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ईवीएम में ‘क्लॉक एरर’ तो भी नहीं रुकेगा मतदान: राजस्थान निकाय चुनाव के लिए आयोग का नया ‘एक्शन प्लान’ - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार10 अगस्त 2026 को 09:15 am बजे
ईवीएम में ‘क्लॉक एरर’ तो भी नहीं रुकेगा मतदान:  राजस्थान निकाय चुनाव के लिए आयोग का नया ‘एक्शन प्लान’ - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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ईवीएम में ‘क्लॉक एरर’ तो भी नहीं रुकेगा मतदान:राजस्थान निकाय चुनाव के लिए आयोग का नया ‘एक्शन प्लान’

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राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने साल 2026 के नगरीय निकाय आम चुनावों को लेकर एक बड़ा और तकनीकी बदलाव किया है। इस बार प्रदेश के शहरों की सरकार चुनने के लिए मध्य प्रदेश की ‘मल्टी पोस्ट मल्टी वोट’ (एमपीएमवी ) मॉडल ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें हैदराबाद की ईसीआईएल (ईसीआईएल) कंपनी ने तैयार किया है।

इस तकनीकी अपग्रेड के साथ ही आयोग ने मतदान दलों के लिए बेहद कड़े और व्यावहारिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग का मुख्य फोकस इस बात पर है कि तकनीकी खराबी के बहाने मतदान की प्रक्रिया में एक मिनट की भी देरी न हो।

मशीन का समय वास्तविक समय से अलग है, तो भी चालू रहेगा मतदान नए नियमों के तहत यदि पोलिंग बूथ पर ईवीएम मशीन चालू करते समय उसके डिस्प्ले पैनल पर ‘क्लॉक एरर’ प्रदर्शित होता है, या फिर मशीन का समय वास्तविक समय से अलग मिलता है, तो भी चुनाव को रोका नहीं जाएगा। अगर मशीन के बाकी सारे फंक्शन सही तरीके से काम कर रहे हैं, तो पीठासीन अधिकारी को कंट्रोल यूनिट (सीयू) बदलने की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थिति के लिए आयोग ने एक विशेष ‘पंचनामा’ (प्रपत्र-1) तैयार किया है, जिस पर पोलिंग एजेंट्स के हस्ताक्षर करवाकर उसे पीठासीन अधिकारी की डायरी के साथ जमा किया जाएगा।

आयोग ने मशीनों को बदलने की प्रक्रिया को दो हिस्सों में बांटा है: मॉक पोल के दौरान: यदि सुबह मॉक पोल के समय बैलेट यूनिट (बीयू) या कंट्रोल यूनिट (सीयू) में से कोई एक खराब होती है, तो केवल उसी खराब यूनिट को बदला जाएगा। वास्तविक मतदान के दौरान: यदि वोटिंग शुरू होने के बाद कोई भी एक यूनिट (बीयू या सीयू ) खराब होती है, तो आयोग कोई रिस्क नहीं लेगा। इस स्थिति में पूरा सेट ( बीयू और सीयू दोनों) बदला जाएगा और नई मशीन लगाने के बाद दोबारा मॉक पॉल कराया जाएगा। इसके अलावा, मतदान के दौरान ‘क्लोज’ बटन की कैप को हमेशा बंद रखने और मतगणना के समय बैकअप के लिए अतिरिक्त बैटरियों को आरक्षित रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं ताकि पूरी चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।

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