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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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गहलोत ने शुभम रेवाड़ को जबरदस्ती पानी पिलाया:पूर्व सीएम बोले- छात्रसंघ चुनाव की मांग बहाल करे सरकार; डोटासरा ने जूस पिलाकर आमरण अनशन तुड़वाया
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राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा खोलने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जबरदस्ती पानी पिलाया। शुभम रेवाड़ 14 दिन से आमरण अनशन कर रहे हैं। छात्र नेता शुभम
इस दौरान गहलोत ने छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की। गहलोत ने कहा- छात्रसंघ चुनाव बहाल करना छात्रों की पूरी तरह जायज मांग है। सरकार को इसे अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखना चाहिए। उन्होंने कहा- छात्र राजनीति लोकतंत्र की पहली पाठशाला होती है और देश के अनेक बड़े नेता छात्रसंघ चुनावों से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचे हैं।
वहीं कलेक्टर संदेश नायक शाम को शुभम रेवाड़ से मिलने SMS हॉस्पिटल पहुंचे। कलेक्टर ने बताया- प्रशासन ने विश्वविद्यालय में 'राजस्थानी भाषा विभाग' खोलने की मांग को स्वीकार कर लिया है।
कई केंद्रीय मंत्री से लेकर बड़े नेता छात्र राजनीति से आगे बढ़े
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- केंद्रीय मंत्री रहे अरुण जेटली से लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़, कांग्रेस के रघु शर्मा, महेश जोशी और मैं खुद छात्र राजनीति से आगे बढ़े हैं। छात्रसंघ चुनाव युवाओं को नेतृत्व विकसित करने का अवसर देते हैं, इसलिए इन्हें बहाल किया जाना चाहिए।
GEN-Z आंदोलन के बाद भी सरकार नहीं चेती
अशोक गहलोत ने कहा- देश में हाल ही GEN-Z आंदोलन के बाद जो परिस्थितियां बनीं। इसके बावजूद राजस्थान सरकार छात्रों की मांग को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा- छात्र लगातार अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन सरकार का रवैया संवेदनशील नहीं दिख रहा।
गहलोत ने कहा- 14 दिनों से एक छात्र भूख हड़ताल पर बैठा है और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने बताया- मुलाकात के दौरान मैंने शुभम रेवाड़ को जबरदस्ती पानी पिलाया, क्योंकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।
मुख्यमंत्री को खुद हस्तक्षेप करना चाहिए
अशोक गहलोत ने कहा- इस मामले में मुख्यमंत्री को खुद हस्तक्षेप कर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने बताया- इस संबंध में मैंने जयपुर जिला कलेक्टर से भी बातचीत की है। छात्रों की मांग सरकार तक पहुंचाई है।
उन्होंने कहा- मैंने शुभम रेवाड़ से भी आग्रह किया है कि अगर सरकार बुधवार शाम तक निर्णय नहीं लेती है, तब भी वह अनशन समाप्त करने पर विचार करें। लगातार अनशन से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
गुरुचरण छाबड़ा की हो गई थी मौत
गहलोत ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा- सामाजिक कार्यकर्ता गुरुचरण छाबड़ा ने मेरे शासनकाल में तीन बार अनशन किया था। हर बार मैं खुद उनसे मिलने पहुंचा था। गहलोत ने आरोप लगाया- बाद में भाजपा सरकार के दौरान अनशन के समय गुरुचरण छाबड़ा की मृत्यु हो गई, जो सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
गहलोत ने कहा- जनहित के मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ संवाद करना चाहिए। किसी भी स्थिति को इतना गंभीर नहीं बनने देना चाहिए कि किसी की जान पर बन आए।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा
अशोक गहलोत ने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा- महिलाओं के लिए शुरू की गई एंबुलेंस सेवा एक साल से बंद पड़ी है, जिससे महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, लेकिन शासन और प्रशासन इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने और स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी संचालन की दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की।
डोटासरा ने पिलाया जूस
छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने आखिरकार अनशन समाप्त कर दिया। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक मुकेश भाकर और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शाम को अस्पताल पहुंचकर शुभम रेवाड़ से मुलाकात की। इसके बाद समझाइश कर जूस पिलाकर शुभम का अनशन तुड़वाया।
मुलाकात के दौरान नेताओं ने शुभम के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए कहा- छात्र हितों की लड़ाई के लिए उनका स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है। इस मुद्दे को उठाने के कई अन्य लोकतांत्रिक तरीके हैं। कांग्रेसी नेताओं के आग्रह को स्वीकार करते हुए शुभम रेवाड़ ने अनशन समाप्त किया। साथ ही कहा- छात्रसंघ चुनाव कराने और अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
कलेक्टर मिलने पहुंचे, राजस्थानी विभाग खोलने की मांग की स्वीकार
राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की बहाली और राजस्थानी भाषा विभाग की मांग को लेकर अनशन कर रहे छात्र नेता शुभम रेवाड़ से मिलने जयपुर कलेक्टर संदेश नायक शाम को SMS हॉस्पिटल पहुंचे। कलेक्टर ने बताया- प्रशासन ने विश्वविद्यालय में जल्द 'राजस्थानी भाषा विभाग' खोलने की मांग को स्वीकार कर लिया है। वहीं छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग पर कलेक्टर ने उच्च स्तर पर सरकार से बातचीत कर जल्द सकारात्मक निर्णय निकालने का ठोस आश्वासन दिया।
इन मांगों पर आमरण अनशन कर रहे थे छात्रनेता शुभम
बता दें कि राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने के साथ ही राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा का विभाग खोलने की मांग को लेकर शुभम 14 दिनों से आमरण अनशन पर रहे। उनकी तबीयत इतनी ज्यादा बिगड़ गई है कि उन्हें सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के आईसीयू में एडमिट करवाया गया है। अब तक उनकी मांग पर सहमति नहीं बन पाई है। इसकी वजह से उनका आमरण अनशन फिलहाल जारी है।
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