एक बार खत्म हो जाए तो उसे दोबारा बनाया नहीं जा सकता.

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