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JLF : 20 साल पूरे करने जा रहा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, इस बार 14 जनवरी से होगा

JLF : 20 साल पूरे करने जा रहा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, इस बार 14 जनवरी से होगा डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रसारण और मीडिया नेटवर्क के जरिए इसकी पहुंच एक अरब से ज्यादा दर्शकों तक बताई गई है. Published : September 1, 2026 at 7:22…

ETV Bharat के अनुसार1 सितंबर 2026 को 02:33 pm बजे
JLF : 20 साल पूरे करने जा रहा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, इस बार 14 जनवरी से होगा

सौजन्य से:- ETV Bharat

JLF : 20 साल पूरे करने जा रहा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, इस बार 14 जनवरी से होगा

डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रसारण और मीडिया नेटवर्क के जरिए इसकी पहुंच एक अरब से ज्यादा दर्शकों तक बताई गई है.

Published : September 1, 2026 at 7:22 PM IST

जयपुर: राजस्थान में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) जनवरी 2027 में अपने सफर के 20 साल पूरे करने जा रहा है. जेएलएफ का 20वां संस्करण 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर में होगा. इस बार फेस्टिवल की थीम 'विचारों, कहानियों और संवाद के 20 साल' रखी गई है. 2008 में शुरू JLF अब जयपुर में होने वाले लिटरेचर प्रोग्राम से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख लिटरेचर और सांस्कृतिक मंच के रूप में पहचान बना चुका है.

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के फाउंडर संजॉय के. रॉय ने बताया कि इन दो दशकों में फेस्टिवल ने 8 हजार से ज्यादा लेखकों, वक्ताओं और कलाकारों की मेजबानी की, जबकि 50 लाख से ज्यादा दर्शक इससे जुड़े. डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रसारण और मीडिया नेटवर्क के जरिए इसकी पहुंच एक अरब से ज्यादा दर्शकों तक बताई गई है.

पढ़ें: राजस्थानी भाषा की मान्यता पर साहित्यकार सीपी देवल ने कहा- भाषा को लेकर नहीं दिखी ईमानदारी

साहित्य से आगे कई विषयों पर संवाद : फेस्टिवल की खासियत सिर्फ किताबों और लेखकों तक सीमित नहीं रही. यहां साहित्य के साथ इतिहास, राजनीति, विज्ञान, अर्थशास्त्र, दर्शन, कला, लैंगिक अध्ययन, स्वास्थ्य, प्रवासन और पर्यावरण जैसे विषयों पर भी चर्चा होती रही है. रॉय ने बताया कि फेस्टिवल ने साहित्य और विचारों को आम लोगों की बातचीत का हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. पिछले 20 सालों में नोबेल और बुकर पुरस्कार विजेताओं के साथ राष्ट्राध्यक्षों, अर्थशास्त्रियों, दार्शनिकों, कलाकारों और दुनिया के प्रमुख विचारकों ने भी फेस्टिवल में हिस्सा लिया है.

22 भारतीय भाषाओं में जारी हुई घोषणा : 20वें संस्करण की घोषणा को खास बनाने के लिए इसे भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में एक साथ जारी किया गया है. आयोजकों के मुताबिक, ये फेस्टिवल की बहुभाषी और समावेशी साहित्यिक संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. विभिन्न भाषाओं के लेखकों, अनुवाद सत्रों और बहुभाषी कार्यक्रमों के जरिए क्षेत्रीय साहित्य को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता रहा है.

देश से बाहर विस्तार: खास बात ये है कि फेस्टिवल ने भारत से बाहर भी अपना विस्तार किया है. अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, मध्य पूर्व, मालदीव और आयरलैंड सहित विभिन्न देशों में इसके 15 से ज्यादा संस्करण किए जा चुके हैं. आयोजकों का दावा है कि भारत और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में 300 से ज्यादा साहित्यिक आयोजन और फेस्टिवल खुले साहित्यिक संवाद की इसी संस्कृति से प्रेरित हुए हैं.

राजस्थान के सहयोग को बताया अहम : संजॉय ने इसकी सफलता में राजस्थान सरकार के निरंतर सहयोग को महत्वपूर्ण बताया है. उनके अनुसार, राजस्थान ने फेस्टिवल को न केवल स्थान और सांस्कृतिक माहौल दिया, बल्कि जयपुर को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में भी भूमिका निभाई. फेस्टिवल के जरिए जयपुर और राजस्थान की कला, संस्कृति और विरासत को दुनिया भर के लेखकों और दर्शकों तक पहुंचने का अवसर मिला.

तीसरे दशक की ओर बढ़ेगा फेस्टिवल : 20वां जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर में होगा. समें साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और कला की देश-दुनिया की प्रमुख आवाजें एक मंच पर नजर आएंगी. इसे लेकर फेस्टिवल की सह-निदेशक नमिता गोखले ने कहा, भारत की आत्मा उसकी साहित्यिक विरासत और भाषाई विविधता में बसती है. फेस्टिवल अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश करते हुए नए दर्शकों तक पहुंचने और साहित्य, विचारों और सार्वजनिक विमर्श के लिए एक स्वतंत्र, समावेशी और वैश्विक मंच बने रहने की दिशा में काम करेगा.

पढ़ें: अगले साल 14 जनवरी से होगा JLF, दो नए अवार्ड्स भी दिए जाएंगे

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