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निकाय चुनाव: कांग्रेस में महामंथन के बाद भी नहीं निकला समाधान, जयपुर के कई वार्डों के प्रत्याशी चयन पर फंसा पेंच

निकाय चुनाव: कांग्रेस में महामंथन के बाद भी नहीं निकला समाधान, जयपुर के कई वार्डों के प्रत्याशी चयन पर फंसा पेंच जयपुर नगर निकाय चुनाव के टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस में महामंथन जारी है. Published : August 30, 2026 at 8:…

ETV Bharat के अनुसार30 अगस्त 2026 को 04:32 pm बजे
निकाय चुनाव: कांग्रेस में महामंथन के बाद भी नहीं निकला समाधान, जयपुर के कई वार्डों के प्रत्याशी चयन पर फंसा पेंच

सौजन्य से:- ETV Bharat

निकाय चुनाव: कांग्रेस में महामंथन के बाद भी नहीं निकला समाधान, जयपुर के कई वार्डों के प्रत्याशी चयन पर फंसा पेंच

जयपुर नगर निकाय चुनाव के टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस में महामंथन जारी है.

Published : August 30, 2026 at 8:57 PM IST

जयपुर: नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन की सोमवार को अंतिम तिथि है, लेकिन राजधानी जयपुर में कांग्रेस के टिकटों को लेकर सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है. 150 वार्डों में प्रत्याशी चयन को लेकर आम राय बनाने के लिए रविवार शाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर के नेताओं की वॉर रूम में बैठक बुलाई थी.

करीब 2 घंटे तक महामंथन चला, लेकिन इसके बावजूद 150 वार्डों में प्रत्याशी चयन को लेकर आम राय नहीं बन पाई. बैठक में जयपुर कांग्रेस के प्रभारी रोहित बोहरा, विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा भी मौजूद रहे. बैठक का एजेंडा 150 वार्डों में प्रत्याशियों के नाम पर सहमति बनाना था, लेकिन कई वार्डों में दावेदारों की संख्या और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के चलते मामला उलझा रहा.

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तीन विधानसभा क्षेत्रों में आम राय, पांच में सहमति नहीं: दरअसल, आदर्श नगर, सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों के वार्डों में प्रत्याशी चयन को लेकर सहमति बन गई है, लेकिन सांगानेर, बगरू, मालवीय नगर, हवा महल और विद्याधर नगर के कई वार्डों में नामों को लेकर सहमति नहीं बन पाई. इसके बाद डोटासरा ने जयपुर के नेताओं को देर रात तक आपस में चर्चा कर विवादित वार्डों में आम राय बनाने के निर्देश दिए हैं. पार्टी की कोशिश है कि सोमवार को नामांकन दाखिल करने से पहले सभी सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए जाएं.

नेता बोले- कोई विवाद नहीं, दावेदारों की भीड़ ज्यादा: बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने टिकट वितरण को लेकर किसी भी तरह के टकराव से इनकार किया है. पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस में टिकट मांगने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है, इसलिए स्वाभाविक रूप से चयन प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण है. उन्होंने दावा किया कि जयपुर कांग्रेस पूरी तरीके से एकजुट है और चुनाव में पार्टी की सीधी लड़ाई भाजपा से होगी. भाजपा ने पिछले ढाई साल में जयपुर के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया है. सड़क, सफाई और सीवरेज जैसी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं, कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी.

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भाजपा की सूची का इंतजार: प्रताप सिंह ने कहा कि एक रणनीति के तहत हमने कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची को जारी नहीं किया है, क्योंकि हमें अभी भाजपा की सूची का इंतजार है. उसके बाद ही हम प्रत्याशी देखकर रणनीति तय करेंगे और अपने प्रत्याशियों की घोषणा करेंगे. जरूरत पड़ी तो आखिरी समय में भी प्रत्याशी चयन में बदलाव किया जा सकता है.

जयपुर की जनता भाजपा से मांगेगी जवाब: विधायक रफीक खान ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य मिशन-100 है. मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री जयपुर से हैं, उसके बावजूद राजधानी की जनता सड़क, नालियों और जल भराव जैसी समस्याओं से परेशान है. हजारों करोड़ रुपये भरतपुर के विकास पर खर्च किया जा रहे हैं, लेकिन जयपुर की उपेक्षा की जा रही है. जयपुर की जनता इस चुनाव में भाजपा से ढाई साल के काम का हिसाब मांगेगी. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरीके से एकजुट है और एक जाजम पर आकर हम चुनाव लड़ेंगे.

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कांग्रेस के प्रति लोगों में उत्साह: वहीं, विधायक अमीन कागजी ने कहा कि कांग्रेस के प्रति लोगों में उत्साह है. ऐसा पहली बार हो रहा है जब बड़ी संख्या में लोगों ने कांग्रेस का प्रत्याशी बनने के लिए आवेदन किया है. 150 वार्डों के लिए 1300 से ज्यादा आवेदन आए हैं, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पार्टी नेतृत्व के सामने प्रत्याशी चयन को लेकर कितनी बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि 1994 में नगर निगम बनने के बाद पहली बार कांग्रेस में इस तरह का उत्साह देखने को मिल रहा है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के बहुत सारे लोग कांग्रेस के संपर्क में हैं और वे जयपुर में अपना बोर्ड बनाने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा की सूची का इंतजार करना हमारी रणनीति का हिस्सा है.

जयपुर की टिकटों में दिखेंगे Gen Z: वहीं, जयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील शर्मा का दावा है कि जयपुर में कोई विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में आवेदन कांग्रेस में आए हैं, उसे लेकर ही कवायद चल रही है. जयपुर कांग्रेस के प्रत्याशियों में इस बार Gen Z प्रत्याशी ज्यादा देखने को मिलेंगे.

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