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भर्ती परीक्षाओं में जनेऊ, मंगलसूत्र, बिंदी, माला उतरवाने का प्रावधान नहीं; उदयपुर और जयपुर में मिलीं शिकायतें - Jaipur News

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Dainik Bhaskar के अनुसार26 अगस्त 2026 को 12:57 am बजे
भर्ती परीक्षाओं में जनेऊ, मंगलसूत्र, बिंदी, माला उतरवाने का प्रावधान नहीं; उदयपुर और जयपुर में मिलीं शिकायतें - Jaipur News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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भर्ती परीक्षाओं में जनेऊ, मंगलसूत्र, बिंदी, माला उतरवाने का प्रावधान नहीं; उदयपुर और जयपुर में मिलीं शिकायतें

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राजस्थान लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं में जनेऊ, मंगलसूत्र, बिंदी, माला आदि धार्मिक प्रतीक उतरवाने का नियम नहीं है। इसके बावजूद कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं में दो अभ्यर्थियों से प्रतीक हटवाने की शिकायतें मिली हैं। डीडवाना विधायक यूनुस खान के सवाल पर सरकार ने विधानसभा में जानकारी दी।

सरकार ने प्रतीक उतरवाए जाने से इनकार किया, लेकिन दो शिकायतें मिलने की बात मानी। परीक्षा की शुचिता और संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा आयोग और चयन बोर्ड की जिम्मेदारी है। शिकायतकर्ताओं में उदयपुर के आयड़ स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के अभ्यर्थी जीवन सैनी और जयपुर के टोंक फाटक स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के अभ्यर्थी हरेन दवे शामिल हैं। दोनों केंद्रों पर बोर्ड की गाइडलाइन के अनुरूप जांच की गई।

सिख अभ्यर्थियों को कड़ा-कृपाण की अनुमति

सिख अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण और पगड़ी धारण कर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति है। इसके लिए 4 दिसंबर 2019 और 29 जुलाई 2025 को परिपत्र जारी हुए हैं। धार्मिक प्रतीकों के अपमान संबंधी अभ्यावेदन आयोग प्रशासन को दिए जाते हैं। कुछ मामलों में आयोग ने कार्रवाई आवश्यक नहीं मानी।

परीक्षा सिस्टम हाईटेक करने की मांग; विप्र महासभा के संस्थापक सुनील उदेईया ने कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष को धार्मिक प्रतीक नहीं हटाने के लिए अवगत कराया था। अध्यक्ष ने निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने परीक्षा सिस्टम दुरुस्त और हाईटेक करने की मांग की।

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