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जयपुर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा : खास संयोजन और परंपरा का निर्माण

जयपुर में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें गुप्त वृंदावन धाम की ओर से रिमोट आधारित हाइड्रोलिक रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक साथ निकलेंगे. पहली बार पुरी की परंपरा के अनुरूप तीन अलग-अलग रथ नगर भ्रमण करेंगे. यात्रा में श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन, महाप्रसाद और रथ खींचने का सौभाग्य मिलेगा.

ETV Bharat के अनुसार16 जुलाई 2026 को 04:02 am बजे
जयपुर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा : खास संयोजन और परंपरा का निर्माण

सौजन्य से:- ETV Bharat

Jagannath Rath Yatra in Jaipur : कहीं रिमोट से संचालित होगा हाइड्रोलिक रथ, तो कहीं राजपरिवार निभाएगा छेरा पहरा की परंपरा

जयपुर में 16 जुलाई को निकलेंगी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्राएं. जानिए क्या होगा खास...

Published : July 15, 2026 at 7:59 PM IST

जयपुर: छोटी काशी में 16 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा. एक ओर गुप्त वृंदावन धाम की ओर से कलेक्ट्रेट सर्किल से रिमोट आधारित हाइड्रोलिक रथ पर भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली जाएगी, वहीं दूसरी ओर गोविंद देव जी मंदिर से निकलेगी. जहां पुरी मंदिर की परंपरा के अनुरूप पहली बार तीन अलग-अलग रथ रवाना होंगे.

गुप्त वृंदावन धाम की रथ यात्रा : गुप्त वृंदावन धाम की ओर से निकाली जा रही रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक ही विशेष रिमोट आधारित हाइड्रोलिक रथ पर विराजमान होंगे. ये रथ बिजली के तारों से सुरक्षित गुजरने के लिए अपनी ऊंचाई कम-ज्यादा कर सकेगा. रथ को पुरी की तर्ज पर लाल और पीले वस्त्रों से सजाया गया है.

यात्रा कलेक्ट्रेट सर्किल (जयपुर होटल) से शुरू होकर पांचबत्ती, एमआई रोड, अल्बर्ट हॉल होते हुए रामनिवास बाग स्थित श्री शिव सत्संग भवन पहुंचेगी, जहां महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ इसका समापन होगा. यात्रा से एक दिन पहले शहर के विभिन्न मंदिरों में मंदिर मार्जन सेवा (सफाई अभियान) भी आयोजित की गई. गुप्त वृंदावन धाम के प्रवक्ता सिद्ध स्वरूप दास ने बताया कि ये यात्रा भगवान कृष्ण के वृंदावनवासियों के प्रति प्रेम की स्मृति में निकाली जाती है. यात्रा में श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन, महाप्रसाद और रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त होगा.

पुरी की परंपरा पर पहली बार तीन अलग-अलग रथ : वहीं, शहर में चतुर्थ जयपुर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा - 2026 भी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी. पहली बार भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा तीन अलग-अलग रथों पर नगर भ्रमण करेंगे. ये यात्रा शाम 5 बजे गोविंद देवजी मंदिर से शुरू होगी और जलेबी चौक, पुरानी विधानसभा, हवामहल रोड, बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़ और त्रिपोलिया गेट होते हुए चांदनी चौक स्थित श्री बृजनिधि (गुंडिचा) मंदिर पहुंचेगी.

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इस यात्रा में 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है. वहीं, रथ यात्रा शुरू होने से पहले जयपुर का पूर्व राजपरिवार पारंपरिक 'छेरा पहरा' (रथ बुहारने की रस्म) निभाएगा। यात्रा मार्ग पर महा व्यापार संघ की ओर से 500 किलो गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्पवर्षा की जाएगी. रथ यात्रा के बाद भगवान श्री जगन्नाथ नौ दिनों तक श्री बृजनिधि (गुंडिचा) मंदिर में विराजमान रहेंगे, जहां पुरी के पुजारियों की देखरेख में कथा, भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महाप्रसाद वितरण होगा.

तीनों रथों की खासियत :

- नंदिघोष - भगवान जगन्नाथ का लाल-पीले रंग का एडजस्टेबल रथ.

- दर्पदलन - देवी सुभद्रा का लाल-काले रंग का रथ, जिसकी सुरक्षा में मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षित महिलाओं की टीम चलेगी.

- तालध्वज - भगवान बलभद्र का लाल एवं नीला-हरा रंग का रथ.

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