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IIT कोटा का दीक्षांत समारोह: बिरला बोले-आने वाला समय भारत के युवाओं का, जो टेक्नोलॉजी में करेंगे दुनिया को लीड

IIT कोटा का दीक्षांत समारोह: बिरला बोले-आने वाला समय भारत के युवाओं का, जो टेक्नोलॉजी में करेंगे दुनिया को लीड ट्रिपल आईटी कोटा का पांचवां दीक्षांत समारोह रानपुर कैंपस में हुआ. 203 विद्यार्थियों को उपाधियां वितरित की गई.…

ETV Bharat के अनुसार10 जुलाई 2026 को 03:56 pm बजे
IIT कोटा का दीक्षांत समारोह: बिरला बोले-आने वाला समय भारत के युवाओं का, जो टेक्नोलॉजी में करेंगे दुनिया को लीड

सौजन्य से:- ETV Bharat

IIT कोटा का दीक्षांत समारोह: बिरला बोले-आने वाला समय भारत के युवाओं का, जो टेक्नोलॉजी में करेंगे दुनिया को लीड

ट्रिपल आईटी कोटा का पांचवां दीक्षांत समारोह रानपुर कैंपस में हुआ. 203 विद्यार्थियों को उपाधियां वितरित की गई.

Published : July 10, 2026 at 6:41 PM IST

कोटा: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इनफर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) कोटा का पांचवां दीक्षांत समारोह रानपुर स्थित कैंपस में शुक्रवार को हुआ. इसमें 203 विद्यार्थियों को उपाधियां वितरित की गई. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, कठिन मेहनत, शिक्षण व प्रशिक्षण से उपाधि मिली है. वास्तविक जीवन शुरू होगा. फैकल्टी ने भी अपना ज्ञान आपको आगे बढ़ाने को दिया है. जितना भी सीखा है, देश को देने का समय आ गया. ऐसा काम करें कि देश व दुनिया में भारत का गौरव बढ़े. प्लेसमेंट भी ट्रिपल आईटी में 95 फीसदी हुआ है, पैकेज भी अच्छे मिले हैं. पैकेज से ज्यादा देश को योगदान देने का समय है. तकनीकी, विज्ञान अंतरिक्ष ज्ञान में भारत के नौजवान अपना स्थान विश्व में बना रहे हैं.

भारत का सामर्थ्य और साख बढ़ रही: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि युवाओं के तकनीकी इनोवेशन, चिंतन व रिसर्च के चलते दुनिया में सबसे ज्यादा मांग हमारे युवाओं की है. अब भारत दुनिया में नेतृत्व कर रहा है. यहां के युवा रिसर्च व इनोवेशन के जरिए वैश्विक समस्याओं का समाधान कर रहे हैं. इससे भारत का सामर्थ्य और साख बढ़ रही है. बिरला ने कहा कि कोटा में आईआईटी की मांग थी. उनमें पढ़ रहे स्टूडेंट ने देश और दुनिया में नाम किया, लेकिन ट्रिपल आईटी के स्टूडेंट्स ने भी बड़े कीर्तिमान हासिल किए. यह समय तकनीकी विज्ञान व एआई का है. अभी इनोवेशन व रिसर्च के लिए संसाधनों की कमी हैं. दिल्ली में ट्रिपल आईटी कोटा के लिए बैठक की थी. यह देश के नवाचार और रिसर्च का नया केंद्र बने. इस हाई लेवल मीटिंग के परिणाम जरूर आएंगे. कोटा ट्रिपल आईटी की कैंपस की पहले क्षमता 1100 से बढ़कर 5000 की जाएगी और बाद में 25000 तक ले जाया जाएगा.

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नए विषय में कोर्स की जरूरत: बिरला ने कहा कि टेक्नोलॉजी काफी जल्दी बदल रही है. हमें बदलाव के साथ चलना पड़ेगा. दुनिया के कई देशों के सामने युवा जनसंख्या नहीं होने की चुनौती है. इनमें जापान, दक्षिण कोरिया, रूस व कनाडा शामिल हैं. वहां केवल लैंग्वेज प्रॉब्लम आती है. आने वाले समय में आज व भविष्य की जरूरत के अनुसार कोर्स शुरू किया जा सकता है. इनमें साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी व क्वांटम कंप्यूटिंग शामिल है. दुनिया की सेमीकंडक्टर कंपनियां पहली बार अमेरिका व यूरोप से बाहर आ रही है. अब ये भारत आने को तैयार हैं.

प्लेसमेंट प्रतिशत 95.23%: कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ट्रिपल आईटी कोटा के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष व रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने कहा, दीक्षांत समारोह प्रत्येक छात्र के जीवन में निर्णायक होता है. हर स्टूडेंट के लिए पेरेंट्स और टीचर्स की इस शिक्षक की यात्रा में योगदान रहता है. उन सबके लिए यह सेटिस्फेक्शन का टाइम है.ट्रिपल आईटी कोटा प्लेसमेंट में रिकॉर्ड बना रहा है. इस साल प्लेसमेंट प्रतिशत 95.23% है.

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247 बीटेक स्टूडेंट को 8.47 करोड़ की फैलोशिप : ट्रिपल आईटी कोटा के निदेशक प्रो. एनपी पाढ़ी ने कहा कि संस्थान की मजबूती इन्नोवेशंस और इंडस्ट्री इंगेजमेंट से हो रही है. शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने को कॉम्प्रिहेंशन व ट्रांसपेरेंट इवोल्यूशन फ्रेमवर्क तैयार किया. ग्रेडिंग पॉइंट सिस्टम पूरी तरह फेयर और ट्रांसपेरेंट है. हमारे 247 बीटेक स्टूडेंट को 8.47 करोड़ की फैलोशिप मिली, जबकि 23 स्टूडेंट्स को 8.45 लाख की स्कॉलरशिप मिली.

5000 स्टूडेंट्स को पढ़ाने का टारगेट: प्रो. पाढ़ी ने कहा कि ट्रिपल आईटी में अभी 1100 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं. आने वाले कुछ सालों में 5000 से आसपास विद्यार्थी यहां पढ़ सकें, इस पर काम हो रहा है. ग्लोबल डिमांड के आधार पर स्टडी करवा रहे हैं.भविष्य की मांग देखते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डाटा साइंस, मशीन लर्निंग, वीएलएसआई व सेमीकंडक्टर के फील्ड में पढ़ा रहे हैं.

7 छात्राएं व 196 छात्र को डिग्री: प्रो. पाढ़ी ने बताया, दीक्षांत समारोह में 203 डिग्रियां दी. इनमें बीटेक की 197, एमटेक के चार और पीएचडी की दो है. साल 2021 बैच के बीटेक ग्रेजुएट 197 स्टूडेंट्स को उपाधि दी. इसमें 192 छात्र व 5 छात्राएं हैं. इनमें बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के श्रेयांश जैन के सीजीपीए 9.11 को मिला जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के हर्षित अरोड़ा के 9.21 सीजीपीए पर गोल्ड मेडलिस्ट है. हालांकि हर्षित कार्यक्रम में नहीं आए. एमटेक उपाधि भानु कोम्माबाथुला, श्रीजा नंदी, फिरोज एस दादापीर एवं श्रेयांश यादव को दी. ये सभी कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग स्पेशलाइजेशन इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डाटा साइंस के चार स्टूडेंट हैं. ये सभी स्टूडेंट 2025 में पास आउट हैं.

पहली बार अवॉर्ड हुई पीएचडी: ट्रिपल आईटी से पहली बार पीएचडी अवॉर्ड की गई. पीएचडी की डिग्री प्रतीक शर्मा और दुर्गेश कुमार को दी गई. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में पीएचडी करने वाले प्रतीक शर्मा ने अपबी रिसर्च में लिखने में दिक्कत वाले डिसग्राफिया पीड़ित स्टूडेंट पर रिसर्च की. उनके लिए एआई मॉडल भी बनाया. इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में पीएचडी करने वाले दुर्गेश कुमार ने फाइबर नेटवर्क प्रॉब्लम पर रिसर्च की. फायबर नेटवर्क की मदद से चलने वाली डिवाइस का नेटवर्क गायब नहीं हो, इस पर रिसर्च की.

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