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Dainik Bhaskar के अनुसार11 जुलाई 2026 को 04:16 am बजे
पुलिस ने बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर जारी की एडवाइजरी:  कहा- ठगों के झांसे में नहीं आएं लोग, निवेश के नाम पर कर रहे लाखों की धोखाधड़ी - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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पुलिस ने बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर जारी की एडवाइजरी:कहा- ठगों के झांसे में नहीं आएं लोग, निवेश के नाम पर कर रहे लाखों की धोखाधड़ी

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राजस्थान में बढ़ते ऑनलाइन निवेश (इन्वेस्टमेंट) फ्रॉड को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी Paytm Money और Nuvama AMC जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों के नाम पर फर्जी वॉट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बना रहे हैं।

सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापनों के जरिए लोगों को फंसाकर नकली निवेश प्लेटफॉर्म और फर्जी ऐप के माध्यम से लाखों रुपए की धोखाधड़ी की जा रही है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री स्टॉक एनालिसिस, स्पेशल इन्वेस्टमेंट ऑफर और गारंटीड रिटर्न जैसे लुभावने विज्ञापन चलाते हैं। इन विज्ञापनों में Paytm Money और Nuvama AMC जैसी विश्वसनीय कंपनियों के नाम, लोगो और अधिकारियों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीता जाता है।

ऐसे होती है निवेश ठगी

साइबर पुलिस के अनुसार, विज्ञापन पर क्लिक करते ही व्यक्ति को एक संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा जाता है, जहां "Apply to Join" या "Join WhatsApp Group" का विकल्प दिखाई देता है। इसके बाद पीड़ित को फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया जाता है, जहां खुद को कंपनी का अधिकारी या निवेश विशेषज्ञ बताने वाले ठग अधिक मुनाफे और गारंटीड रिटर्न का लालच देते हैं।

इसके बाद पीड़ित से फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड कराया जाता है या नकली ट्रेडिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाया जाता है। ये प्लेटफॉर्म असली निवेश ऐप की तरह दिखाई देते हैं। फिर अलग-अलग बैंक खातों में जल्द से जल्द निवेश राशि जमा कराने का दबाव बनाया जाता है और रकम जमा होते ही साइबर ठग संपर्क तोड़ देते हैं।

SEBI पंजीकृत कंपनियां नहीं देतीं वॉट्सऐप पर निवेश सलाह

राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी SEBI पंजीकृत वित्तीय संस्था या निवेश कंपनी व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापन या फर्जी ऐप के माध्यम से गारंटीड रिटर्न का वादा कर निवेश करने के लिए नहीं कहती। ऐसे किसी भी प्रस्ताव को संदेह की नजर से देखें और पहले उसकी सत्यता की जांच करें।

संदेह होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि आपके साथ इस प्रकार की साइबर ठगी होती है या ऐसा कोई प्रयास किया जाता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दें।

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